{"_id":"57d307984f1c1ba83031b9df","slug":"arrest-people-highway-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गिरफ्तारी न होने से भड़के लोगों ने चंडीगढ़ हाईवे किया जाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गिरफ्तारी न होने से भड़के लोगों ने चंडीगढ़ हाईवे किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध कब्जा हटवाने पहुंचे प्रशासनिक अमले और लोगों के बीच जमकर टकराव हुआ। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ और प्लास्टिक की गोलियां चलाकर भीड़ को खदेड़ा। पूरे घटनाक्रम में तीन पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल गए। वार्ड 6 में स्थित खसरा नंबर 482 में स्थित मकानों को गिरवाने की कार्रवाई के विरोध में यह घटना हुई। विरोध के बाद प्रशासन ने एक मकान गिराने के बाद कार्रवाई रोक दी।
कलायत में हाईकोर्ट के आदेश पर तालाब की खाली जमीन को कब्जे में लेने के बाद शुक्रवार को प्रशासनिक अमला अवैध निर्माण गिरवाने के लिए पहुंचा था। पहले तो पुलिस ने लोगों को दूर खदेड़ दिया और हुसन सिंह के मकान से निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस पर गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल पीछे हट गया। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए आंसू गैस और प्लास्टिक की गोलियां चलानी शुरू कर दी। दोनों और से हुए पथराव में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। करीब 8 से 10 आंसू गैस के गोले चलाए। इसके बावजूद दोनों और से भारी पथराव जारी रहा। पथराव में कांस्टेबल रमेश कुमार, एएसआई शमशेर सिंह के अलावा सजूमा रोड निवासी महीपाल, मंटू राणा, मामू राम व महिला सरिता देवी घायल हो गई। घायलों को कलायत के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
ड्यूटि मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई, थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा और नगरपालिका सचिव ने लोगों को समझाया कि वे न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई कर रहे हैं। गिराए जाने वाले मकानों पर लिस्ट के हिसाब से नगरपालिका प्रशासन ने लाल निशान लगाए और उन मकानों की बिजली काट दी। प्रशासन ने शुक्रवार को एक मकान गिरवाया, जो हुसन सिंह राणा का है।
विज्ञापन
मनमर्जी कर रहा है प्रशासन
स्थानीय निवासी गोपाल नंबरदार ने कहा कि प्रशासन अपने हिसाब से कार्रवाई कर रहा है। उनके पास आज तक कोई नोटिस तक नहीं आया और प्रशासन ने उन्हें एक्स पार्टी बना दिया। कमिश्नर ऑफिस में उनके केस लगे हैं, 13 सितंबर को सुनवाई है। मगर उससे पहले ही प्रशासन उनके मकान गिराने पर आमादा है। जिस समय तालाबों की निशानदेही करवाई गई उस समय भी खसरा नंबर 482 के लोगों को बुलाया नहीं गया। आरोप है कि जो पहले लिस्ट बनाई गई थी उसमें 13 लोगों के नाम थे, पर आज जो मकान गिराने की लिस्ट प्रशासन दिखा रहा है उसमें 9 लोगों के नाम हैं। लोगों का आरोप था कि नगरपालिका के चेयरमैन, पालिका अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पैसे लेकर लोगों के नाम लिस्ट से निकाल दिए हैं।
पुलिस ने सड़क पर गिरा कर पीटा
महीपाल ने कहा कि न तो उसका मकान गिराने की श्रेणी में आता है तथा न ही वह झगड़े में शामिल था। वह अपने खेत से आया था तभी पुलिस वालों ने उसे सड़क पर गिरा कर लाठियों से पीटा। उसका बाजू और कंधा टूट गया। महीपाल ने बताया कि वह काले पीलिया से ग्रस्त था और चंडीगढ़ से इलाज करवा कर डेढ़ माह के बाद गांव आया था। बिरमी राणा ने बताया कि वह अपने मकान में खड़ा था और उसके साथ वाले मकान को जेसीबी से गिराया गया। झगड़ा होने पर पुलिस ने घर में घुस कर उसकी पत्नी को बुरी तरह से पीटा। पुलिस की मार से वह बुरी तरह घायल है।
