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Panipat News: परिजनों संग सेवानिवृत्ति के बुन रहे थे सब इंस्पेक्टर हीरालाल सपने, मौत की खबर
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पानीपत। शंभू बॉर्डर पर किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के दौरान आंसू गैस चढ़ने से जान गंवाने वाले जीआरपी सब इंस्पेक्टर हीरालाल की सेवानिवृत्ति को सात महीने ही बाकी थे। इसके बाद परिवार के साथ समय बिताने के वे सपने बुन रहे थे, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। खुशियों का सपना संजोए परिजनों के चेहरे पर उनकी मौत की खबर के बाद शुक्रवार को मातम पसरा रहा।
परिजनों ने बताया कि हीरालाल जीआरपी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पदोन्नत होकर अब वे सब इंस्पेक्टर बन गए थे और समालखा चौकी में तैनात थे। एक सितंबर को उनकी सेवानिवृत्ति होनी थी। परिवार में इसकी तैयारी भी चल रही थी। उन्होंने इसी को देखते हुए दो महीने पहले चुलकाना गांव से समालखा की न्यू दुर्गा कॉलोनी स्थित नए मकान में शिफ्ट किया था। पत्नी और दोनों बेटों के साथ हंसी खुशी के साथ वे ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान 11 फरवरी को उनको जीआरपी के अंबाला मुख्यालय बुलाया गया। वे परिवार से ड्यूटी कर वापस लौटने की बात कहकर गए थे। पत्नी और दोनों बेटे अब उनकी बातों को याद कर रो रहे हैं। परिजनों ने बताया कि हीरालाल मूल रूप से सोनीपत के खरखौदा गांव के थे। वे शादी के कुछ दिन बाद पानीपत के चुलकाना अपनी ससुराल में रहने लगे थे।
वर्जन :
सब इंस्पेक्टर हीरालाल को 11 फरवरी को अंबाला मुख्यालय भेजा गया था। मुख्यालय से उनकी ड्यूटी किसानों के दिल्ली कूच आंदोलन में लगी थी। इसके बाद शुक्रवार को हीरालाल की मौत की सूचना मिली है। जीआरपी पीड़ित परिवार के साथ हैं।
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सूरत पाल सिंह, प्रभारी, जीआरपी पानीपत।
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परिजनों ने बताया कि हीरालाल जीआरपी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पदोन्नत होकर अब वे सब इंस्पेक्टर बन गए थे और समालखा चौकी में तैनात थे। एक सितंबर को उनकी सेवानिवृत्ति होनी थी। परिवार में इसकी तैयारी भी चल रही थी। उन्होंने इसी को देखते हुए दो महीने पहले चुलकाना गांव से समालखा की न्यू दुर्गा कॉलोनी स्थित नए मकान में शिफ्ट किया था। पत्नी और दोनों बेटों के साथ हंसी खुशी के साथ वे ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान 11 फरवरी को उनको जीआरपी के अंबाला मुख्यालय बुलाया गया। वे परिवार से ड्यूटी कर वापस लौटने की बात कहकर गए थे। पत्नी और दोनों बेटे अब उनकी बातों को याद कर रो रहे हैं। परिजनों ने बताया कि हीरालाल मूल रूप से सोनीपत के खरखौदा गांव के थे। वे शादी के कुछ दिन बाद पानीपत के चुलकाना अपनी ससुराल में रहने लगे थे।
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वर्जन :
सब इंस्पेक्टर हीरालाल को 11 फरवरी को अंबाला मुख्यालय भेजा गया था। मुख्यालय से उनकी ड्यूटी किसानों के दिल्ली कूच आंदोलन में लगी थी। इसके बाद शुक्रवार को हीरालाल की मौत की सूचना मिली है। जीआरपी पीड़ित परिवार के साथ हैं।
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सूरत पाल सिंह, प्रभारी, जीआरपी पानीपत।