हरीश शर्मा मामले में पानीपत पहुंची एसआईटी, सीन किया रिक्रिएट, आज पेश कर सकती रिपोर्ट
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पानीपत में पूर्व पार्षद हरीश शर्मा और डिपो होल्डर राजेश शर्मा के डूबने के दूसरे दिन एसआईटी (विशेष जांच दल) मौके पर पहुंची। एसआईटी ने घटना के वक्त मौजूद रहे हरीश शर्मा के भाई सतीश शर्मा और उनके नजदीकी सोनू सलूजा के साथ सीन रिक्रिएट किया। सबसे पहले एसआईटी ने सोनू सलूजा के बयान अनुसार उन्हें नहर के किनारे दौड़ाया। साथ में पुलिसकर्मी भी दौड़े। इस दौरान दौड़ने की रफ्तार को भी मापा गया।
जहां से सोनू ने दौड़ना शुरू किया और जहां तक वे दौड़े, उसके बारे में बारीकी से सभी बिंदुओं पर पूछताछ की गई। घटना के वक्त कहां से दौड़ना शुरू किया, कहां तक दौड़े, किस स्पीड से दौड़े इसकी घी जानकारी जुटाई गई। हरीश शर्मा तक पहुंचने में कितना समय लगा और फिर क्या किया यह सीन भी एसआईटी ने रिक्रिएट किया। इस बात की जानकारी सोनू सलूजा ने अमर उजाला को दी।
सोनू सलूजा ने बताया कि एसआईटी ने दूसरे सीन रिक्रिएशन में सतीश शर्मा को बुलाया और पूरे घटनाक्रम को दोहराने को कहा। इस दौरान सतीश शर्मा से उसी तरह मदद की आवाज लगाने को कहा गया, जैसे उन्होंने घटना वाले दिन लगाई थी। सोनू ने बताया कि इस जांच में ये सही पाया गया कि सतीश की आवाज नहर के दूसरे किनारे तक पहुंच रही थी।
डॉग स्क्वायड ने की जांच
एसआईटी ने डॉग स्क्वायड को बुलवाया। इस दौरान स्क्वायड ने पूरे इलाके की जांच की। खोजी कुत्तों ने हरीश व राजेश के कपड़े व जूते भी सूंघे। सोनू के मुताबिक एसआईटी का यह ट्रायल भी सही पाया गया। इस दौरान पुलिस वीडियोग्राफी भी कर रही थी।
जब सवालों से रो पड़े सोनू
सोनू सलूजा ने बताया कि एसआईटी ने हरीश और राजेश द्वारा नहर में छलांग लगाने से पहले कपड़े उतारने पर सवाल किए। लगातार सवालों से वह एक बार घबराकर रो पड़े। जिस पर एसआईटी ने ही उन्हें शांत करवाया।
राजेश ने नहर में कहां से छलांग लगाई थी और उनका शव कहां मिला। दोनों स्थानों के बीच की दूरी कितनी है। पानी की मात्रा नहर में कितनी थी और पानी का बहाव किस गति से था इसका भी जानकारी एसआईटी ने जुटाई। एसआईटी शनिवार शाम तक पूरे मामले की रिपोर्ट पेश करेगी।
नहीं पहुंची एसपी, अंजलि शर्मा ने फिर लगाए आरोप
शुक्रवार को पानीपत एसपी मनीषा चौधरी घटनास्थल पर नहीं पहुंची। एसआईटी ने अपनी जांच में मॉडल टाउन थाना प्रभारी सुनील और डीएसपी संदीप को शामिल किया। वहीं एसआईटी के सामने शुक्रवार को भी अंजलि शर्मा ने एसपी, चौकी इंचार्ज और एएसआई समेत कई लोगों पर पिता को मानसिक परेशान करने के आरोप लगाए। जिसके बाद एसआईटी ने घर के बाहर लगे कैमरे चेक करने के आदेश दिए।
इन कारणों से सस्पेंड हुए बलजीत मलिक और महाबीर
पुलिस सूत्रों के अनुसार एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट में सामने आया कि चौकी इंचार्ज एसआई बलजीत मलिक और एएसआई महाबीर पूर्व पार्षद हरीश के साथ द्वेष भावना रखे थे। जो अपराध हुआ ही उन धाराओं को भी जोड़ा गया था लेकिन पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट में 379 ए और 511 को बाद में हटा दिया था। पूरा केस हल्का हो गया था लेकिन फिर भी हरीश पर दबाव डाला गया। उन्हें मानसिक परेशान किया गया। वहीं अंजलि शर्मा के अनुसार वर्दी फाड़ना, जान से मारने की धमकी देने और झूठे केस में फंसवाने धमकी देने वाली धाराएं भी गलत हैं।