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लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेकर ठग फरार
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पहले लोन दिलाने के पंपलेट बांटे फिर ठगे लाखों
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। लोन देने के नाम पर पहले तो क्षेत्र में पंपलेट बांटे गए और फिर कई लोगों के फर्जी कागजातों पर हस्ताक्षर करवाकर लोन दिलाने के नाम पर मतलौडा व आसपास के लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गए। ठगी का शिकार हुए ज्यादातर लोग गरीब तबके से हैं। जो या तो मजदूरी करते हैं या फिर रेहड़ी लगाकर अपने पेट पाल रहे हैं। पुलिस के चक्कर में न पड़ने के कारण लोगों ने शिकायत नहीं दी। मतलौडा में चाय की दुकान चलाने वाले व फल की रेहड़ी लगाने वाले जसबीर, मजदूरी करने वाले जयनारयण, रमेश कुमार व सत्यवान ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा मतलौडा व गांवों में लोन की स्कीम लिखे पंपलेट बांटे गए थे। इन पर होम लोन देने वाली कई कंपनियां व बैंकों के नाम अंकित थे। पंपलेट पर होम लोन, पर्सनल लोन, प्रोपर्टी लोन, बिजनेस लोन दिए जाने के दावे किए गए थे।
सरकारी नौकरी वाले को 3 दिन में लोन देना, लाल डोरे के अंदर की जमीन पर भी लोन देने के लिए पंपलेट में दावा किया हुआ था। इनको देखकर लोग भ्रमित हो गए और उस पर लिखे फोन नंबर पर संपर्क किया तो एक युवक व एक युवती लोगों के घर पहुंचे और लोन फाइल के नाम पर उनसे 7500 रुपये व कुछ आईडी के कागजात ले गए। इसके करीब 15 दिन बाद दोबारा फिर आए ओर उनका लोन पास होने की बात कह कर कुछ कागजात और 6500 रुपये लेकर चले गए। इसके बाद दस दिन बाद दो युवक फिर आए और एक सप्ताह में लोन होने की बात कह कर पैसे मांगे तो उन्होंने कहा कि पहले भी दो बार उनसे पैसे ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। अगर वह पैसे लेंगे तो व साथ साथ रसीद देंगे। वह जब भी आए तो रसीद अवश्य ले लेना।
उन्होंने अपनी बातों में फंसा कर उनसे 2500 रुपये लेकर उन्हें रसीद देकर चले गए। इसके बाद से उनके मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। पंपलेट पर लिखा मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। लोगों ने बताया कि इस तरह से धोखाधड़ी करके लोन दिलाने वाले गिरोह ने क्षेत्र से करीब 200 लोगों को ठगने की बात कही जा रही है। इस बारे में एसएचओ का कहना है कि अगर लोगों के साथ ठगी हुई तो पुलिस में शिकायत देनी चाहिए। पुलिस इस मामले की जांच करेगी और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। लोन देने के नाम पर पहले तो क्षेत्र में पंपलेट बांटे गए और फिर कई लोगों के फर्जी कागजातों पर हस्ताक्षर करवाकर लोन दिलाने के नाम पर मतलौडा व आसपास के लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गए। ठगी का शिकार हुए ज्यादातर लोग गरीब तबके से हैं। जो या तो मजदूरी करते हैं या फिर रेहड़ी लगाकर अपने पेट पाल रहे हैं। पुलिस के चक्कर में न पड़ने के कारण लोगों ने शिकायत नहीं दी। मतलौडा में चाय की दुकान चलाने वाले व फल की रेहड़ी लगाने वाले जसबीर, मजदूरी करने वाले जयनारयण, रमेश कुमार व सत्यवान ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा मतलौडा व गांवों में लोन की स्कीम लिखे पंपलेट बांटे गए थे। इन पर होम लोन देने वाली कई कंपनियां व बैंकों के नाम अंकित थे। पंपलेट पर होम लोन, पर्सनल लोन, प्रोपर्टी लोन, बिजनेस लोन दिए जाने के दावे किए गए थे।
सरकारी नौकरी वाले को 3 दिन में लोन देना, लाल डोरे के अंदर की जमीन पर भी लोन देने के लिए पंपलेट में दावा किया हुआ था। इनको देखकर लोग भ्रमित हो गए और उस पर लिखे फोन नंबर पर संपर्क किया तो एक युवक व एक युवती लोगों के घर पहुंचे और लोन फाइल के नाम पर उनसे 7500 रुपये व कुछ आईडी के कागजात ले गए। इसके करीब 15 दिन बाद दोबारा फिर आए ओर उनका लोन पास होने की बात कह कर कुछ कागजात और 6500 रुपये लेकर चले गए। इसके बाद दस दिन बाद दो युवक फिर आए और एक सप्ताह में लोन होने की बात कह कर पैसे मांगे तो उन्होंने कहा कि पहले भी दो बार उनसे पैसे ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। अगर वह पैसे लेंगे तो व साथ साथ रसीद देंगे। वह जब भी आए तो रसीद अवश्य ले लेना।
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उन्होंने अपनी बातों में फंसा कर उनसे 2500 रुपये लेकर उन्हें रसीद देकर चले गए। इसके बाद से उनके मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। पंपलेट पर लिखा मोबाइल नंबर बंद आ रहा है। लोगों ने बताया कि इस तरह से धोखाधड़ी करके लोन दिलाने वाले गिरोह ने क्षेत्र से करीब 200 लोगों को ठगने की बात कही जा रही है। इस बारे में एसएचओ का कहना है कि अगर लोगों के साथ ठगी हुई तो पुलिस में शिकायत देनी चाहिए। पुलिस इस मामले की जांच करेगी और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
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