प्रशासन केवल अपनी ड्यूटी करते हुए उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना कर रहा है। न्यायालय के आदेशों के तहत कब्जे हटवाए जा रहे हैं। - सुरेश कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
पुलिस बल के पास हेल्मेट नहीं थे। अगले आदेश आने पर पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ मौके पर जाएगा। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। - जोगेंद्र सिंह, डीएसपी
विज्ञापन
कलायत में हाईकोर्ट के आदेश पर तालाब की खाली जमीन को कब्जे में लेने के बाद शुक्रवार को प्रशासनिक अमला अवैध निर्माण गिरवाने के लिए पहुंचा था। पहले तो पुलिस ने लोगों को दूर खदेड़ दिया और हुसन सिंह के मकान से निर्माण को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस पर गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल पीछे हट गया। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए आंसू गैस और प्लास्टिक की गोलियां चलानी शुरू कर दी। दोनों और से हुए पथराव में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। करीब 8 से 10 आंसू गैस के गोले चलाए। इसके बावजूद दोनों और से भारी पथराव जारी रहा। पथराव में कांस्टेबल रमेश कुमार, एएसआई शमशेर सिंह के अलावा सजूमा रोड निवासी महीपाल, मंटू राणा, मामू राम व महिला सरिता देवी घायल हो गई। घायलों को कलायत के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
ड्यूटि मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई, थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा और नगरपालिका सचिव ने लोगों को समझाया कि वे न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई कर रहे हैं। गिराए जाने वाले मकानों पर लिस्ट के हिसाब से नगरपालिका प्रशासन ने लाल निशान लगाए और उन मकानों की बिजली काट दी। प्रशासन ने शुक्रवार को एक मकान गिरवाया, जो हुसन सिंह राणा का है।
विज्ञापन
मनमर्जी कर रहा है प्रशासन
स्थानीय निवासी गोपाल नंबरदार ने कहा कि प्रशासन अपने हिसाब से कार्रवाई कर रहा है। उनके पास आज तक कोई नोटिस तक नहीं आया और प्रशासन ने उन्हें एक्स पार्टी बना दिया। कमिश्नर ऑफिस में उनके केस लगे हैं, 13 सितंबर को सुनवाई है। मगर उससे पहले ही प्रशासन उनके मकान गिराने पर आमादा है। जिस समय तालाबों की निशानदेही करवाई गई उस समय भी खसरा नंबर 482 के लोगों को बुलाया नहीं गया। आरोप है कि जो पहले लिस्ट बनाई गई थी उसमें 13 लोगों के नाम थे, पर आज जो मकान गिराने की लिस्ट प्रशासन दिखा रहा है उसमें 9 लोगों के नाम हैं। लोगों का आरोप था कि नगरपालिका के चेयरमैन, पालिका अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पैसे लेकर लोगों के नाम लिस्ट से निकाल दिए हैं।
पुलिस ने सड़क पर गिरा कर पीटा
महीपाल ने कहा कि न तो उसका मकान गिराने की श्रेणी में आता है तथा न ही वह झगड़े में शामिल था। वह अपने खेत से आया था तभी पुलिस वालों ने उसे सड़क पर गिरा कर लाठियों से पीटा। उसका बाजू और कंधा टूट गया। महीपाल ने बताया कि वह काले पीलिया से ग्रस्त था और चंडीगढ़ से इलाज करवा कर डेढ़ माह के बाद गांव आया था। बिरमी राणा ने बताया कि वह अपने मकान में खड़ा था और उसके साथ वाले मकान को जेसीबी से गिराया गया। झगड़ा होने पर पुलिस ने घर में घुस कर उसकी पत्नी को बुरी तरह से पीटा। पुलिस की मार से वह बुरी तरह घायल है।
प्रशासन केवल अपनी ड्यूटी करते हुए उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना कर रहा है। न्यायालय के आदेशों के तहत कब्जे हटवाए जा रहे हैं। - सुरेश कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
पुलिस बल के पास हेल्मेट नहीं थे। अगले आदेश आने पर पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ मौके पर जाएगा। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। - जोगेंद्र सिंह, डीएसपी