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Panipat News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी मोगली को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं। अदालत ने मामले में पेश किए गए गवाहों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई।
मतलौडा थाना पुलिस ने 29 मई 2024 को पीड़िता की मां की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में बताया गया था कि 28 मई 2024 की रात उनकी 17 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की। पुलिस ने 30 मई को पीड़िता को करनाल से बरामद कर लिया था। पीड़िता ने अदालत में दिए बयान में बताया कि आरोपी उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था।
पुलिस ने 31 मई 2024 को आरोपी मोगली को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल भी जब्त किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश किए गए। कोर्ट के समक्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और पीड़िता के बयान भी रखे गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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मतलौडा थाना पुलिस ने 29 मई 2024 को पीड़िता की मां की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में बताया गया था कि 28 मई 2024 की रात उनकी 17 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की। पुलिस ने 30 मई को पीड़िता को करनाल से बरामद कर लिया था। पीड़िता ने अदालत में दिए बयान में बताया कि आरोपी उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था।
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पुलिस ने 31 मई 2024 को आरोपी मोगली को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल भी जब्त किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश किए गए। कोर्ट के समक्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और पीड़िता के बयान भी रखे गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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