फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   pidit, swc, beduit, team, chairperson, report, bring

पीड़िता को सीडब्ल्यूसी के बिना ले गई टीम, चेयरपर्सन ने की रिपोर्ट तलब

Wed, 12 Apr 2017 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत। Updated Wed, 12 Apr 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
pidit, swc, beduit, team, chairperson, report, bring
पानीपत - फोटो : पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो             
विज्ञापन

पानीपत। असम की किशोरी से देह व्यापार कराने के मामले में आयोग की टीम ने दो थाना प्रभारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सीडब्ल्यूसी के बिना पीड़िता को साथ ले जाने पर फटकार लगाई है। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोग की चेयरपर्सन के सामने करीब दो घंटे तक अधिकारियों के पसीने छूटे रहे। टीम ने समालखा में नाबालिग बच्ची के साथ दुराचार के बाद नाजुक अंग जलाने के मामले में बरती गई लापरवाही की भी रिपोर्ट ली। दोनों मामलों में आयोग की चेयरपर्सन ने चेतावनी दी है कि असली गुनहगारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। चेयरपर्सन ने शोंधापुर बाल अनाथालय में पहुंचकर किशोरी से बात की। आयोग के कड़े रुख के बाद बाल अनाथालय के बाहर दो महिला पुलिस कर्मी तैनात कर दी गई है। असम की किशारों ने अब पुलिसवालों के साथ कॉलेजों के कुछ छात्रों पर भी दुराचार करने के आरोप लगाए हैं।
हरियाणा राज्य बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा मंगलवार की सुबह 11 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पहुंची। एसआईटी के इंचार्ज और थाना मॉडल टाउन के प्रभारी अमित कुमार, महिला थाना प्रभारी कविता पूरे प्रकरण की रिपोर्ट लेकर चेयरपर्सन के सामने पहुंचे। चेयरपर्सन ने असम की किशोरी के मामले में कहा कि पुलिस की एक टीम सीडब्ल्यूसी के बिना ही असम की किशोरी को लेकर जाटल रोड पर जांच करने पहुंचती है, तो दूसरी टीम पकड़े गए आरोपी को पूछताछ के बाद छोड़ देती है। यह क्या तरीका हुआ। उन्हाेंने दोनों थाना प्रभारियों से मामले की सही ढंग से प्रगति रिपोर्ट तलब करने को कहा। इसके बाद ज्योति बैंदा ने बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन सुमन सूद, सदस्य एडवोकेट डॉ. अजीत दहिया, सदस्य किरण मलिक और सरोज आट्टा के साथ एक घंटे तक बात की। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ सरला यादव भी मौजूद रही। चेयरपर्सन ने आयोग के सदस्यों और दोनों थाना प्रभारियों से जल्द रिपोर्ट तलब करने को कहा है। सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ से भी बातचीत करते हुए समालखा की सीएचसी के डॉक्टर के खिलाफ भी जांच करने को कहा है।
विज्ञापन

केस नंबर एक-             
समालखा की हनुमान कॉलोनी एक नाबालिग बच्ची के साथ मकान मालिक के लड़के ने दुराचार कर दिया था। उसके बाद आरोपी की मां ने बच्ची के नाजुक अंगों को गर्म चिमटे से जला दिया था। बच्ची किसी तरह से भागकर भापरा के पास पुलिस चौकी पहुंच गई। पुलिस ने उसे समालखा के सीएचसी में मेडिकल कराकर अनाथालय में भेज दिया था। सुबह बच्ची को नहलाते समय अनाथालय की वार्डन ने बच्ची के घावों को देखा। इसके बाद बच्ची का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इस मामले में पुलिस की एक एएसआई पर आरोपी पक्ष की महिला को अस्पताल साथ लाने के आरोप लगे थे। बाद में उसे सस्पेंड कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कमला और उसके लड़के सुनील को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में एएसआई को बाद में बहाल कर दिया था। इस मामले को चेयरपर्सन के सामने फिर से उठाया गया।       
विज्ञापन
विज्ञापन

केस नंबर दो-             
डेढ़ माह पूर्व असम की किशोरी को जितेंद्र और जाटल रोड पर किराये के मकान में रह रही आरती ने दिल्ली की पीरागढ़ी से 15 हजार रुपये में खरीदा था। वे उससे देह व्यापार करा रहे थे। दो मार्च रविवार को उनके चंगुल से छूटकर किशोरी बस स्टैंड पहुंच गई। वहां से महिला थाना प्रभारी कविता और तीन अन्य पुलिस कर्मचारी सादी वर्दी में किशोरी को साथ लेकर जाटल रोड पर बताए गए किराये के मकान में पहुंचे। वहां से आरोपी जितेंद्र गिरफ्तार हुआ था। उसी दौरान डीएसपी बली सिंह और थाना मॉडल टाउन के प्रभारी अमित कुमार भी वहां पहुंच गए। उन्हें मौके से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामान मिला था। इस मामले में पुलिस जितेंद्र, आरती, शुभम व नरेंद्र उर्फ काला के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस जितेंद्र, आरती और शुभम को गिरफ्तार कर चुकी है। नरेंद्र उर्फ काला फरार है।              
डीजीपी को सौंपेंगे रिपोर्ट             
हरियाणा राज्य बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने कहा कि असम की किशोरी के मामले को दबाया जा रहा है। इस मामले से कुछ पुलिस वालों की भूमिका संदिग्ध है और जांच भी संदेह के घेरे में है। एसपी ने इसके लिए एसआईटी गठित की है। इसके बाद भी संलिप्त पुलिस वालों के नाम क्यों नहीं खोले जा रहे। कहा कि यदि जल्द मामले का खुलासा नहीं हुआ तो इसकी रिपोर्ट डीजीपी को सौंपी जाएगी।            
जांच की फिरकी में डॉक्टर             
समालखा के सीएचसी में कार्यरत एक चिकित्सक के नाबालिग को फिट बताने पर भी आयोग की चेयरपर्सन सख्त दिखीं। पानीपत के सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ से मामले को देखने के लिए कहा है। माना जा रहा है कि जांच में समालखा के ये चिकित्सक फंस सकते हैं। बताने योग्य है कि समालखा की हनुमान कॉलोनी में एक महिला ने नाबालिग बच्ची के नाजुक अंग गर्म चिमटे से जला दिए थे।       
कई पुलिस वाले भी आ सकते हैं लपेटे में             
दिल्ली से खरीदकर लाई गई किशोरी के मामले में जांच कर रही पुलिस पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं। किशोरी बयान दे चुकी है कि उसके साथ दुराचार करने वालों में कई पुलिस वाले भी शामिल है। इसके बाद भी क्षेत्र के बीट सिपाही या अधिकारी की पहचान क्यों नहीं कराई जा रही है। माना जा रहा है कि उन्हें जानबूझकर आगे नहीं लाया जा रहा।             
परते खुली तो फसेंगे कई             
आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने बाल अनाथालय में असम की किशोरी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि किशोरी ने बताया कि बाबरपुर टोल टैक्स के पास एक बड़े होटल में उसे कई बार ले जाया गया। अनैतिक कार्य न करने पर उसे पीटा जाता था। उसने छात्रों के साथ ही बड़े लोगों पर भी रेप करने के आरोप लगाए। अब किशोरी के बताए होटल की सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा सकता है।
मेडम थोड़ी ग्रांट का जुगाड़ करा दो...             
गांव सोंधापुर के बाल अनाथालय पीड़ित किशोरी से बातचीत करने पहुंची ज्योति बैंदा से अनाथालय के प्रधान अमरजीत नरवाल ने कहा कि मैडम थोड़ी ग्रांट का भी प्रबंध करा दो। इससे बच्चों का भविष्य बनाया जा सके। इस पर चेयरपर्सन ने कहा कि वह यहां पैसे बांटने नहीं आई हैं।             
बच्चों के साथ बिताया समय, जाना हालचाल             
चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने आधे घंटे से अधिक समय बाल अनाथालय में बच्चों के साथ बिताया। इस दौरान बच्चों से बाल अनाथालय के हालातों के बारे में भी जानकारी हासिल की।     
अनाथालय की चार लड़कियों की शादी की तैयारी शुरू       
बाल अनाथालय में रह रही चार लड़कियां बालिग हो गई हैं। उनकी शादी के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर सुयोग्य वर तलाश किए जाएंगे। इसका खर्च बाल आयोग उठाएगा। इसकी प्रक्रिया आयोग द्वारा शुरू कर दी है।

 
समालखा की नाबालिग बच्ची और दिल्ली से खरीदकर लाई गई किशोरी से अनैतिक कार्य कराने के मामले में अधिकारियों से बात हुई है। आयोग के सदस्यों के साथ भी बैठक हुई है। दोनों मामलों की पूरी रिपोर्ट तलब की है। दोनों मामले शर्मनाक हैं। आरोपियों को सजा दिलवाई जाएगी। महिला थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है।
ज्योति बैंदा, चेयरपर्सन, हरियाणा राज्य बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed