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Panipat News: दिल्ली का सफर होगा आसान
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पानीपत। दिल्ली में ग्रैप-4 लागू होने के बाद आने-जाने में परेशानी झेल रहे यात्रियों को लेकर राहत भरा समाचार है। पानीपत डिपो में बीएस-6 की 11 बसों को शामिल किया गया है। डिपो अधिकारियों ने इन बसों को दिल्ली रूट पर चलाने का फैसला लिया है। ऐसे में दिल्ली का सफर सुहाना हो जाएगा। यात्रियों को भी इससे परेशानी होगी।
विदित है कि पर्यावरण प्रदूषण के चलते दिल्ली एनसीआर के नजदीक होने के कारण बीएस-4 की बसों का संचालन बंद कर दिया था। डिपो से दिल्ली आईएसबीटी बीएस-6 बसों को भेजा जा रहा था। ऐसे में करीब 12 बसों का संचालन बंद हो गया था। इन सबके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। डिपो अधिकारियों ने बीएस-6 की 11 बसों को दूसरे डिपो से भेजा गया है। इनमें छह बसें कैथल व पांच बस कुरुक्षेत्र से पानीपत डिपो में लाई गई हैं। पानीपत डिपो से बीएस-4 की इतनी ही बसों को दोनों डिपो में भेजा गया।
पानीपत डिपो में 180 बसों की मांग है। जबकि यहां पर 124 बस हैं। इन बसों में डिपो से यात्रियों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। लोकल रूट लगातार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं मध्यम दूरी के रूटों पर भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्री हर रोज बसों के संचालन की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों के पास बसों का न होना बड़ी दिक्कत है।
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28 बसों के जींद भेजने पर बढ़ी दिक्कत
महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर जींद में आयोजित समारोह में 28 बसों को भेजा गया। रविवार को पूरे दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोकल रूटों पर अपेक्षाकृत बसें नहीं पहुंची। वहीं मध्यम दूरी की बसों को भी रोक लिया गया। जीटी रोड टोल प्लाजा और सिवाह बस स्टैंड पर पूरा दिन यात्रियों को जमावड़ा लगा रहा।
वर्जन :
पानीपत डिपो में बीएस-6 की 11 बस दूसरे डिपो से मिली हैं। इनके बदले इतनी ही बसों को संबंधित डिपो को भेजा गया है। जींद में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर रविवार को 28 बसों को भेजा गया है। रोडवेज को इन बसों का किराया मिलता है। लोकल व अन्य रूटों से बसों को जींद भेजा गया है।
सतीश पंवार, यातायात निरीक्षक, रोडवेज डिपो।
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विदित है कि पर्यावरण प्रदूषण के चलते दिल्ली एनसीआर के नजदीक होने के कारण बीएस-4 की बसों का संचालन बंद कर दिया था। डिपो से दिल्ली आईएसबीटी बीएस-6 बसों को भेजा जा रहा था। ऐसे में करीब 12 बसों का संचालन बंद हो गया था। इन सबके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। डिपो अधिकारियों ने बीएस-6 की 11 बसों को दूसरे डिपो से भेजा गया है। इनमें छह बसें कैथल व पांच बस कुरुक्षेत्र से पानीपत डिपो में लाई गई हैं। पानीपत डिपो से बीएस-4 की इतनी ही बसों को दोनों डिपो में भेजा गया।
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पानीपत डिपो में 180 बसों की मांग है। जबकि यहां पर 124 बस हैं। इन बसों में डिपो से यात्रियों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। लोकल रूट लगातार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं मध्यम दूरी के रूटों पर भी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्री हर रोज बसों के संचालन की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों के पास बसों का न होना बड़ी दिक्कत है।
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28 बसों के जींद भेजने पर बढ़ी दिक्कत
महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर जींद में आयोजित समारोह में 28 बसों को भेजा गया। रविवार को पूरे दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोकल रूटों पर अपेक्षाकृत बसें नहीं पहुंची। वहीं मध्यम दूरी की बसों को भी रोक लिया गया। जीटी रोड टोल प्लाजा और सिवाह बस स्टैंड पर पूरा दिन यात्रियों को जमावड़ा लगा रहा।
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पानीपत डिपो में बीएस-6 की 11 बस दूसरे डिपो से मिली हैं। इनके बदले इतनी ही बसों को संबंधित डिपो को भेजा गया है। जींद में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर रविवार को 28 बसों को भेजा गया है। रोडवेज को इन बसों का किराया मिलता है। लोकल व अन्य रूटों से बसों को जींद भेजा गया है।
सतीश पंवार, यातायात निरीक्षक, रोडवेज डिपो।