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प्रोटेक्शन ऑफिसर और महिला पुलिस के बिना थाना पुलिस ने रुकवाई शादी
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:06 AM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। थाना पुलिस के दो मुलाजिम शनिवार को गांव उझा स्थित नलवा कॉलोनी में बिना प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता और महिला पुलिस के शादी रुकवाने पहुंच गए। पुलिस का दावा है कि वर और वधू दोनों की उम्र कम थी। परिजन उनकी आयु लगभग पूरी होने की बात कह रहे हैं। इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए। पुलिस ने वर और वधू दोनों के असली प्रमाण पत्र सोमवार को प्रोटेक्शन अधिकारी के सामने पेश करने की बात कही है। फिलहाल दोनों की शादी रुकवा दी गई है। परिजनों में इसको लेकर रोष व्याप्त है। इन सबके बीच प्रोटेक्शन अधिकारी ने गाड़ी न मिलने की बात कहकर मौके पर न पहुंच पाने की बात कही है।
जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता को सूचना मिली कि गांव उझा की नलवा कॉलोनी में तहसील कैंप विकास नगर निवासी नीटू अपनी नाबालिग लड़की की शादी कर रहा है। इसकी सूचना थाना चांदनी बाग पुलिस को दी गई। थाना चांदनी बाग से एएसआई सुरेंद्र सिंह एक अन्य पुलिसकर्मी को साथ लेकर शादी रुकवाने के लिए पहुंच गए। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की की शादी विद्यानंद कॉलोनी निवासी राकेश के बेटे के साथ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि लड़का और लड़की दोनों की आयु शादी के लायक नहीं दिखाई दी। पुलिस ने वर और वधू पक्ष से दोनों के आयु संबंधी प्रमाण दिखाने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं दिखा सके।
इसके बाद पुलिस ने शादी रुकवा दी। कहा कि नाबालिग बच्चों की शादी करना गैर कानूनी है। यदि दोनों बच्चों की आयु शादी लायक है तो वे इसका प्रमाण दिखाएं।
परिवार के लोगों ने जताई नाराजगी
लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और नलवा कॉलोनी में किराए पर रहते हैं। उन्होंने ब्याज पर पैसे लेकर अपनी बेटी की शादी तय की थी। पुलिस ने शादी रुकवा दी। उन्होंने माना कि लड़की की आयु शादी लायक नहीं हैं। एक शिकायत ने सब बर्बाद कर दिया।
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अनपढ़ होने के कारण नहीं कानून का ज्ञान
वर और वधू पक्ष का कहना है कि वे लोग अनपढ़ हैं और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें शादी के लिए निर्धारित कानून का ज्ञान नहीं था, इसलिए शादी तय कर दी। पता होता तो ऐसा नहीं करते।
पुलिस को नलवा कॉलोनी में कम उम्र में शादी करने की सूचना मिली थी। उसी वक्त दो पुलिसकर्मियों को भेज दिया गया था। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कर दिया था। पुलिसकर्मियों को जरूरत होती तो पुलिस की मदद के लिए तैयार थी।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत।
वर्जन
सूचना मिली थी कि गांव उझा की नलवा कॉलोनी में नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है। इसकी सूचना थाना चांदनी बाग पुलिस को दी थी। उनके पास गाड़ी नहीं थी। इसलिए वे पुलिस के साथ नहीं जा सकी। फोन पर निर्देश देकर बाल विवाह रुकवाया है। दोनों पक्षों ने अपने बयान में कहा है कि लड़के की आयु 17 साल और लड़की की आयु 15 साल है। दोनों पक्षों को लड़का-लड़की के आयु संबंधी प्रमाण सोमवार तक पेश करने की बात कही गई है।
रजनी गुप्ता, प्रोटेक्शन अधिकारी, पानीपत।
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पानीपत। थाना पुलिस के दो मुलाजिम शनिवार को गांव उझा स्थित नलवा कॉलोनी में बिना प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता और महिला पुलिस के शादी रुकवाने पहुंच गए। पुलिस का दावा है कि वर और वधू दोनों की उम्र कम थी। परिजन उनकी आयु लगभग पूरी होने की बात कह रहे हैं। इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए। पुलिस ने वर और वधू दोनों के असली प्रमाण पत्र सोमवार को प्रोटेक्शन अधिकारी के सामने पेश करने की बात कही है। फिलहाल दोनों की शादी रुकवा दी गई है। परिजनों में इसको लेकर रोष व्याप्त है। इन सबके बीच प्रोटेक्शन अधिकारी ने गाड़ी न मिलने की बात कहकर मौके पर न पहुंच पाने की बात कही है।
जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता को सूचना मिली कि गांव उझा की नलवा कॉलोनी में तहसील कैंप विकास नगर निवासी नीटू अपनी नाबालिग लड़की की शादी कर रहा है। इसकी सूचना थाना चांदनी बाग पुलिस को दी गई। थाना चांदनी बाग से एएसआई सुरेंद्र सिंह एक अन्य पुलिसकर्मी को साथ लेकर शादी रुकवाने के लिए पहुंच गए। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की की शादी विद्यानंद कॉलोनी निवासी राकेश के बेटे के साथ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि लड़का और लड़की दोनों की आयु शादी के लायक नहीं दिखाई दी। पुलिस ने वर और वधू पक्ष से दोनों के आयु संबंधी प्रमाण दिखाने के लिए कहा, लेकिन वे नहीं दिखा सके।
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इसके बाद पुलिस ने शादी रुकवा दी। कहा कि नाबालिग बच्चों की शादी करना गैर कानूनी है। यदि दोनों बच्चों की आयु शादी लायक है तो वे इसका प्रमाण दिखाएं।
परिवार के लोगों ने जताई नाराजगी
लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और नलवा कॉलोनी में किराए पर रहते हैं। उन्होंने ब्याज पर पैसे लेकर अपनी बेटी की शादी तय की थी। पुलिस ने शादी रुकवा दी। उन्होंने माना कि लड़की की आयु शादी लायक नहीं हैं। एक शिकायत ने सब बर्बाद कर दिया।
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अनपढ़ होने के कारण नहीं कानून का ज्ञान
वर और वधू पक्ष का कहना है कि वे लोग अनपढ़ हैं और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि उन्हें शादी के लिए निर्धारित कानून का ज्ञान नहीं था, इसलिए शादी तय कर दी। पता होता तो ऐसा नहीं करते।
पुलिस को नलवा कॉलोनी में कम उम्र में शादी करने की सूचना मिली थी। उसी वक्त दो पुलिसकर्मियों को भेज दिया गया था। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कर दिया था। पुलिसकर्मियों को जरूरत होती तो पुलिस की मदद के लिए तैयार थी।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत।
वर्जन
सूचना मिली थी कि गांव उझा की नलवा कॉलोनी में नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है। इसकी सूचना थाना चांदनी बाग पुलिस को दी थी। उनके पास गाड़ी नहीं थी। इसलिए वे पुलिस के साथ नहीं जा सकी। फोन पर निर्देश देकर बाल विवाह रुकवाया है। दोनों पक्षों ने अपने बयान में कहा है कि लड़के की आयु 17 साल और लड़की की आयु 15 साल है। दोनों पक्षों को लड़का-लड़की के आयु संबंधी प्रमाण सोमवार तक पेश करने की बात कही गई है।
रजनी गुप्ता, प्रोटेक्शन अधिकारी, पानीपत।