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श्रमिक को तभी जिंदा झोंक दिया था भट्टी में
ब्यूरो पानीपत
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:12 AM IST
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पुलिस ने आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा किया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दीनानाथ कॉलोनी निवासी श्रमिक के तीन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का राज खुल गया है। उसको तीन साल पहले ही भैंसवाल स्थित फैक्टरी में जिंदा भट्टी में झोंक दिया गया था। उस वक्त परिजनों के पूछने पर फैक्टरी के गार्डों ने उसके काम के बाद चले जाने की बात बताई थी। श्रमिक के गायब होने के बाद सदमे में उसकी मां की भी मौत हो गई थी। पुलिस ने परिजनों के बयानों पर फैक्टरी मालिक समेत पांच लोगों पर हत्या करने और शव को खुर्दबुर्द करने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा किया है।
थाना शहर के अंतर्गत गांव भैंसवाल के पास स्थित फैक्टरी में तीन साल पहले मुकेश (33) निवासी दीनानाथ कॉलोनी काम करता था। मुकेश के बड़े भाई मांगेराम निवासी दीनानाथ कॉलोनी ने बताया कि उसके साथ उसकी मां बलबीरी और भांजी भारती भी रहती थी। एक मुकेश एक दिन अचानक फैक्टरी से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसकी मां बलबीरी ने उसको फोन कर मुकेश के लापता होने के बारे में बताया। इसके बाद वह फैक्टरी पहुंचा और वहां के गार्ड के साथ ही अन्य श्रमिकों से मुकेश के बारे में पूछ। उस वक्त सभी ने बताया कि मुकेश फैक्टरी से बिना किसी को बताए चला गया है। वह मुकेश को तलाश करते रहे, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। इसके बाद उनकी मां बलबीरी सदमे में चली गईं और इससे उनकी मौत हो गई। वह तीन साल तक मुकेश लौटने की आस लगाए बैठे रहे। रविवार को परिजनों ने बताया कि मुकेश की तीन साल पहले ही भट्टी में झोंककर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में फैक्टरी के मालिक समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
इन पर हुआ केस दर्ज
मुकेश की हत्या का आरोप फैक्टरी मालिक मनीष निवासी गांव चंदौली, सुनील निवासी अलीपुर और फैक्टरी के तीन अन्य श्रमिकों पर है। परिजन तीन साल से मुकेश की तलाश में धक्के खा रहे थे।
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भतीजी की भी फैक्टरी में संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी मौत
मृतक मुकेश के बड़े भाई मांगेराम ने बताया कि उसके छोटे भाई मुकेश के पास उसकी 16 वर्षीय भतीजी भारती रहती थी। मुकेश के लापता होने से कुछ दिन पहले ही उसकी भतीजी भारती की भी फैक्टरी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गरीबी के कारण वह अपनी आवाज नहीं उठा पाए।
ऐसे हुआ खुलासा
मुकेश के भाई मांगेराम ने बताया कि पहले भतीजी फिर मुकेश के रहस्यमय तरीके से फैक्टरी से गायब होने और फैक्टरी के गार्डों के पल्ला झाड़ने से उन्हें शक हो गया। इसके बाद वह लगातार फैक्टरी के कर्मचारियों और गार्डों के संपर्क में रहने लगे। इनमें से ही कुछ लोगों ने नाम न खोलने की शर्त पर उसे बताया कि मुकेश को उसी वक्त फैक्टरी की भट्टी में जिंदा झोंक दिया गया था। इसके बाद ही उन्होंने इस बारे में पुलिस को सूचित किया।
जांच के बाद होगा पूरे मामले का खुलासा
अब तक पूरे मामले की परते नहीं खुल पाई है। पुलिस की दो टीमें मामले की जांच कर रही है। पुलिस के हाथ मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। पुलिस अधिकारी मामले के जल्द खुलासे का दावा कर रहे है।
पुलिस मुकेश के लापता होने से लेकर उसकी हत्या तक पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मुकेश के बारे में पूछताछ करेगी।
छबील सिंह, इंचार्ज एंटी स्नेचिंग स्टाफ पानीपत
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थाना शहर के अंतर्गत गांव भैंसवाल के पास स्थित फैक्टरी में तीन साल पहले मुकेश (33) निवासी दीनानाथ कॉलोनी काम करता था। मुकेश के बड़े भाई मांगेराम निवासी दीनानाथ कॉलोनी ने बताया कि उसके साथ उसकी मां बलबीरी और भांजी भारती भी रहती थी। एक मुकेश एक दिन अचानक फैक्टरी से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसकी मां बलबीरी ने उसको फोन कर मुकेश के लापता होने के बारे में बताया। इसके बाद वह फैक्टरी पहुंचा और वहां के गार्ड के साथ ही अन्य श्रमिकों से मुकेश के बारे में पूछ। उस वक्त सभी ने बताया कि मुकेश फैक्टरी से बिना किसी को बताए चला गया है। वह मुकेश को तलाश करते रहे, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। इसके बाद उनकी मां बलबीरी सदमे में चली गईं और इससे उनकी मौत हो गई। वह तीन साल तक मुकेश लौटने की आस लगाए बैठे रहे। रविवार को परिजनों ने बताया कि मुकेश की तीन साल पहले ही भट्टी में झोंककर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में फैक्टरी के मालिक समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
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इन पर हुआ केस दर्ज
मुकेश की हत्या का आरोप फैक्टरी मालिक मनीष निवासी गांव चंदौली, सुनील निवासी अलीपुर और फैक्टरी के तीन अन्य श्रमिकों पर है। परिजन तीन साल से मुकेश की तलाश में धक्के खा रहे थे।
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भतीजी की भी फैक्टरी में संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी मौत
मृतक मुकेश के बड़े भाई मांगेराम ने बताया कि उसके छोटे भाई मुकेश के पास उसकी 16 वर्षीय भतीजी भारती रहती थी। मुकेश के लापता होने से कुछ दिन पहले ही उसकी भतीजी भारती की भी फैक्टरी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। गरीबी के कारण वह अपनी आवाज नहीं उठा पाए।
ऐसे हुआ खुलासा
मुकेश के भाई मांगेराम ने बताया कि पहले भतीजी फिर मुकेश के रहस्यमय तरीके से फैक्टरी से गायब होने और फैक्टरी के गार्डों के पल्ला झाड़ने से उन्हें शक हो गया। इसके बाद वह लगातार फैक्टरी के कर्मचारियों और गार्डों के संपर्क में रहने लगे। इनमें से ही कुछ लोगों ने नाम न खोलने की शर्त पर उसे बताया कि मुकेश को उसी वक्त फैक्टरी की भट्टी में जिंदा झोंक दिया गया था। इसके बाद ही उन्होंने इस बारे में पुलिस को सूचित किया।
जांच के बाद होगा पूरे मामले का खुलासा
अब तक पूरे मामले की परते नहीं खुल पाई है। पुलिस की दो टीमें मामले की जांच कर रही है। पुलिस के हाथ मामले में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। पुलिस अधिकारी मामले के जल्द खुलासे का दावा कर रहे है।
पुलिस मुकेश के लापता होने से लेकर उसकी हत्या तक पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मुकेश के बारे में पूछताछ करेगी।
छबील सिंह, इंचार्ज एंटी स्नेचिंग स्टाफ पानीपत