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Panipat: परिजनों ने किया नैनीताल जाने से इनकार, ताइक्वांडो खिलाड़ी ने ट्रेन के आगे लगाई छलांग
Wed, 16 Aug 2023 02:39 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 16 Aug 2023 02:39 PM IST
सार
पानीपत में ताइक्वांडो खिलाड़ी के आत्महत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुष्पेंद्र ने दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने जाने का प्लान बनाया। लेकि घर वालों 20 अगस्त के बाद घूमने जाने की बात कही। जिससे नाराज पुष्पेंद्र यह कदम उठाया है।
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मृतक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पानीपत में ताइक्वांडो के राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतने वाले पुष्पेंद्र 21 ने नांगल खेड़ी में रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास मिले फोन से जीआरपी ने परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने घटनास्थल पर पहुंचे मृतक की शिनाख्त की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया।
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ये था पूरा मामला
भाई संदीप ने बताया कि पुष्पेंद्र सिरसा में एक डेरे पर रहता था। सिरसा से ही वह फिलहाल बीए फाइनल वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। मंगलवार को पुष्पेंद्र ने दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने जाने का प्लान बनाया। बैग में कपड़े पैक कर गाड़ी में रखने लगा तो परिवार ने चाबी देने से इनकार कर दिया। पिता से बातचीत हुई तो उन्होंने 20 अगस्त के बाद घूमने जाने की बात कही।
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परिवार से नाराज होकर पुष्पेंद्र बाइक पर सवार होकर घर से निकला तो परिजन लगातार उसके फोन पर कॉल करते रहे। लेकिन उसका नंबर व्यस्त चल रहा था। फिर काफी देर तक पुष्पेंद्र ने फोन रिसीव नहीं किया। आखिर में जीआरपी के जवानों ने पुष्पेंद्र की मौत होने की सूचना दी। जांच अधिकारी एसआई कृष्ण लाल ने बताया कि फिलहाल मृतक का फोन लॉक है। मामले की जांच की जा रही है।
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हादसे के डर से जाने से रोका, शहर में ही हो गई अनहोनी
पिता राजेंद्र ने बताया कि उत्तराखंड और हिमाचल में लगातार लैंडस्लाइड होने के कारण हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोगों की जान जा रही है। बेटा घर से जाने की जिद करने लगा तो हादसे की आशंका को देखते हुए उसे दो-चार दिन घर रुकने के लिए कहा। लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं कम होने पर घूमने जाने की बात कही। डर था कि कहीं हादसे में इकलौते बेटे या उसके दोस्तों को चोट ना जाए, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। शायद बेटा घूमने चला जाता तो आज वह परिवार के साथ होता।