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सरकारी एंबुलेंस फोन करने पर भी नहीं आई, गर्भवती को ऑटो से ले गए, अस्पताल गेट पर ऑटो में जन्मी बच्ची
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Thu, 01 Jun 2017 11:29 PM IST
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सरकारी एंबुलेंस एक बार फिर गर्भवती महिला को अस्पताल लाने में जवाब दे गई। एंबुलेंस सेंटर और आशा वर्कर में से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद परिवार के लोग गर्भवती को ऑटो में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। महिला ने इमरजेंसी के गेट के बाहर ऑटो में ही बच्ची को जन्म दे दिया। फिलहाल जच्चा और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। इस घटना से स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एंबुलेंस केंद्र के अधिकारी ने शहर से किसी तरह की कॉल न आने की बात कही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
मामला शहर की विद्यानंद कॉलोनी का है। राजू की पत्नी धनदेवी गर्भवती थी और उसे वीरवार दोपहर को प्रसव पीड़ा होने लगी। राजू ने बताया कि उसने इसको लेकर 102 नंबर और आशा वर्कर को सूचना दी, लेकिन उसके बार-बार कहने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली। प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ने पर उसने कोई खतरा उठाने की बजाय अपनी पत्नी को ऑटो से सिविल अस्पताल ले जाना बेहतर समझा। इसके बाद वह पत्नी को ऑटो से लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा और वहां स्टाफ को इसकी सूचना दी। इसी समय उसकी पत्नी ने बच्ची को जन्म दे दिया।
ऑटो में जन्म देते ही मची भगदड़
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के गेट पर महिला के ऑटो में ही बच्चे को जन्म देने की जानकारी होते ही सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की सांसें फूल गई। महिला और नवजात को तुरंत वार्ड में ले जाया गया। वहां दोनों का चेकअप किया गया। डॉक्टरों ने दोनों को तंदुरुस्त बताया है। राजू ने एंबुलेंस न भेजने पर नाराजगी जाहिर की है।
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एंबुलेंस न मिलने के कई मामले सामने आए
एंबुलेंस न मिलने पर गर्भवती को खुद सिविल अस्पताल में लेकर आने या फिर अस्पताल के गेट पर बच्चों को जन्म देने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले सिविल अस्पताल में इस तरह के कई मामले को चुके हैं। पिछले पखवाड़े में सिविल अस्पताल के एक नंबर गेट पर ऑटो में एक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था। वार्ड-24 निवासी व्यक्ति का सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस न मिलने का आरोप था।
आशा वर्कर बोली, सुबह ही मोहल्ले से लेकर आई थी केस
आशा वर्कर ने अपना नाम नहीं खोलते हुए बताया कि वह तीन दिन से धनदेवी को एंबुलेंस में सिविल अस्पताल लेकर आ रही थी। वह वीरवार सुबह भी इसी मोहल्ले से एक केस लेकर आई थी। वह सिविल अस्पताल में पहुंची तो उसके पति का फोन आया था। उसने उससे एंबुलेंस भेजने की बात नहीं कही। वे उसको खुद ही ऑटो में ले आए।
मैं वीरवार को पूरा दिन केंद्र पर रहा। शहर की वीरवार को अपेक्षाकृत बहुत कम कॉल आई हैं। मैं खुद भी इसको लेकर चिंतित था। मेरे संज्ञान में किसी गर्भवती को एंबुलेंस न मिलने का मामला नहीं आया है। ऐसी कोई शिकायत आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिपाल शर्मा, फ्लीट मैनेजर, एंबुलेंस पानीपत।
सिविल अस्पताल की इसमरजेंसी के बाहर एक ऑटो में महिला के बच्ची को जन्म देने की जानकारी मिली है। जच्चा और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। उन्हें एंबुलेंस नहीं मिलने की जानकारी नहीं है और न ही परिवार के लोगों ने इस तरह की कोई शिकायत दी है। ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।
मामला शहर की विद्यानंद कॉलोनी का है। राजू की पत्नी धनदेवी गर्भवती थी और उसे वीरवार दोपहर को प्रसव पीड़ा होने लगी। राजू ने बताया कि उसने इसको लेकर 102 नंबर और आशा वर्कर को सूचना दी, लेकिन उसके बार-बार कहने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली। प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ने पर उसने कोई खतरा उठाने की बजाय अपनी पत्नी को ऑटो से सिविल अस्पताल ले जाना बेहतर समझा। इसके बाद वह पत्नी को ऑटो से लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा और वहां स्टाफ को इसकी सूचना दी। इसी समय उसकी पत्नी ने बच्ची को जन्म दे दिया।
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ऑटो में जन्म देते ही मची भगदड़
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के गेट पर महिला के ऑटो में ही बच्चे को जन्म देने की जानकारी होते ही सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की सांसें फूल गई। महिला और नवजात को तुरंत वार्ड में ले जाया गया। वहां दोनों का चेकअप किया गया। डॉक्टरों ने दोनों को तंदुरुस्त बताया है। राजू ने एंबुलेंस न भेजने पर नाराजगी जाहिर की है।
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एंबुलेंस न मिलने के कई मामले सामने आए
एंबुलेंस न मिलने पर गर्भवती को खुद सिविल अस्पताल में लेकर आने या फिर अस्पताल के गेट पर बच्चों को जन्म देने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले सिविल अस्पताल में इस तरह के कई मामले को चुके हैं। पिछले पखवाड़े में सिविल अस्पताल के एक नंबर गेट पर ऑटो में एक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था। वार्ड-24 निवासी व्यक्ति का सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस न मिलने का आरोप था।
आशा वर्कर बोली, सुबह ही मोहल्ले से लेकर आई थी केस
आशा वर्कर ने अपना नाम नहीं खोलते हुए बताया कि वह तीन दिन से धनदेवी को एंबुलेंस में सिविल अस्पताल लेकर आ रही थी। वह वीरवार सुबह भी इसी मोहल्ले से एक केस लेकर आई थी। वह सिविल अस्पताल में पहुंची तो उसके पति का फोन आया था। उसने उससे एंबुलेंस भेजने की बात नहीं कही। वे उसको खुद ही ऑटो में ले आए।
मैं वीरवार को पूरा दिन केंद्र पर रहा। शहर की वीरवार को अपेक्षाकृत बहुत कम कॉल आई हैं। मैं खुद भी इसको लेकर चिंतित था। मेरे संज्ञान में किसी गर्भवती को एंबुलेंस न मिलने का मामला नहीं आया है। ऐसी कोई शिकायत आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिपाल शर्मा, फ्लीट मैनेजर, एंबुलेंस पानीपत।
सिविल अस्पताल की इसमरजेंसी के बाहर एक ऑटो में महिला के बच्ची को जन्म देने की जानकारी मिली है। जच्चा और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। उन्हें एंबुलेंस नहीं मिलने की जानकारी नहीं है और न ही परिवार के लोगों ने इस तरह की कोई शिकायत दी है। ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत।