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पानीपत, सोनीपत, रोहतक पुलिस ने नरेंद्र व उसकी बेटी की तलाश तेज की, अब तक सुराग नहीं
Updated Sun, 29 Apr 2018 11:48 PM IST
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नरेंद्र व उसकी बेटी का नहीं लगा सुराग
-नरेंद्र अपनी तीन बेटियों को लेकर नहर में कूदा था, दो बेटियों के शव बरामद हो चुके है, पानीपत, सोनीपत, रोहतक पुलिस कर रही तलाश
अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत। पानीपत, रोहतक व सोनीपत पुलिस ने अपने जिलों में बह रही नहर व रजवाहों में नरेंद्र व उसकी बेटी शालू की तलाश तेज करवा दी है। अब तक इन दोनों का सुराग नहीं लगा है। ग्रामीणों को नहर के किनारे विभिन्न स्थानों पर जमावड़ा लगा हुआ है। वहीं शनिवार को सोनीपत पुलिस ने नरेंद्र की बेटी शिखा का शव गांव बडवासनी के पास से और रोहतक पुलिस ने चार वर्षीय नायरा का शव गांव बालद से बरामद किया था। रविवार को दोनों लड़कियों का गांव इसराना में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना से गांव इसराना में शोक छाया हुआ है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। गौरतलब है कि नरेंद्र पुत्र सतबीर निवासी गांव शामधी जिला सोनीपत अपने पिता के निधन के बाद अपने मामा के गांव इसराना में बस गया था। नरेंद्र टीबी रोग से पीड़ित था और रोगी होने के चलते उसका कामकाज छूट गया था। परिवार का पेट पालना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। इस कारण उसने खुद और तीनों बेटियों को जहर खिलाकर नहर में कूद गया था।
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-नरेंद्र अपनी तीन बेटियों को लेकर नहर में कूदा था, दो बेटियों के शव बरामद हो चुके है, पानीपत, सोनीपत, रोहतक पुलिस कर रही तलाश
अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत। पानीपत, रोहतक व सोनीपत पुलिस ने अपने जिलों में बह रही नहर व रजवाहों में नरेंद्र व उसकी बेटी शालू की तलाश तेज करवा दी है। अब तक इन दोनों का सुराग नहीं लगा है। ग्रामीणों को नहर के किनारे विभिन्न स्थानों पर जमावड़ा लगा हुआ है। वहीं शनिवार को सोनीपत पुलिस ने नरेंद्र की बेटी शिखा का शव गांव बडवासनी के पास से और रोहतक पुलिस ने चार वर्षीय नायरा का शव गांव बालद से बरामद किया था। रविवार को दोनों लड़कियों का गांव इसराना में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना से गांव इसराना में शोक छाया हुआ है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। गौरतलब है कि नरेंद्र पुत्र सतबीर निवासी गांव शामधी जिला सोनीपत अपने पिता के निधन के बाद अपने मामा के गांव इसराना में बस गया था। नरेंद्र टीबी रोग से पीड़ित था और रोगी होने के चलते उसका कामकाज छूट गया था। परिवार का पेट पालना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। इस कारण उसने खुद और तीनों बेटियों को जहर खिलाकर नहर में कूद गया था।