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एयरफोर्स पेपर प्रकरण : हाथ के इशारों से कराई जा रही थी नकल, पानीपत में पकड़े गए गिरोह के चार
Mon, 19 Jul 2021 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 12:42 AM IST
सार
एयरफोर्स एयरमैन रिक्रूटमेंट की ऑनलान परीक्षा में नकल कराने वाला गिरोह इशारों से प्रश्नपत्र हल करा रहा था। इनके पास से सीआईए-3 की टीम ने 25 ब्लूटूथ हियरिंग डिवाइस बरामद की है,
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
एयरफोर्स में एयरमैन भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा पास कराने के गिरोह का सीआईए-3 की टीम ने भंडाफोड़ किया है। केंद्र में कंप्यूटर लैब संचालक से सांठगांठ कर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कराई जा रही थी। जानकारी मिलने पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके कब्जे से ब्लूटूथ, मोबाइल सहित अन्य उपकरण बरामद किये गये हैं। रविवार को चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर छह दिन की रिमांड पर लिया गया है।
एयरफोर्स एयरमैन रिक्रूटमेंट की ऑनलान परीक्षा में नकल कराने वाला गिरोह इशारों से प्रश्नपत्र हल करा रहा था। इनके पास से सीआईए-3 की टीम ने 25 ब्लूटूथ हियरिंग डिवाइस बरामद की है, लेकिन इस बार ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए गिरोह नकल नहीं करा सका। परीक्षा केंद्र में चेकिंग के दौरान सख्ती की वजह से परीक्षार्थियों को डिवाइस नहीं दी जा सकी, जिस पर बहु विकल्पीय प्रश्नों का उत्तर ए, बी, सी और डी में से कौन सा है, इसे बताने के लिए अंतिम वक्त में रणनीति बदली गई।
ऐसे चलते थे इशारे
इशारों के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर बताए गए। परीक्षा केंद्र में दोनों हथेलियों को मसलकर ताली बचाने का मतलब था कि परीक्षा शुरू और उत्तर देना शुरू किया जाए। अब गिरोह ने उत्तर बताने के लिए तय किया कि अगर प्रश्न का उत्तर ए है तो एक हाथ जेब में होगा। उत्तर बी है तो दोनों हाथ जेब में होंगे। उत्तर सी होने पर दोनों हाथ कमर के पीछे कर लिए जाएंगे और उत्तर डी होने पर सीने से सटकर हाथों को मोड़कर खड़ा हुआ जाएगा। परीक्षा कक्ष में गिरोह का एक सदस्य मौजूद होता था जो यह इशारे कर मोटी रकम लेकर तय किए गए अपने अभ्यर्थियों को इस तरह इशारों में उत्तर बताता था।
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अभ्यर्थी को खोजने और लैब संचालक से साठगांठ करता था रिक्की
परीक्षा पास कराने के लिए अभ्यर्थियों को खोजने और परीक्षा केंद्रों की कंप्यूटर लैब के संचालकों से साठगांठ करने का काम सोनीपत के बरौदा निवासी रिक्की करता था। लैब संचालकों के साथ वह 50-50 फीसदी में सौदा करता था। अभ्यर्थी से ली गई कुुल रकम में से 50 फीसदी रकम वह खुद और अपने साथियों में बांटता था। बाकी की 50 फीसदी रकम में कंप्यूटर लैब संचालक स्कूल के अंदर सुपरवाइजर से लेकर अन्य लोगों को नकल कराने में अपने साथ मिलाता था।
नकल कराकर दिल्ली पुलिस में 20 और अन्य परीक्षाओं में 20 लोगों के पास कराने का संदेह
पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि रिक्की ने अपने गिरोह के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस की परीक्षा में 20 अभ्यर्थियों को पास कराया है। साथ ही अन्य परीक्षाओं में भी 20 अभ्यर्थियों को पास कराया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। छह दिन की रिमांड के दौरान इस बारे में खुलासा हो सकता है। यह पिछले एक साल से यह काम कर रहा है, ऐसे में बीते एक साल के दौरान हुईं परीक्षाओं पर पुलिस की नजर है।
लैब कंस्ट्रक्शन का ठेका लेकर पानीपत में की साठगांठ
रिक्की ने जीटी रोड गंदा नाला स्थित न्यू माडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कंप्यूटर लैब बनाने के लिए ठेका लिया था। इसी दौरान परीक्षा में नकल कराने के लिए कंप्यूटर लैब संचालक से साठगांठ की। पुलिस स्कूल की भूमिका भी संदेह में लेकर चल रही है।
