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Panipat News: प्लाॅट आंवटन के 20 साल बाद भी शहर से शिफ्ट नहीं हो सकी डेयरियां, गोलमाल

Sat, 11 Mar 2023 03:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 11 Mar 2023 03:00 AM IST
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Dairies could not shift from the city even after 20 years of plot allotment, breakup
पानीपत। गांव बिंझौली में प्लाॅट दिए जाने के 20 साल बाद भी शहर से डेयरियों को शिफ्ट नहीं कराया जा सका है। इन प्लाॅटों में एक बार फिर से गड़बड़झाला सामने आया है। यहां 147 प्लाॅट बांटे गए थे। जिनमें से सिर्फ 56 प्लाॅटों में ही डेयरी शिफ्ट हुई। 55 प्लाॅटों पर अब भी गड़बड़झाला है। जिन लोगों ने डेयरियों के नाम पर प्लाॅट दिए गए थे उनमें से अधिकतर आज भी खाली पड़े हैं या इनमें मकान बना लिए हैं या फिर दूसरी गतिविधियां की जारी हैं।
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इन प्लाॅटों में चल रही दूसरी गतिविधियों को लेकर शुक्रवार को निगम की सफाई कमेटी की बैठक हुई। इसमें मेयर समेत निगम अधिकारियों और सफाई कमेटी के सदस्य शामिल हुए। बैठक में इन प्लाटों के गड़बड़झालों और यहां चल रही दूसरी गतिविधियों के बारे में विस्तार के साथ चर्चा की। कमेटी ने फैसला किया कि मंगलवार को आयुक्त के साथ मिलकर इस पर दोबारा चर्चा करेंगे। जिसमें इन प्लाटों का पुन: निरीक्षण करने और इनको सिर्फ डेयरियों के लिए ही आवंटित करने की बात रखी जाएगी।
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2003 में कराया था सर्वे
सफाई कमेटी के अध्यक्ष संजीव दहिया ने बताया कि 2003 में निगम ने शहर का सर्वे कराया तो उस समय शहर में 197 डेयरी सामने आई थी। निगम ने गांव बिंझौल में 147 प्लाॅट आवंटित किए थे। इनमें 250 गज के 125 प्लाॅट थे। जिनमें से 106 की बोली कराई थी। इनमें से अब तक केवल 49 प्लाॅटों में ही डेयरियां शिफ्ट हो पाई हैं। इसके अलावा 350 गज के 12 प्लाट आवंटित किए गए थे। इनमें से सिर्फ पांच प्लाटों में ही डेयरी शिफ्ट हुई। इसके बाद 500 गज के भी 10 प्लाट आवंटित किए गए थे। इनमें से सिर्फ दो प्लाटों में ही डेयरी शिफ्ट हो सकी।आवंटित 147 प्लाॅटों में से सिर्फ 56 में ही डेयरियों को शिफ्ट किया जा सका है। इसके अलावा 36 प्लाट विवादित हैं और 19 प्लाॅट कैंसिल किए जा चुके हैं। इन 55 प्लाॅटों का अब निगम रिकॉर्ड में अस्त्तिव ही नहीं है। इनमें स्पष्ट तौर पर गड़बड़झाला हुआ है।
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36 प्लाॅटों में मिला था फर्जीवाड़ा: बता दें कि उस समय डेयरी के प्लाॅटों के आवंटन में भी फर्जीवाड़ा हुआ था। जिसकी जांच तत्कालीन आयुक्त ने एसडीएम को सौंपी थी। इस जांच में 36 प्लाॅट धारकों को बिना सर्वे के ही डेयरी के प्लाॅट आवंटित होना पाया गया था। जिसके बाद इनकी अलॉटमेंट रद्द की गई।

तीन साल पहले सर्वे में भी 381 डेयरी: नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार 2020 में शहर का सर्वे कराया था। इसमें शहर के अंदर 381 डेयरियां मिली थी। अब डेयरियों की संख्या कम से ज्यादा हो सकती है। इसके लिए निगम की ओर से फिर से सर्वे किया जाएगा। इस मौके पर अनिल बजाज, बलराम मकौल, चीफ इंजीनियर रमेश कुमार, एक्सईएन प्रदीप कल्याण और जेई अजय छौक्कर मौजूद रहे।
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