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डिलिवरी कराने के लिए गर्भवतियों को चार दिन तक करना पड़ रहा कोरोना रिपोर्ट का इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 01:52 AM IST
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संदीप भौरिया
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पानीपत। कोरोना संक्रमण ने जिले को बुरी तरह से जकड़ लिया है। कोरोना संक्रमण ने गर्भवतियों की परेशानी को भी बढ़ा दिया है। सरकारी और निजी अस्पतालों ने गर्भवतियों के लिए कोविड टेस्ट की रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है। सिविल अस्पताल में हर रोज 20-25 ऐसी गर्भवती महिलाएं आ रही हैं, जिनका 9 माह का समय पूरा हो चुका है। उनका प्रसव कभी भी हो सकता है। सिविल अस्पताल में कई कई घंटे लाइन में खड़े होने के बाद भी उनका नंबर नहीं आ रहा। टेस्ट कराने के बाद भी उन्हें रिपोर्ट के लिए चार-चार दिन इंतजार करना पड़ रहा है। तब तक कोई भी अस्पताल उन्हें दाखिल नहीं कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवतियों के लिए अलग से कोई विंडो नहीं बनाई है। सोमवार को कोरोना टेस्ट के लिए आई तीन गर्भवती महिलाएं भीड़ के कारण नंबर न आने पर बिना टेस्ट कराए ही लौट गईं।
गर्भवतियों की पीड़ा
चांदनी बाग कॉलोनी की मीना, एकता विहार कॉलोनी की पिंकी और कुटानी रोड निवासी महिला ने बताया कि वे दो दिन से प्रसव पीड़ा से जूझ रहीं हैं। सिविल अस्पताल में डिलिवरी के लिए आए तो यहां डॉक्टरों ने कहा कि डिलिवरी के लिए कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट अनिवार्य है। वे दो दिन से यहां टेस्ट के लिए आ रही हैं। पांच-पांच घंटे इंतजार के बाद भी टेस्ट नहीं हो रहा है। सोमवार को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक सिविल अस्पताल में कोई सैंपल लेने वाला ही नहीं था। मोबाइल में मैसेज आ चुका है, लेकिन कोई उनकी पीड़ा नहीं समझ रहा। उनकी स्थिति ऐसी है कि कभी भी प्रसव हो सकता है। टेस्ट कराने के बाद भी 4 दिन में कोरोना रिपोर्ट आती है।
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कोरोना टेस्ट के लिए मारामारी, स्टाफ पर अभद्रता करने के आरोप
कोरोना टेस्ट के लिए सिविल अस्पताल में मारामारी चल रही है। आए दिन यहां पर झगड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अस्पताल का स्टाफ अपने जानकारों के पहले टेस्ट करता है। अपनी मर्जी अनुसार यहां का स्टाफ काम कर रहा है। सोमवार को एक युवक और स्टाफ कर्मचारी के बीच लड़ाई हो गई। युवक स्टाफ कर्मी को कोरोना टेस्ट के लिए कह रहा था। युवक का आरोप है कि स्टाफ कर्मी उन्हें कह रहा था कि वे टेस्ट तब करेंगे, जब उनका मन होगा। उनके पास इतने लोगों के सैंपल करने के लिए संसाधन नहीं है। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। स्टाफ कर्मी ने पुलिस बुलाकर युवक को पुलिस को पकड़वा दिया। बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
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गर्भवतियों के लिए सुविधाओं पर अलग से ध्यान देंगे। इनके आरटी-पीसीआर से टेस्ट न करके एंटीजन किट से करेंगे। इससे रिपोर्ट भी जल्द आएगी। इसके लिए अलग से विंडो भी बनवाएंगे।
-डॉ. श्यामलाल, नोडल अधिकारी, कोविड टेस्टिंग कार्यक्रम
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