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डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने सल्फास खाकर की आत्महत्या, चार पेज का सुसाइड नोट छोड़ा
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पानीपत। चक्रवर्ती शर्मा। फाइल फोटो।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। बिजली निगम के सेवानिवृत्त कर्मियों की ग्रेच्युटी और भत्तों के फर्जी भुगतान में नाम आने से आहत बिजली विभाग के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (हेड क्लर्क) ने आत्महत्या कर ली। बुधवार को समालखा डिवीजन के कार्यालय में उन्होंने सल्फास खा लिया था। चार पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने यमुनानगर स्थित बिलासपुर बिजली निगम के एक्सईएन, एलडीसी और एकाउंटेंट समेत चार पर गबन करने का आरोप लगाया है। यह भी कहा है कि चारों उस पर रकम भरने का दबाव बना रहे थे जबकि वह बेकसूर है। समालखा थाना पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर चारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
करनाल के हांसी रोड स्थित शिवाजी कॉलोनी निवासी चक्रवर्ती शर्मा (50) बिजली निगम में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट थे। यमुनानगर से स्थानांतरित होकर 19 जनवरी को पानीपत के समालखा डिवीजन में आए थे। उनके खिलाफ बिलासपुर थाना में एक्सईएन नीरज कांबोज की शिकायत पर बीते सप्ताह गबन के आरोप में केस दर्ज कराया गया जबकि एक्सईएन को भ्रष्टाचार के आरोप में पानीपत की सीआईए-2 ने गिरफ्तार कर रिमांड पर ले रखा है।
एक्सईएन ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि जुलाई 2021 में बिलासपुर में बतौर एक्सईएन आने के बाद पता चला कि कार्यालय में अकाउंटेंट योगेश लांबा और क्लर्क राघव वधावन ने सरकारी फंड का दुरुपयोग किया है। इसमें डिप्टी सुपरिंटेंडेंट चक्रवर्ती शर्मा और राकेश नंदा की भी संलिप्तता है। इसी के बाद से चक्रवर्ती शर्मा परेशान थे।
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बुधवार की वह घर से कार्यालय पहुंचे और करीब सवा 10 बजे सल्फास की गोली खा ली। स्टाफ के सदस्य उन्हें पहले गांव मनाना स्थित स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। उसके बाद बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित प्रेम अस्पताल लाया गया, जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चक्रवर्ती के दो बेटे, दोनों कनाडा में रहते हैं
चक्रवर्ती शर्मा का बड़ा बेटा यश और छोटा बेटा नीलमणि उर्फ नील कनाडा में रहते हैं। बड़ा बेटा करीब आठ साल पहले कनाडा चला गया था, जिसे स्थायी नागरिकता भी मिल चुकी है जबकि छोटा बेटा दो साल पहले ही कनाडा गया था। पत्नी सीमा गृहिणी है।
चार पेज के सुसाइड नोट में लिखा... मैं बेकसूर हूं
चक्रवर्ती शर्मा के पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने लिखा कि उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। एक्सईएन नीरज कांबोज, एलडीसी राघव, अकाउंटेंट ने मिलकर भ्रष्टाचार किया और उस पर गबन हुए रुपयों को लौटाने का दबाव बना रहे हैं। मैं बेकसूर हूं, मैंने हमेशा ईमानदारी और निष्ठा से काम किया है।
एक्सईएन और एकाउंटेंट को सीआईए ने रिमांड पर ले रखा है
बिजली निगम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और भत्तों के फर्जी भुगतान के मामले में करीब 65 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के सुबूत सीआईए-2 पानीपत ने जुटाए। सीआईए-2 इस मामले में बिजली निगम बिलासपुर के एक्सईएन और डिविजनल अकाउंटेंट गिरफ्तार किया, जिन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पत्नी की शिकायत पर एक्सईएन नीरज कांबोज, एलडीसी राघव, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट राकेश नंदा और एकाउंटेंट के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
- इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, समालखा
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करनाल के हांसी रोड स्थित शिवाजी कॉलोनी निवासी चक्रवर्ती शर्मा (50) बिजली निगम में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट थे। यमुनानगर से स्थानांतरित होकर 19 जनवरी को पानीपत के समालखा डिवीजन में आए थे। उनके खिलाफ बिलासपुर थाना में एक्सईएन नीरज कांबोज की शिकायत पर बीते सप्ताह गबन के आरोप में केस दर्ज कराया गया जबकि एक्सईएन को भ्रष्टाचार के आरोप में पानीपत की सीआईए-2 ने गिरफ्तार कर रिमांड पर ले रखा है।
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एक्सईएन ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि जुलाई 2021 में बिलासपुर में बतौर एक्सईएन आने के बाद पता चला कि कार्यालय में अकाउंटेंट योगेश लांबा और क्लर्क राघव वधावन ने सरकारी फंड का दुरुपयोग किया है। इसमें डिप्टी सुपरिंटेंडेंट चक्रवर्ती शर्मा और राकेश नंदा की भी संलिप्तता है। इसी के बाद से चक्रवर्ती शर्मा परेशान थे।
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बुधवार की वह घर से कार्यालय पहुंचे और करीब सवा 10 बजे सल्फास की गोली खा ली। स्टाफ के सदस्य उन्हें पहले गांव मनाना स्थित स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। उसके बाद बिशन स्वरूप कॉलोनी स्थित प्रेम अस्पताल लाया गया, जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चक्रवर्ती के दो बेटे, दोनों कनाडा में रहते हैं
चक्रवर्ती शर्मा का बड़ा बेटा यश और छोटा बेटा नीलमणि उर्फ नील कनाडा में रहते हैं। बड़ा बेटा करीब आठ साल पहले कनाडा चला गया था, जिसे स्थायी नागरिकता भी मिल चुकी है जबकि छोटा बेटा दो साल पहले ही कनाडा गया था। पत्नी सीमा गृहिणी है।
चार पेज के सुसाइड नोट में लिखा... मैं बेकसूर हूं
चक्रवर्ती शर्मा के पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने लिखा कि उसे झूठे केस में फंसाया जा रहा है। एक्सईएन नीरज कांबोज, एलडीसी राघव, अकाउंटेंट ने मिलकर भ्रष्टाचार किया और उस पर गबन हुए रुपयों को लौटाने का दबाव बना रहे हैं। मैं बेकसूर हूं, मैंने हमेशा ईमानदारी और निष्ठा से काम किया है।
एक्सईएन और एकाउंटेंट को सीआईए ने रिमांड पर ले रखा है
बिजली निगम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और भत्तों के फर्जी भुगतान के मामले में करीब 65 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के सुबूत सीआईए-2 पानीपत ने जुटाए। सीआईए-2 इस मामले में बिजली निगम बिलासपुर के एक्सईएन और डिविजनल अकाउंटेंट गिरफ्तार किया, जिन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पत्नी की शिकायत पर एक्सईएन नीरज कांबोज, एलडीसी राघव, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट राकेश नंदा और एकाउंटेंट के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
- इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, समालखा