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Panipat News: तीन महिलाओं समेत चार लोगों को डेंगू
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पानीपत। जिले में डेंगू का खतरा बरकरार है। सोमवार को जिले में तीन महिलाएं समेत चार लोग डेंगू की चपेट में मिले हैं। गांव आदियाना की 39 वर्षीय महिला, गांव अहर की 38 वर्षीय महिला, मतलौडा की 31 वर्षीय महिला और सोनीपत के 46 वर्षीय पुरुष की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली।
दिसंबर में अब तक डेंगू के आठ केस मिले हैं। फिलहाल इस साल अब तक 347 केस मिल चुके हैं। इनमें 38 केस दूसरे जिलों के हैं। इस साल अब तक पांच साल के छह बच्चे डेंगू का शिकार हुए हैं। इस साल अबतक 193 पुरुष व 154 महिलाएं डेंगू का शिकार हुई है। जिले में इस साल अब तक 12 हजार घरों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इसको स्वास्थ्य विभाग ने नष्ट किया है। अब तक 4800 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की 100 टीमों ने अब तक 5.10 लाख घरों में लार्वा की जांच की है।
जिले में जहां डेंगू के केस मिल रहे हैं वहां स्वास्थ्य विभाग खुद फॉगिंग करवा रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में फॉगिंग की जिम्मेदारी नगरनिगम व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग की है। तीनों विभागों में तालमेल की कमी से डेंगू का खतरा बढ़ रहा है।
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सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि दिन प्रतिदिन मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बदलते मौसम में हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। अकसर इस मौसम में मच्छर जनित डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं इसलिए कहीं भी अपने आसपास जलभराव ना होने दें क्योंकि विभिन्न जगहों पर जलभराव की वजह से मच्छर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है। मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए पानी के बर्तन, टंकी, घड़ों आदि को ढक कर रखे और सप्ताह में एक बार फूलदान, फ्रिज की ट्रे, पशु व पक्षियों के बर्तन व ड्रमों को खाली करके सुखाएं और फिर उसमें पानी डाले। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहने। ठहरे पानी में लारवा नाशक दवा डाले।
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दिसंबर में अब तक डेंगू के आठ केस मिले हैं। फिलहाल इस साल अब तक 347 केस मिल चुके हैं। इनमें 38 केस दूसरे जिलों के हैं। इस साल अब तक पांच साल के छह बच्चे डेंगू का शिकार हुए हैं। इस साल अबतक 193 पुरुष व 154 महिलाएं डेंगू का शिकार हुई है। जिले में इस साल अब तक 12 हजार घरों में डेंगू का लार्वा मिल चुका है। इसको स्वास्थ्य विभाग ने नष्ट किया है। अब तक 4800 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की 100 टीमों ने अब तक 5.10 लाख घरों में लार्वा की जांच की है।
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जिले में जहां डेंगू के केस मिल रहे हैं वहां स्वास्थ्य विभाग खुद फॉगिंग करवा रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में फॉगिंग की जिम्मेदारी नगरनिगम व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग की है। तीनों विभागों में तालमेल की कमी से डेंगू का खतरा बढ़ रहा है।
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सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि दिन प्रतिदिन मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बदलते मौसम में हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। अकसर इस मौसम में मच्छर जनित डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं इसलिए कहीं भी अपने आसपास जलभराव ना होने दें क्योंकि विभिन्न जगहों पर जलभराव की वजह से मच्छर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है। मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए पानी के बर्तन, टंकी, घड़ों आदि को ढक कर रखे और सप्ताह में एक बार फूलदान, फ्रिज की ट्रे, पशु व पक्षियों के बर्तन व ड्रमों को खाली करके सुखाएं और फिर उसमें पानी डाले। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहने। ठहरे पानी में लारवा नाशक दवा डाले।