डबल साइड का टेप ब्लूटूथ डिवाइस के पकड़े जाने से बचाने के लिया था
पुलिस ने डबल साइट का टेप भी चारों आरोपियों के पास से बरामद किया है। यह टेप तब काम आना था, जब प्रश्नपत्र हल कराने में ब्लूटूथ डिवाइस का प्रयोग होता। असल में, डबल साइड टेप शरीर में किसी एसी जगह लगा दिया जाता था, जिससे दिखे नहीं। ब्लूटूथ इयरफोन को इसी टेप में चिपका दिया जाता था, जिससे चेकिंग के दौरान पता नहीं लगता था।
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एयरफोर्स एयरमैन रिक्रूटमेंट की ऑनलान परीक्षा में नकल कराने वाला गिरोह इशारों से प्रश्नपत्र हल करा रहा था। इनके पास से सीआईए-3 की टीम ने 25 ब्लूटूथ हियरिंग डिवाइस बरामद की है, लेकिन इस बार ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए गिरोह नकल नहीं करा सका। परीक्षा केंद्र में चेकिंग के दौरान सख्ती की वजह से परीक्षार्थियों को डिवाइस नहीं दी जा सकी, जिस पर बहु विकल्पीय प्रश्नों का उत्तर ए, बी, सी और डी में से कौन सा है, इसे बताने के लिए अंतिम वक्त में रणनीति बदली गई।
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ऐसे चलते थे इशारे
इशारों के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर बताए गए। परीक्षा केंद्र में दोनों हथेलियों को मसलकर ताली बचाने का मतलब था कि परीक्षा शुरू और उत्तर देना शुरू किया जाए। अब गिरोह ने उत्तर बताने के लिए तय किया कि अगर प्रश्न का उत्तर ए है तो एक हाथ जेब में होगा। उत्तर बी है तो दोनों हाथ जेब में होंगे। उत्तर सी होने पर दोनों हाथ कमर के पीछे कर लिए जाएंगे और उत्तर डी होने पर सीने से सटकर हाथों को मोड़कर खड़ा हुआ जाएगा। परीक्षा कक्ष में गिरोह का एक सदस्य मौजूद होता था जो यह इशारे कर मोटी रकम लेकर तय किए गए अपने अभ्यर्थियों को इस तरह इशारों में उत्तर बताता था।
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अभ्यर्थी को खोजने और लैब संचालक से साठगांठ करता था रिक्की
परीक्षा पास कराने के लिए अभ्यर्थियों को खोजने और परीक्षा केंद्रों की कंप्यूटर लैब के संचालकों से साठगांठ करने का काम सोनीपत के बरौदा निवासी रिक्की करता था। लैब संचालकों के साथ वह 50-50 फीसदी में सौदा करता था। अभ्यर्थी से ली गई कुुल रकम में से 50 फीसदी रकम वह खुद और अपने साथियों में बांटता था। बाकी की 50 फीसदी रकम में कंप्यूटर लैब संचालक स्कूल के अंदर सुपरवाइजर से लेकर अन्य लोगों को नकल कराने में अपने साथ मिलाता था।
नकल कराकर दिल्ली पुलिस में 20 और अन्य परीक्षाओं में 20 लोगों के पास कराने का संदेह
पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि रिक्की ने अपने गिरोह के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस की परीक्षा में 20 अभ्यर्थियों को पास कराया है। साथ ही अन्य परीक्षाओं में भी 20 अभ्यर्थियों को पास कराया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। छह दिन की रिमांड के दौरान इस बारे में खुलासा हो सकता है। यह पिछले एक साल से यह काम कर रहा है, ऐसे में बीते एक साल के दौरान हुईं परीक्षाओं पर पुलिस की नजर है।
लैब कंस्ट्रक्शन का ठेका लेकर पानीपत में की साठगांठ
रिक्की ने जीटी रोड गंदा नाला स्थित न्यू माडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कंप्यूटर लैब बनाने के लिए ठेका लिया था। इसी दौरान परीक्षा में नकल कराने के लिए कंप्यूटर लैब संचालक से साठगांठ की। पुलिस स्कूल की भूमिका भी संदेह में लेकर चल रही है।
डबल साइड का टेप ब्लूटूथ डिवाइस के पकड़े जाने से बचाने के लिया था
पुलिस ने डबल साइट का टेप भी चारों आरोपियों के पास से बरामद किया है। यह टेप तब काम आना था, जब प्रश्नपत्र हल कराने में ब्लूटूथ डिवाइस का प्रयोग होता। असल में, डबल साइड टेप शरीर में किसी एसी जगह लगा दिया जाता था, जिससे दिखे नहीं। ब्लूटूथ इयरफोन को इसी टेप में चिपका दिया जाता था, जिससे चेकिंग के दौरान पता नहीं लगता था।