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Panipat: भाई के शव को देखकर फफक पड़ा सिद्धू मूसेवाला की हत्या का आरोपी प्रियव्रत
Wed, 12 Jul 2023 12:03 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 12 Jul 2023 12:03 AM IST
सार
मुठभेड़ में ढेर हुए राकेश उर्फ राका का मामला : परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि जेल में बंद प्रियव्रत को छोटे भाई के अंतिम संस्कार के लिए समय दिया जाए। परिजनों ने चौथे दिन शव उठाया। परिजन दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे थे। पुलिस बोली कि अब शव गल चुका है।
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भारी पुलिस बल की निगरानी में गांव में पहुंचा प्रियव्रत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का आरोपी प्रियव्रत फौजी अपने छोटे भाई राकेश उर्फ राका का शव देखकर फूटकर रोया। दोस्तों व परिजनों ने उसे सांत्वना दी। पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में परिजनों ने चौथे दिन खानपुर पीजीआई से शव उठाया और गढ़ी सिसाना गांव में अंतिम संस्कार किया। हाईकोर्ट के आदेश पर शूटर प्रियव्रत को भी जेल से छोटे भाई के शव को मुखाग्नि देने के लिए श्मशान घाट लाया गया। प्रियव्रत ने राकेश की अर्थी को कंधा भी दिया। वह अपने भाई अमित के गले लग कर फफक पड़ा। मुखाग्नि के बाद पुलिस उसे वापस जेल ले गई।
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राकेश उर्फ राका के अंतिम संस्कार के दौरान गढ़ी सिसाना का श्मशान घाट पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। सैकड़ों पुलिसकर्मी प्रियव्रत के चारों तरफ गोला बनाकर खड़े रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर थी। महज 20 मिनट के बाद पुलिस प्रियव्रत को वापस जेल ले गई।
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राकेश के बड़े भाई अमित ने बताया कि उन्होंने सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि प्रियव्रत को संस्कार पर पहुंचने का समय दिया जाए, जिस पर हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को आदेश दिया, जिन आदेशों के तहत प्रियव्रत को पुलिस उसे अंतिम संस्कार के लिए लेकर पहुंची थी।
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दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी
राकेश के बड़े भाई अमित ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के आठ से 10 निशान हैं। इसके बावजूद मौत की वजह कुछ और दिखाई गई। उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि तीन दिन बीत जाने से शव गल चुका है। इसलिए अब दोबारा पोस्टमार्टम नहीं हो सकता। इससे उन्हें संस्कार करना पड़ा।
परिजनों की मांग 302 एफआईआर हो
परिजनों का आरोप कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाई है। राकेश और सोनू को छह जुलाई को मोहाली से उठाया और सात जुलाई तक उन्हें थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। इस दौरान राकेश की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ में उसकी मौत होने की कहानी रची। मांग है कि सीआईए -2 प्रभारी पर 302 की एफआईआर हो। जबकि इन सभी आरोपों को एसपी अजीत सिंह शेखावत बेबुनियाद बता चुके हैं।