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लहलहाई फसलें, खिले किसानों के चेहरे
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प्रदेश सहित जिले में बीते कई दिनों से जारी उमस भरी भीषण गर्मी के दौर के बाद शुक्रवार रात को मौसम में बदलाव हुआ। जिले में विभिन्न हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, फसलों के लिए बारिश ने रामबाण का काम किया है। इससे पूर्व धान, मक्का समेत विभिन्न फसलों में उमस व गर्मी के कारण बीमारी पनपने का खतरा बना हुआ था। धान के खेत में पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने से खेतों में दरारें पड़ने लगी थी।
बारिश व बूंदाबांदी ने फिलहाल फसलों में न केवल बीमारी की आशंका को काफी हद तक कम किया है, बल्कि पानी की कमी को भी पूरा किया है। बारिश होने के बाद किसानों ने भी राहत की सांस ली है। शनिवार शाम तक जिले में औसतन करीब 84 एमएम बारिश हो चुकी है। पानीपत क्षेत्र में सबसे अधिक 125 तथा मतलौडा क्षेत्र में सबसे कम 21 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
फसलों में बढ़ गया था बीमारियों का खतरा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश न होने से तेज धूप और नमी के चलते फसलों में कई तरह की बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ गया था। ज्यादा नमी के कारण धान की फसल में पत्ता लपेट सूंडी, तना छेदक और तेला जैसे कीड़े होने की संभावना बढ़ गई थी। इसके साथ ही गन्ने की फसल में नमी के चलते कई बीमारियां आने की संभावना बढ़ गई थी। मक्का की फसल में मेंडिस पत्ता अंगमारी, धारीदार पर्ण एवं पर्ण छेद अंगमारी जैसी बीमारियां बढ़ने की संभावना थी। लेकिन बारिश होने से बीमारियों की आशंका कम हुई है।
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शुक्रवार सुबह 8 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक बारिश की स्थिति
खंड बारिश की मात्रा कुल
पानीपत 90 व 35 एमएम 125 एमएम
समालखा 62 व 53 एमएम 115 एमएम
इसराना 22 व 30 एमएम 52 एमएम
बापौली 36 व 73 एमएम 109 एमएम
मडलौडा 16 व 05 एमएम 21 एमएम
कई दिनों से मौसम परिवर्तनशील व खुश्क रहने के बाद वीरवार रात से मौसम में बदलाव आया है। शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक पानीपत जिले में अच्छी बारिश हुई है। आगामी तीन-चार दिन बारिश के आसार बने हुए हैं।
-डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।
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बारिश व बूंदाबांदी ने फिलहाल फसलों में न केवल बीमारी की आशंका को काफी हद तक कम किया है, बल्कि पानी की कमी को भी पूरा किया है। बारिश होने के बाद किसानों ने भी राहत की सांस ली है। शनिवार शाम तक जिले में औसतन करीब 84 एमएम बारिश हो चुकी है। पानीपत क्षेत्र में सबसे अधिक 125 तथा मतलौडा क्षेत्र में सबसे कम 21 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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फसलों में बढ़ गया था बीमारियों का खतरा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश न होने से तेज धूप और नमी के चलते फसलों में कई तरह की बीमारियां पनपने का खतरा बढ़ गया था। ज्यादा नमी के कारण धान की फसल में पत्ता लपेट सूंडी, तना छेदक और तेला जैसे कीड़े होने की संभावना बढ़ गई थी। इसके साथ ही गन्ने की फसल में नमी के चलते कई बीमारियां आने की संभावना बढ़ गई थी। मक्का की फसल में मेंडिस पत्ता अंगमारी, धारीदार पर्ण एवं पर्ण छेद अंगमारी जैसी बीमारियां बढ़ने की संभावना थी। लेकिन बारिश होने से बीमारियों की आशंका कम हुई है।
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शुक्रवार सुबह 8 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक बारिश की स्थिति
खंड बारिश की मात्रा कुल
पानीपत 90 व 35 एमएम 125 एमएम
समालखा 62 व 53 एमएम 115 एमएम
इसराना 22 व 30 एमएम 52 एमएम
बापौली 36 व 73 एमएम 109 एमएम
मडलौडा 16 व 05 एमएम 21 एमएम
कई दिनों से मौसम परिवर्तनशील व खुश्क रहने के बाद वीरवार रात से मौसम में बदलाव आया है। शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक पानीपत जिले में अच्छी बारिश हुई है। आगामी तीन-चार दिन बारिश के आसार बने हुए हैं।
-डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।