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कनेक्शन काटने से उद्यमी बिफरे, एक्सईएन को घेरा
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 22 Mar 2014 12:23 AM IST
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पानीपत। औद्योगिक नगरी में बिजली निगम द्वारा फैक्टरियों में लगे मीडियम कनेक्शन काटने का मामला तूल पकड़ गया है और बिफरे उद्यमियों ने निगम के एक्सईएन को घेर लिया।
उद्यमियों ने इसे बिजली निगम की मनमानी बताया है और प्रतिष्ठान बचाने के लिए सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। उद्यमी निगम के एसई का फोन पर आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए और शनिवार को मिलकर अपना रखने की कही। वहीं निगम अधिकारियों ने एक परिसर में दो कनेक्शनों को गलत ठहराया है।
बिजली निगम की ओर से कनेक्शन काटने के बाद गुस्साए उद्यमी शुक्रवार को बिजली निगम कार्यालय पहुंचे। उनकी अगुवाई पानीपत इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन प्रधान रोशन लाल धीमान और पानीपत शौडी मिल्स एसोसिएशन के प्रधान जगदीश राय जैन ने की। उद्यमी सीधे एसई कार्यालय में पहुंचे, लेकिन एसई के न मिलने पर सिटी एक्सईएन कशिक मान के कार्यालय में पहुंचे।
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उद्यमियों ने बिजली निगम की शॉर्ट नोटिस पर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया को गलत ठहराया। एक्सईएन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसई के साथ फोन पर बात की। एसई ने उच्चाधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में मीटिंग होने की कही और शनिवार को कार्यालय में समस्या सुन समाधान का आश्वासन दिया।
उद्यमियों ने निगम अधिकारियों को मनमर्जी से कनेक्शन काटने बंद करने की मांग की। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद उद्यमी वापस आ गए। इस मौके पर ईश्वर अग्रवाल, सुनील तुली, विजय गोयल, दीपक धीमान, वीरेंद्र मिगलानी, अमित गाबा और सतबीर गोयल मौजूद रहे।
उद्यमियों को डर है कि निगम एक साथ उनके प्रतिष्ठानों के कनेक्शन काट देगा तो बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। इससे फैक्टरी बंद हो जाएगी और लेबर घर बैठ जाएगी। इसका सीधा असर फैक्टरी मालिकों पर भी पड़ेगा। वे पहले ही प्रतियोगितावाद के शिकार हैं।
बिजली निगम की ओर से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में बिजली के दो या इससे अधिक कनेक्शनों को गलत बताया है और दो दिन पहले ऐसे उद्यमियों को नोटिस थमा दिए हैं। निगम अधिकारियों ने इसी बीच कनेक्शनों को काटना शुरू कर दिया। इस कारण उद्यमियों की चिंता बढ़ गई और वे इसके लिए एकजुट हो गए।
बिजली निगम की ओर से फैक्टरियों के कनेक्शन काटना निगम का राज है। कुछ जानकारों ने बताया कि मीडियम कनेक्शन में 50 केवी से 70केवी तक का कनेक्शन आता था। निगम ने इस दायरे को कम कर दिया है और अब मीडियम कैटेगरी में 50 केवी तक ही माना है। इससे अधिक केवी के कनेक्शनों को लार्ज कैटेगरी में डाला है। मीडियम और लार्ज कनेक्शन के वर्ग के बिल में काफी अंतर होता है।
कुछ उद्यमी उनसे कनेक्शन काटने के मामले में मिले थे। उनकी एसई से बात करा दी गई थी। उनको एसई ने शनिवार को मिलने की कही है। एक कैंपस में एक से अधिक कनेक्शन नहीं हो सकते। निगम ने ऐसे उपभोक्ताआें को नोटिस दिया है।
कशिक मान, एक्सईएन शहर, बिजली निगम पानीपत
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उद्यमियों ने इसे बिजली निगम की मनमानी बताया है और प्रतिष्ठान बचाने के लिए सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। उद्यमी निगम के एसई का फोन पर आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए और शनिवार को मिलकर अपना रखने की कही। वहीं निगम अधिकारियों ने एक परिसर में दो कनेक्शनों को गलत ठहराया है।
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बिजली निगम की ओर से कनेक्शन काटने के बाद गुस्साए उद्यमी शुक्रवार को बिजली निगम कार्यालय पहुंचे। उनकी अगुवाई पानीपत इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन प्रधान रोशन लाल धीमान और पानीपत शौडी मिल्स एसोसिएशन के प्रधान जगदीश राय जैन ने की। उद्यमी सीधे एसई कार्यालय में पहुंचे, लेकिन एसई के न मिलने पर सिटी एक्सईएन कशिक मान के कार्यालय में पहुंचे।
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उद्यमियों ने बिजली निगम की शॉर्ट नोटिस पर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया को गलत ठहराया। एक्सईएन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसई के साथ फोन पर बात की। एसई ने उच्चाधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में मीटिंग होने की कही और शनिवार को कार्यालय में समस्या सुन समाधान का आश्वासन दिया।
उद्यमियों ने निगम अधिकारियों को मनमर्जी से कनेक्शन काटने बंद करने की मांग की। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद उद्यमी वापस आ गए। इस मौके पर ईश्वर अग्रवाल, सुनील तुली, विजय गोयल, दीपक धीमान, वीरेंद्र मिगलानी, अमित गाबा और सतबीर गोयल मौजूद रहे।
उद्यमियों को डर है कि निगम एक साथ उनके प्रतिष्ठानों के कनेक्शन काट देगा तो बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी। इससे फैक्टरी बंद हो जाएगी और लेबर घर बैठ जाएगी। इसका सीधा असर फैक्टरी मालिकों पर भी पड़ेगा। वे पहले ही प्रतियोगितावाद के शिकार हैं।
बिजली निगम की ओर से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में बिजली के दो या इससे अधिक कनेक्शनों को गलत बताया है और दो दिन पहले ऐसे उद्यमियों को नोटिस थमा दिए हैं। निगम अधिकारियों ने इसी बीच कनेक्शनों को काटना शुरू कर दिया। इस कारण उद्यमियों की चिंता बढ़ गई और वे इसके लिए एकजुट हो गए।
बिजली निगम की ओर से फैक्टरियों के कनेक्शन काटना निगम का राज है। कुछ जानकारों ने बताया कि मीडियम कनेक्शन में 50 केवी से 70केवी तक का कनेक्शन आता था। निगम ने इस दायरे को कम कर दिया है और अब मीडियम कैटेगरी में 50 केवी तक ही माना है। इससे अधिक केवी के कनेक्शनों को लार्ज कैटेगरी में डाला है। मीडियम और लार्ज कनेक्शन के वर्ग के बिल में काफी अंतर होता है।
कुछ उद्यमी उनसे कनेक्शन काटने के मामले में मिले थे। उनकी एसई से बात करा दी गई थी। उनको एसई ने शनिवार को मिलने की कही है। एक कैंपस में एक से अधिक कनेक्शन नहीं हो सकते। निगम ने ऐसे उपभोक्ताआें को नोटिस दिया है।
कशिक मान, एक्सईएन शहर, बिजली निगम पानीपत