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Panipat News: जनगणना में लगे कोच, खिलाड़ियों का प्रशिक्षण प्रभावित
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जनगणना में अपनी ड्यूटी देते हुए खो-खो कोच गुलशन कुमार।
- फोटो : Archive
पानीपत। जिले के कोच मैदान छोड़कर जनगणना में लगे हुए हैं। ऐसे में नर्सरी और स्टेडियम में खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। वरिष्ठ खिलाड़ी कोच की जगह मैदान संभाल रहे हैं। जिला खेल विभाग में 23 कोच हैं। इसमें से अधिकतर की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है।
कोच दिनभर जनगणना करने में लगे हुए हैं। इसका प्रभाव खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद मैदान में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का ध्यान तो रख रहे हैं लेकिन पहले की तरह नहीं इन दिनों जिले के विभिन्न खेल स्टेडियमों और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों की नियमित प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है।
कोच के आने का समय नियमित नहीं है। कोच सुबह जल्दी मैदान पहुंचकर खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण, फिटनेस और खेल संबंधी अभ्यास करवा रहे हैं। इसके बाद दिन में उन्हें जनगणना कार्य के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। शाम को फिर से मैदान में लौटकर खिलाड़ियों को अभ्यास कराना पड़ता है। लगातार सुबह से देर शाम तक चलने वाली इस दिनचर्या ने कोचों की जिम्मेदारियों को काफी बढ़ा दिया है। वॉलीबॉल खिलाड़ी सोनिया ने बताया कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कोच नियमित रूप से मैदान में पहुंच रहे हैं और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण करवा रहे हैं। खो-खो खिलाड़ी शिवानी ने बताया कि को का ड्यूटी जनगणना में लगने के बावजूद भी उन्हें प्रशिक्षण समय पर मिल रहा है।
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जनगणना के बीच करा रहे अभ्यास : खो-खो कोच गुलशन कुमार ने बताया कि सुबह और शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना और दिन में जनगणना की ड्यूटी करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दिन में घर की महिला थोड़ी परेशानी होती है। खिलाड़ियों को अभ्यास कराने के बाद दिनभर जनगणना कार्य करना पड़ता है। खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित न हो इसके लिए नियमित रूप से मैदान में पहुंचकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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कोच दिनभर जनगणना करने में लगे हुए हैं। इसका प्रभाव खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर पड़ रहा है। लगातार बढ़ते कार्यभार के बावजूद मैदान में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का ध्यान तो रख रहे हैं लेकिन पहले की तरह नहीं इन दिनों जिले के विभिन्न खेल स्टेडियमों और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों की नियमित प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है।
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कोच के आने का समय नियमित नहीं है। कोच सुबह जल्दी मैदान पहुंचकर खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण, फिटनेस और खेल संबंधी अभ्यास करवा रहे हैं। इसके बाद दिन में उन्हें जनगणना कार्य के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। शाम को फिर से मैदान में लौटकर खिलाड़ियों को अभ्यास कराना पड़ता है। लगातार सुबह से देर शाम तक चलने वाली इस दिनचर्या ने कोचों की जिम्मेदारियों को काफी बढ़ा दिया है। वॉलीबॉल खिलाड़ी सोनिया ने बताया कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कोच नियमित रूप से मैदान में पहुंच रहे हैं और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण करवा रहे हैं। खो-खो खिलाड़ी शिवानी ने बताया कि को का ड्यूटी जनगणना में लगने के बावजूद भी उन्हें प्रशिक्षण समय पर मिल रहा है।
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जनगणना के बीच करा रहे अभ्यास : खो-खो कोच गुलशन कुमार ने बताया कि सुबह और शाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना और दिन में जनगणना की ड्यूटी करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दिन में घर की महिला थोड़ी परेशानी होती है। खिलाड़ियों को अभ्यास कराने के बाद दिनभर जनगणना कार्य करना पड़ता है। खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित न हो इसके लिए नियमित रूप से मैदान में पहुंचकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।