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Panipat News: निर्दलीय रेवड़ी को मनाने पहुंचे ढांडा, चुनाव मैदान में 36 प्रत्याशी मैदान में डटे
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पानीपत। विधानसभा चुनाव में नामांकन उठाने के दिन सुबह से दोपहर तक रुठों को समझाने और मनाने का दौर चलता रहा। पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा निर्दलीय रेवड़ी को मनाने पहुंचे, लेकिन वे नहीं मानीं। इसराना विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय सरिता मोर ने पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का फोन आने के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। इस तरह पानीपत की चारों विधानसभाओं में छह लोगों ने अपने नामांकन वापस लिए हैं। इस तरह अब 36 प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। चारों विधानसभा में मुख्य दलों के साथ निर्दलीय के मैदान में डटे रहने से मुकाबला तिकोनिया बना दिया है।
कांग्रेस से बागी होकर पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय मैदान में उतरीं पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी को मनाने निवर्तमान पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा पहुंचे। उन्होंने करीब पौने घंटे रोहिता रेवड़ी व उनके पति सुरेंद्र रेवड़ी से बात की और भाजपा में वापस आने की पेशकश की। रेवड़ी दंपति ने बिरादरी का हवाला देकर चुनाव मैदान से पीछे न हटने की बात कहकर चुनाव लड़ने की बात स्पष्ट कर दी। वहीं अंदरखाते पानीपत ग्रामीण विस क्षेत्र के प्रत्याशी विजय जैन को भी मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भी अडिग रहे। विधानसभा चुनाव को लेकर सोमवार सुबह 11 से तीन बजे तक नामांकन वापस लेने का दिन रहा।
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से सचिन जैन ने नामांकन वापस लिया। सचिन जैन निर्दलीय विजय जैन के कंवरिंग थे। इसी तरह महिपाल ढांडा के दो कवरिंग ने नामांकन वापस लिया है। इसराना विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित से आशु देवी व सरिता ने नामांकन वापस लिया है। आशु शेरा भाजपा के बागी सत्यवान शेरा की पत्नी हैं। सत्यवान शेरा निर्दलीय चुनाव मैदान में डटे हैं। सरिता ने जजपा से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र से नितिन गहलोत व केवल सिंह ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। समालखा विधानसभा क्षेत्र से विक्रम ने अपना नामांकन वापस लिया। उन्होंने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली के कवरिंग के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था।
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यहां इस तरह बन रहे समीकरण
पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रमोद विज और कांग्रेस के वरिंद्र सिंह बुल्ले शाम मैदान में आमने-सामने हैं। निर्दलीय पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी विधानसभा में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। वे निगम पार्षद के साथ 2014 में भाजपा के टिकट पर विधायक बन चुकी हैं। उन्होंने 2014 में प्रदेश में बड़ी जीत दर्ज की थी। उनका 2019 में भाजपा से टिकट कट गया था। लोकसभा चुनाव-2024 से पहले रेवड़ी भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई थी। रेवड़ी ने शहरी विस क्षेत्र से टिकट न मिलने पर कांग्रेस से इस्तीफा देकर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। निवर्तमान पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा दोपहर बाद करीब दो बजे उनके सेक्टर-12 आवास पर पहुंचे। यहां उनसे लंबी बात की और भाजपा में वापस आने तक की पेशकश की। रोहिता रेवड़ी ने कहा कि वे बिरादरी के फैसले के साथ हैं। रोहिता रेवड़ी इसके बाद अपना चुनाव चिह्न लेकर प्रचार में लग गई।
पानीपत ग्रामीण विधानसभ क्षेत्र में भाजपा के महिपाल ढांडा और कांग्रेस के सचिन कुंडू हैं। यहां निर्दलीय विजय जैन हलके में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। वे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस में टिकट नहीं मिला तो इस्तीफा देकर निर्दलीय मैदान में उतर आए थे। समालखा में कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर और भाजपा के मनमोहन भड़ाना आमने सामने हैं। यहां पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली इस बार भी निर्दलीय मैदान में हैं। ऐसे में यहां पर भी मुकाबला रोचक हो बन गया है। इसराना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार और कांग्रेस के विधायक बलबीर वाल्मीकि मैदान में हैं। यहां भाजपा के बागी सत्यवान शेरा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इनके साथ राकेश सरोहा भी निर्दलीय मैदान में हैं।
