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Panipat News: इलाज को उमड़ी भीड़, मनोरोग व नेत्र रोगी बिना इलाज लौटे
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पानीपत। चार दिन बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सभी सेवाएं शुरू हो गई। हड़ताल शुक्रवार रात को खत्म हो गई थी लेकिन शनिवार को नाममात्र ही ओपीडी हो पाई थी । सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल समेत समेत सभी 28 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की भीड़ जुटी। जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को 1531 ओपीडी हुई। समालखा सामान्य अस्पताल में 671 लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। हालांकि जिला नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग व हड्डी रोग संबंधी ओपीडी बंद रही। एक नेत्र रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर था और दूसरा इमरजेंसी में ओपीडी कर रहा था।
इसी तरह हड्डी रोग संबंधी महज 40 मरीजों को इलाज मिला। सबसे अधिक चमडी रोग की 285 व फिजिशियन की लगभग 300 की ओपीडी रही है। मनोरोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। इसलिए मनोरोग के लगभग 50 मरीज बिना इलाज ही घर लौट गए। गौरतलब है कि उमस के कारण अब चमड़ी के रोग बढ़ रहे हैं । शरीर पर लाल दानों व खुजली से लोग परेशान हैं। इसलिए जिला नागरिक अस्पताल में चमड़ी रोग की ओपीडी 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। डॉक्टर मरीजों को सुबह शाम स्नान करने व गीले वस्त्र न पहनने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा अब बुखार के रोगी भी बढ़ रहे हैं। हर रोज औसतन 30-40 रोगियों की डेंगू व मलेरिया की जांच भी हो रही है। डॉक्टर मरीजों को पूरी बाजू की शर्ट पहनने व मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं ताकि डेंगू व मलेरिया से बचा जा सके।
बॉक्स
अल्ट्रासाउंड के लिए सर्वाधिक परेशानी
जिला नागरिक अस्पताल में सबसे अधिक परेशानी अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाली गर्भवतियों को हो रही है। अस्पताल में एक ही रेडियोलोजिस्ट हैं। उनकी सप्ताह में एक दिन पोस्टमार्टम, एक दिन कोर्ट में ड्यूटी रहती है। रविवार की छुट्टी रहती है। इसलिए सप्ताह में तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए एक एक माह की डेट दी जा रही है। ऐसे में गर्भवती निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं।
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टीकाकरण भी प्रभावित
टीकाकरण कार्यक्रम संभालने वाली 12 नर्सिंग ऑफिसर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। वह हड़ताल पर हैं। इसलिए जिला नागरिक अस्पताल का नियमित टीकाकरण अभियान काफी प्रभावित हो रहा है।
वर्जन-
जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं सुचारू हैं। मनोरोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। डॉक्टरों की कोर्ट व अन्य स्थानों पर ड्यूटी होने से कुछ परेशानी हुई है। अस्पताल की व्यवस्था और अच्छी कैसे हो, इस पर फोकस है।
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इसी तरह हड्डी रोग संबंधी महज 40 मरीजों को इलाज मिला। सबसे अधिक चमडी रोग की 285 व फिजिशियन की लगभग 300 की ओपीडी रही है। मनोरोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। इसलिए मनोरोग के लगभग 50 मरीज बिना इलाज ही घर लौट गए। गौरतलब है कि उमस के कारण अब चमड़ी के रोग बढ़ रहे हैं । शरीर पर लाल दानों व खुजली से लोग परेशान हैं। इसलिए जिला नागरिक अस्पताल में चमड़ी रोग की ओपीडी 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। डॉक्टर मरीजों को सुबह शाम स्नान करने व गीले वस्त्र न पहनने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा अब बुखार के रोगी भी बढ़ रहे हैं। हर रोज औसतन 30-40 रोगियों की डेंगू व मलेरिया की जांच भी हो रही है। डॉक्टर मरीजों को पूरी बाजू की शर्ट पहनने व मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं ताकि डेंगू व मलेरिया से बचा जा सके।
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अल्ट्रासाउंड के लिए सर्वाधिक परेशानी
जिला नागरिक अस्पताल में सबसे अधिक परेशानी अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाली गर्भवतियों को हो रही है। अस्पताल में एक ही रेडियोलोजिस्ट हैं। उनकी सप्ताह में एक दिन पोस्टमार्टम, एक दिन कोर्ट में ड्यूटी रहती है। रविवार की छुट्टी रहती है। इसलिए सप्ताह में तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए एक एक माह की डेट दी जा रही है। ऐसे में गर्भवती निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं।
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टीकाकरण भी प्रभावित
टीकाकरण कार्यक्रम संभालने वाली 12 नर्सिंग ऑफिसर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। वह हड़ताल पर हैं। इसलिए जिला नागरिक अस्पताल का नियमित टीकाकरण अभियान काफी प्रभावित हो रहा है।
वर्जन-
जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं सुचारू हैं। मनोरोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। डॉक्टरों की कोर्ट व अन्य स्थानों पर ड्यूटी होने से कुछ परेशानी हुई है। अस्पताल की व्यवस्था और अच्छी कैसे हो, इस पर फोकस है।