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भजन गायक के बेटे का शव रोहतक भेजा
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भजन गायक के 10 वर्षीय बेटे भागवत के शव को वीरवार को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक ले जाया गया। पानीपत में मृतक भागवत के फूफा सहित अन्य परिजन पहुंचे और शव को रोहतक लेकर गए। वहां पर उसका पोस्टमार्टम कराया। भजन गायक के परिवार के हत्यारे को पानीपत से गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी के अनुसार उसे भागवत की गला घोंटकर हत्या की थी, लेकिन अभी तक 10 वर्षीय भागवत की मौत का राज नहीं खुल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आरोपी पर अन्य धाराएं भी जुड़ने की आंशका है।
गौरतलब है कि 30 दिसंबर की रात भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहा, बेटी वशुंधरा और बेटे भागवत की तलवार व चाकू से हत्या करने के बाद उनका ही शागिर्द्घ हिमांशू सैनी बेटे का शव गाड़ी में डालकर फरार हो गया था। आरोपी सभी शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में था, लेकिन उसका भांडा फूट चुका था। पुलिस उसके पीछे लग चुकी थी। यहीं सूचना मिलकर आरोपी गाड़ी में रखे शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में था। जिसके लिए वह पहले शामली, दिल्ली से होते पानीपत टोल टैक्स पर पहुंचा था। जहां आरोपी ने गाड़ी से नीचे उतरकर गाड़ी में आग लगा दी थी। वहीं टोल टेक्स से पुलिस कंट्रोल रुम में आग लगने की सूचना दी गई तो पानीपत पुलिस ने आरोपी हिमांशु को मौके पर ही दबोच कर उसे शामली पुलिस के हवाले कर दिया था और फायरब्रिगेड की गाड़ी से आग को बुझाया गया था। जब गाड़ी के अंदर से तालाशी ली गई थी तो पानीपत पुलिस को गाड़ी की डिग्गी से भागवत का शव बरामद हुआ था। जिसको पोस्टमार्टम के लिए पानीपत सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया था। वहीं सुबह एक जनवरी को तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव को ज्यादा झुलने की बात कहकर पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया था और उसे रोहतक रेफर कर दिया था। जिसके बाद परिजन मृतक अजय पाठक, उनकी पत्नी व बेटी का अंतिम संस्कार करने के कारण शव पानीपत के सामान्य अस्पताल में रखवा गए थे।
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गौरतलब है कि 30 दिसंबर की रात भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहा, बेटी वशुंधरा और बेटे भागवत की तलवार व चाकू से हत्या करने के बाद उनका ही शागिर्द्घ हिमांशू सैनी बेटे का शव गाड़ी में डालकर फरार हो गया था। आरोपी सभी शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में था, लेकिन उसका भांडा फूट चुका था। पुलिस उसके पीछे लग चुकी थी। यहीं सूचना मिलकर आरोपी गाड़ी में रखे शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में था। जिसके लिए वह पहले शामली, दिल्ली से होते पानीपत टोल टैक्स पर पहुंचा था। जहां आरोपी ने गाड़ी से नीचे उतरकर गाड़ी में आग लगा दी थी। वहीं टोल टेक्स से पुलिस कंट्रोल रुम में आग लगने की सूचना दी गई तो पानीपत पुलिस ने आरोपी हिमांशु को मौके पर ही दबोच कर उसे शामली पुलिस के हवाले कर दिया था और फायरब्रिगेड की गाड़ी से आग को बुझाया गया था। जब गाड़ी के अंदर से तालाशी ली गई थी तो पानीपत पुलिस को गाड़ी की डिग्गी से भागवत का शव बरामद हुआ था। जिसको पोस्टमार्टम के लिए पानीपत सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया था। वहीं सुबह एक जनवरी को तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव को ज्यादा झुलने की बात कहकर पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया था और उसे रोहतक रेफर कर दिया था। जिसके बाद परिजन मृतक अजय पाठक, उनकी पत्नी व बेटी का अंतिम संस्कार करने के कारण शव पानीपत के सामान्य अस्पताल में रखवा गए थे।
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