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साहब! अबकी बार फसल काटने दो

Sat, 09 Apr 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला
ब्यूरो/ अमर उजाला Updated Sat, 09 Apr 2016 11:43 PM IST
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साहब! हम गरीब हैं। कर्ज लेकर बंजर पड़ी भूमि को तैयार किया और गेहूं की बिजाई की। अब पकी फसल पर प्रशासन रोक लगाकर भूखे मरने को मजबूर कर रहा है। हमें गेहूं की फसल काटने दें, आगे गोचरांद भूमि पर फसल की बिजाई नहीं करेंगे।
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आंखों में फरियाद की आशा लिए संजौली के ग्रामीणों ने शनिवार को बापौली के नायब तहसीलदार गुुरुदेव सिंह से यह गुहार लगाई।

महिला बीता, सुनीता, कमला, कलावती, दुलारी, सीमा, पूनम आदि ने तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार गुरुदेव सिंह को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि गांव संजौली में बंजर भूमि खाली पड़ी थी। गांव के लोगों ने कर्ज उठाकर जमीन को ठीक किया और फिर गेहूं की बिजाई की थी।
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ग्रामीणों ने इसके साथ हर घर से गोशाला में एक-एक बोरी गेहूं व एक ट्राली तूड़ी देने का फैसला लिया था। इससे गोशाला का खर्च चल सकता था और बंजर भूमि का सदुपयोग हो गया। गांव चार साल से इसी तरह से खेती करते आ रहे हैं। अब प्रशासन ने उनकी तैयार फसल को कटाई से रोक दिया है।
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उनको आगे कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। वे सब गरीब और मजदूर हैं। कर्ज लेकर फसल तैयार की है। अगर उनको फसल नहीं काटने दी तो उनके बच्चे भूखे मरने के कगार पर आ जाएंगे। गांव की 36 बिरादरी के लोगों ने फसल बुआई की है। वे प्रशासन के आदेश पर पर्ची व रसीद कटवाने को तैयार हैं। वे फसल काटने के बाद जमीन को खाली कर देंगे। इस बारे नायब तहसीलदार गुरुदेव सिंह ने उनकी मांगों को एसडीएम व उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराने का भरोसा दिया।


यह है मामला
संजौली गांव में गोचरान भूमि पर ग्रामीणों द्वारा कब्जा कर रखा है। अब गेहूं की फसल पककर तैयार है और कुछ ग्रामीणों में इसको लेकर तनातनी है। एसडीएम समालखा ने मामले को बढ़ता देख किसानों द्वारा गेहूं की फसल न काटने के आदेश जारी कर धारा 145-46 लगा दी है। तहसीलदार डॉ. मनोज अहलावत को सुपरदार नियुक्त किया गया है ।
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