यहां इतने प्रत्याशी
विस क्षेत्र प्रत्याशी
पानीपत ग्रामीण 11
पानीपत शहरी 11
समालखा 07
इसराना 07
कुल 36
वर्जन :
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि चारों विधानसभा क्षेत्र से छह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। नामांकन पत्र वापस लेने वालों में चार पुरुष में दो महिलाएं शामिल हैं।
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कांग्रेस से बागी होकर पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय मैदान में उतरीं पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी को मनाने निवर्तमान पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा पहुंचे। उन्होंने करीब पौने घंटे रोहिता रेवड़ी व उनके पति सुरेंद्र रेवड़ी से बात की और भाजपा में वापस आने की पेशकश की। रेवड़ी दंपति ने बिरादरी का हवाला देकर चुनाव मैदान से पीछे न हटने की बात कहकर चुनाव लड़ने की बात स्पष्ट कर दी। वहीं अंदरखाते पानीपत ग्रामीण विस क्षेत्र के प्रत्याशी विजय जैन को भी मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भी अडिग रहे। विधानसभा चुनाव को लेकर सोमवार सुबह 11 से तीन बजे तक नामांकन वापस लेने का दिन रहा।
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जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से सचिन जैन ने नामांकन वापस लिया। सचिन जैन निर्दलीय विजय जैन के कंवरिंग थे। इसी तरह महिपाल ढांडा के दो कवरिंग ने नामांकन वापस लिया है। इसराना विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित से आशु देवी व सरिता ने नामांकन वापस लिया है। आशु शेरा भाजपा के बागी सत्यवान शेरा की पत्नी हैं। सत्यवान शेरा निर्दलीय चुनाव मैदान में डटे हैं। सरिता ने जजपा से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र से नितिन गहलोत व केवल सिंह ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। समालखा विधानसभा क्षेत्र से विक्रम ने अपना नामांकन वापस लिया। उन्होंने निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली के कवरिंग के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था।
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पानीपत शहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रमोद विज और कांग्रेस के वरिंद्र सिंह बुल्ले शाम मैदान में आमने-सामने हैं। निर्दलीय पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी विधानसभा में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। वे निगम पार्षद के साथ 2014 में भाजपा के टिकट पर विधायक बन चुकी हैं। उन्होंने 2014 में प्रदेश में बड़ी जीत दर्ज की थी। उनका 2019 में भाजपा से टिकट कट गया था। लोकसभा चुनाव-2024 से पहले रेवड़ी भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई थी। रेवड़ी ने शहरी विस क्षेत्र से टिकट न मिलने पर कांग्रेस से इस्तीफा देकर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है। निवर्तमान पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा दोपहर बाद करीब दो बजे उनके सेक्टर-12 आवास पर पहुंचे। यहां उनसे लंबी बात की और भाजपा में वापस आने तक की पेशकश की। रोहिता रेवड़ी ने कहा कि वे बिरादरी के फैसले के साथ हैं। रोहिता रेवड़ी इसके बाद अपना चुनाव चिह्न लेकर प्रचार में लग गई।
पानीपत ग्रामीण विधानसभ क्षेत्र में भाजपा के महिपाल ढांडा और कांग्रेस के सचिन कुंडू हैं। यहां निर्दलीय विजय जैन हलके में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। वे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस में टिकट नहीं मिला तो इस्तीफा देकर निर्दलीय मैदान में उतर आए थे। समालखा में कांग्रेस के धर्म सिंह छौक्कर और भाजपा के मनमोहन भड़ाना आमने सामने हैं। यहां पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली इस बार भी निर्दलीय मैदान में हैं। ऐसे में यहां पर भी मुकाबला रोचक हो बन गया है। इसराना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार और कांग्रेस के विधायक बलबीर वाल्मीकि मैदान में हैं। यहां भाजपा के बागी सत्यवान शेरा निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इनके साथ राकेश सरोहा भी निर्दलीय मैदान में हैं।
यहां इतने प्रत्याशी
विस क्षेत्र प्रत्याशी
पानीपत ग्रामीण 11
पानीपत शहरी 11
समालखा 07
इसराना 07
कुल 36
वर्जन :
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि चारों विधानसभा क्षेत्र से छह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। नामांकन पत्र वापस लेने वालों में चार पुरुष में दो महिलाएं शामिल हैं।