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पत्नी की मौत से दुखी पति ने निगला जहर
panipat beuro
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:57 PM IST
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cd
- फोटो : amar ujala,panipat
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राजनगर में पत्नी की मौत से दुखी एक व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जीवनलीला खत्म कर ली। उसकी पत्नी की रविवार को ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इससे पहले युवक के भाई व बहन की भी शादी थी। मां-बाप की मौत के बाद ढाई साल का बेटा अनाथ हो गया। परिवार में शादी की खुशियों की जगह दो-दो मौत का मातम पसरा हुआ है। आठ मरला चौकी पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
मूलरूप से सोनीपत के गांव शामड़ी निवासी प्रदीप कुमार (27) लंबे समय से राजनगर गली नंबर-एक में परिवार सहित रहता था और किशनपुरा सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। प्रदीप की छोटी बहन सुषमा की तीन फरवरी व छोटे भाई दिनेश की चार फरवरी को शादी थी। दोनों की शादी बड़े धूमधाम के साथ की गई। प्रदीप की पत्नी रीना किसी बीमारी से पीड़ित थी। उसकी पांच फरवरी को तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उपचार के लिए दिल्ली ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। छह फरवरी को रीना के शव का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बताया रीना की मौत के बाद प्रदीप बेहद दुखी था। मंगलवार को सुबह उसने चाय पी। उसके बाद जहरीला पदार्थ निगल लिया। प्रदीप की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसको शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
प्रदीप के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
प्रदीप छह बहन-भाइयों में चौथे नंबर पर था। प्रदीप से बड़ी तीन बहनों की पहले ही शादी हो चुकी है। प्रदीप से छोटी एक बहन व एक भाई है। परिवार की जिम्मेदार प्रदीप के कंधों पर ही थी। प्रदीप इसको बखूबी निभा रहा था। दो दिन पहले उसने अपनी बहन व भाई की शादी बड़ी धूमधाम से की। प्रदीप के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव का था। सभी के साथ मिल जुलकर रहता था। वह पत्नी की बीमारी को लेकर गंभीर था। बहन-भाई की शादी के बाद वह अपनी पत्नी का किसी अच्छे अस्पताल में इलाज करवाने की बात कहता था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसे अपनी पत्नी का इलाज करवाने तक का समय नहीं मिलेगा।
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दो दिन में जली दो चिताएं
राजनगर में पहले दिन पत्नी, अगले दिन पति की चिताएं जलने से मातम का माहौल है। परिवार के दो सदस्यों की अकस्मात मौत से शादी की सभी खुशियां मातम में बदल चुकी हैं। रिश्तेदार व आस-पड़ोस के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने का काम कर रहे हैं। लेकिन परिजनों के आंसू हैं कि थमने का नाम नहीं ले रहे। ढाई साल का मासूम बच्चा अभी ठीक प्रकार से अपनों को पहचानने भी नहीं लगा था कि उसके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। माता-पिता की मौत के बाद बच्चा अनाथ हो चुका है। जिसका उसे आभास तक नहीं।
दो दिन से नहीं लगी मंडी
प्रदीप किशनपुरा सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाकर सब्जी बेचता था। प्रदीप की मौत के बाद से साथी रेहड़ी संचालकों में भी दुख की लहर है। गत रोज प्रदीप की पत्नी की मौत के दुख में सब्जी मंडी बंद की गई थी, वहीं मंगलवार को प्रदीप की मौत के बाद सब्जी मंडी बंद करने का निर्णय लिया गया।
राजनगर निवासी प्रदीप की पत्नी की एक दिन पहले ही बीमारी के कारण मौत हो गई थी। पत्नी की मौत से वह बेहद दुखी था। इसी दुख में उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों के बयान दर्ज कर धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया।
राममेहर सिंह, प्रभारी, आठ मरला चौकी।
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मूलरूप से सोनीपत के गांव शामड़ी निवासी प्रदीप कुमार (27) लंबे समय से राजनगर गली नंबर-एक में परिवार सहित रहता था और किशनपुरा सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। प्रदीप की छोटी बहन सुषमा की तीन फरवरी व छोटे भाई दिनेश की चार फरवरी को शादी थी। दोनों की शादी बड़े धूमधाम के साथ की गई। प्रदीप की पत्नी रीना किसी बीमारी से पीड़ित थी। उसकी पांच फरवरी को तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उपचार के लिए दिल्ली ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। छह फरवरी को रीना के शव का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बताया रीना की मौत के बाद प्रदीप बेहद दुखी था। मंगलवार को सुबह उसने चाय पी। उसके बाद जहरीला पदार्थ निगल लिया। प्रदीप की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसको शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
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प्रदीप के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
प्रदीप छह बहन-भाइयों में चौथे नंबर पर था। प्रदीप से बड़ी तीन बहनों की पहले ही शादी हो चुकी है। प्रदीप से छोटी एक बहन व एक भाई है। परिवार की जिम्मेदार प्रदीप के कंधों पर ही थी। प्रदीप इसको बखूबी निभा रहा था। दो दिन पहले उसने अपनी बहन व भाई की शादी बड़ी धूमधाम से की। प्रदीप के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव का था। सभी के साथ मिल जुलकर रहता था। वह पत्नी की बीमारी को लेकर गंभीर था। बहन-भाई की शादी के बाद वह अपनी पत्नी का किसी अच्छे अस्पताल में इलाज करवाने की बात कहता था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसे अपनी पत्नी का इलाज करवाने तक का समय नहीं मिलेगा।
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दो दिन में जली दो चिताएं
राजनगर में पहले दिन पत्नी, अगले दिन पति की चिताएं जलने से मातम का माहौल है। परिवार के दो सदस्यों की अकस्मात मौत से शादी की सभी खुशियां मातम में बदल चुकी हैं। रिश्तेदार व आस-पड़ोस के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने का काम कर रहे हैं। लेकिन परिजनों के आंसू हैं कि थमने का नाम नहीं ले रहे। ढाई साल का मासूम बच्चा अभी ठीक प्रकार से अपनों को पहचानने भी नहीं लगा था कि उसके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। माता-पिता की मौत के बाद बच्चा अनाथ हो चुका है। जिसका उसे आभास तक नहीं।
दो दिन से नहीं लगी मंडी
प्रदीप किशनपुरा सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाकर सब्जी बेचता था। प्रदीप की मौत के बाद से साथी रेहड़ी संचालकों में भी दुख की लहर है। गत रोज प्रदीप की पत्नी की मौत के दुख में सब्जी मंडी बंद की गई थी, वहीं मंगलवार को प्रदीप की मौत के बाद सब्जी मंडी बंद करने का निर्णय लिया गया।
राजनगर निवासी प्रदीप की पत्नी की एक दिन पहले ही बीमारी के कारण मौत हो गई थी। पत्नी की मौत से वह बेहद दुखी था। इसी दुख में उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों के बयान दर्ज कर धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया।
राममेहर सिंह, प्रभारी, आठ मरला चौकी।