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दानिश को लेकर नहीं था नहर में कूदने का इरादा, बेटे को बड़े भाई को सौंपना चाह रहा था सुपरवाइजर
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:50 AM IST
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दानिश को लेकर पवन का नहर में कूदने का नहीं था इरादा
निगम कर्मचारी के नहर में कूदने का मामला, बेटे को बड़े भाई को सौंपना चाह रहा था पवन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम का सुपरवाइजर का अपने सात वर्षीय बेटे दानिश को लेकर नहर में कूदने का इरादा नहीं था। वह दानिश को बड़े भाई को सौंपना चाह रहा था। इस बात का अंदाजा यूूं लगाया जा रहा है कि उसने दानिश को स्कूल से ले जाकर पहले घर गया। वहां उसके कपड़े बदल कर एटीएम से 48 हजार रुपये निकाल कर बड़े भाई को फोन कर पानीपत बुलाया था। वह भाई को बेटे सहित रुपये सौंपना चाह रहा था। सुसाइड नोट में पवन ने लिखा कि उसकी पत्नी का छिंदवाड़ा निवासी कारोबारी से अक्टूबर 2017 से फेसबुक के जरिये अफेयर चल रहा था। पत्नी का कहना है कि इस बारे में उनके पूरे परिवार को पता था। पवन खुद भी उसके साथ दिल्ली कारोबारी से मिलने गए थे।
दिल्ली पैरलल नहर में कथित रूप से अपने पुत्र दानिश के साथ कूदे पवन पुत्र अमर सिंह निवासी शांति नगर की तलाश के लिए पानीपत, सोनीपत, जींद व रोहतक पुलिस जुटी हुई है। बताया जाता है कि नहर में कूदने से पहले पवन ने अपने भाई शिव कुमार निवासी हिसार को फोन कर बताया था कि उसका उसकी पत्नी के साथ विवाद चल रहा है। वह अपने भाई को पानीपत बुलाया था। वहीं पवन के बुलावे पर शिव कुमार पानीपत के लिए रवाना हो गया। शिव कुमार जब जींद पहुंचा तब उसे पवन के साले दीपक ने मोबाइल कॉल कर बताया कि पवन अपने पुत्र दानिश के साथ मरने के लिए नहर में कूद गया है। वहीं पुलिस ने पवन की स्कूटी गांव बिंझौल के पास दिल्ली पैरलल नहर के किनारे से बरामद की। इधर, पवन व दानिश को नहर में कूदते हुए किसी देखा है या नहीं, ऐसा कोई प्रत्यक्षदर्शी पुलिस के समक्ष नहीं आया है।
डायरी में लिखा सुसाइड नोट
मैं पवन कुमार अपने होश-ओ-हवास में यह सब कुछ लिख रहा हूं। मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं। इसके पीछे प्रकाश गुप्ता छिंदवाडा से है। इसका मेरी वाइफ से अफेयर है। ये सब पिछले अक्टूबर 2017 से चल रहा है। कृपया इन्हें छोड़ना मत प्लीज... पवन कुमार
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बेटे को आती थी तैराकी
सुपरवाइजर ने उसके बेटे दानिश को स्कूल व निजी तौर पर तैराकी सिखाने की फीस दे रखी थी। बेटा दानिश बहुत अच्छे से तैरना जानता था। आशंका जताई जा रही है कि अगर वह पवन नहर में कूदा है तो उसने उसके बेटे दानिश को बांहों में दबोच लिया। इस कारण वह भी नहर में डूब गया।
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निगम कर्मचारी के नहर में कूदने का मामला, बेटे को बड़े भाई को सौंपना चाह रहा था पवन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम का सुपरवाइजर का अपने सात वर्षीय बेटे दानिश को लेकर नहर में कूदने का इरादा नहीं था। वह दानिश को बड़े भाई को सौंपना चाह रहा था। इस बात का अंदाजा यूूं लगाया जा रहा है कि उसने दानिश को स्कूल से ले जाकर पहले घर गया। वहां उसके कपड़े बदल कर एटीएम से 48 हजार रुपये निकाल कर बड़े भाई को फोन कर पानीपत बुलाया था। वह भाई को बेटे सहित रुपये सौंपना चाह रहा था। सुसाइड नोट में पवन ने लिखा कि उसकी पत्नी का छिंदवाड़ा निवासी कारोबारी से अक्टूबर 2017 से फेसबुक के जरिये अफेयर चल रहा था। पत्नी का कहना है कि इस बारे में उनके पूरे परिवार को पता था। पवन खुद भी उसके साथ दिल्ली कारोबारी से मिलने गए थे।
दिल्ली पैरलल नहर में कथित रूप से अपने पुत्र दानिश के साथ कूदे पवन पुत्र अमर सिंह निवासी शांति नगर की तलाश के लिए पानीपत, सोनीपत, जींद व रोहतक पुलिस जुटी हुई है। बताया जाता है कि नहर में कूदने से पहले पवन ने अपने भाई शिव कुमार निवासी हिसार को फोन कर बताया था कि उसका उसकी पत्नी के साथ विवाद चल रहा है। वह अपने भाई को पानीपत बुलाया था। वहीं पवन के बुलावे पर शिव कुमार पानीपत के लिए रवाना हो गया। शिव कुमार जब जींद पहुंचा तब उसे पवन के साले दीपक ने मोबाइल कॉल कर बताया कि पवन अपने पुत्र दानिश के साथ मरने के लिए नहर में कूद गया है। वहीं पुलिस ने पवन की स्कूटी गांव बिंझौल के पास दिल्ली पैरलल नहर के किनारे से बरामद की। इधर, पवन व दानिश को नहर में कूदते हुए किसी देखा है या नहीं, ऐसा कोई प्रत्यक्षदर्शी पुलिस के समक्ष नहीं आया है।
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डायरी में लिखा सुसाइड नोट
मैं पवन कुमार अपने होश-ओ-हवास में यह सब कुछ लिख रहा हूं। मैं अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं। इसके पीछे प्रकाश गुप्ता छिंदवाडा से है। इसका मेरी वाइफ से अफेयर है। ये सब पिछले अक्टूबर 2017 से चल रहा है। कृपया इन्हें छोड़ना मत प्लीज... पवन कुमार
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बेटे को आती थी तैराकी
सुपरवाइजर ने उसके बेटे दानिश को स्कूल व निजी तौर पर तैराकी सिखाने की फीस दे रखी थी। बेटा दानिश बहुत अच्छे से तैरना जानता था। आशंका जताई जा रही है कि अगर वह पवन नहर में कूदा है तो उसने उसके बेटे दानिश को बांहों में दबोच लिया। इस कारण वह भी नहर में डूब गया।