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हर वार्ड में लगाया जाएगा सफाई का टेंडर या शहर को 4 जोन में बांटकर होगी सफाई
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नगर निगम कार्यालय।
- फोटो : Panipat
नगर निगम ने अब शहर की सफाई के लिए नई रणनीति बनाई है। इसके तहत सफाई के लिए हर वार्ड या शहर को चार जोन में बांटकर अलग-अलग टेंडर लगाया जाएगा। योजना के तहत आकलन सफाई शाखा से मंगवा लिया है। जिसमें हर वार्ड में एक से डेढ़ करोड़ का वार्षिक खर्च आएगा। वीरवार को नगर निगम हाउस की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है।
शहर की सफाई की इस नई व्यवस्था पर जनप्रतिनिधि वीरवार को विचार रखेंगे कि हर वार्ड का अलग टेंडर लगवाकर सफाई करवाई जाए या शहर को चार जोन में बांट कर सफाई का काम हो। हालांकि निगम ने अपने प्रस्तावित एजेंडे में शहर को चार जोन में बांटकर सफाई करवाने की सिफारिश की है। इस पर जनप्रतिनिधियों का ये भी कहना है कि वे पहले ये देखेंगे कि हर वार्ड का एक से डेढ़ करोड़ रुपये का सालाना खर्च पिछले सफाई प्लान से मंहगा साबित न हो। अगर बजट सीमित रहता है और सफाई बेहतर होती है तो ही ये विकल्प चुना जाएगा।
शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था और इसके बढ़ते बजट को लेकर निगम जनप्रतिनिधियों ने कुछ दिन पहले बैठक में रोड स्वीपिंग मशीन के करीब 90 लाख रुपये प्रतिमाह के टेंडर को रद्द करने का फैसला लिया था। साथ ही बाकी के सफाई टेंडरों को भी रद्द करवाने की मांग की थी। जिनमें नाला गैंग का टेंडर भी शामिल था। हालांकि नाला गैंग के टेंडर को इसलिए बढ़ाया गया ताकि बरसाती सीजन में शहर में जलभराव न हो सके। इसके अलावा शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम जेबीएम के पास ही रहेगा। क्योंकि जेबीएम ने निगम के साथ 22 साल का अनुबंध किया है।
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नए टेंडरों में ये रहेगा काम, पुुरानों को भी जिम्मेदारी
निगम के अनुसार बनाए गए टेंडर आकलन में सभी वार्डों की जनसंख्या के आधार पर सफाई का मासिक शुल्क व वार्षिक शुल्क बनाया गया है। जो एक से डेढ़ करोड़ रुपये प्रति वर्ष का बना है। सभी 26 वार्डों की सफाई का कुल वार्षिक खर्च करीब 30 करोड़ रुपये बनता है। इसमें सफाई के टेंडर में गलियों, सड़कों, फुटपाथों की सफाई के साथ नालियों से निकाली गई सिल्ट का उठान कर सेकेंडरी डंपिंग स्टेशन तक ले जाने की रहेगी। जिसमें ठेकेदार को सफाई कर्मचारी, ट्रैक्टर ट्राली, टाटा मैजिक, मिनी ट्रक व तिपहिया वाहन भी देने होंगे। इसके अलावा निगम क्षेत्र में निगम के पक्के 565 कर्मचारी नालों की सफाई का काम करेंगे।
सदन में होगी समीक्षा, फिर होगा फैसला : मेयर
सभी टेंडरों की समीक्षा निगम सदन में पार्षदों के मौजूदगी में की जाएगी। संभव है कि सदन की बैठक में ही फैसला हो जाए। जनहित को देखते हुए सदन की मंजूरी के साथ जो भी निर्णय होगा उसे लागू किया जाएगा।
-अवनीत कौर, मेयर।
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शहर की सफाई की इस नई व्यवस्था पर जनप्रतिनिधि वीरवार को विचार रखेंगे कि हर वार्ड का अलग टेंडर लगवाकर सफाई करवाई जाए या शहर को चार जोन में बांट कर सफाई का काम हो। हालांकि निगम ने अपने प्रस्तावित एजेंडे में शहर को चार जोन में बांटकर सफाई करवाने की सिफारिश की है। इस पर जनप्रतिनिधियों का ये भी कहना है कि वे पहले ये देखेंगे कि हर वार्ड का एक से डेढ़ करोड़ रुपये का सालाना खर्च पिछले सफाई प्लान से मंहगा साबित न हो। अगर बजट सीमित रहता है और सफाई बेहतर होती है तो ही ये विकल्प चुना जाएगा।
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शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था और इसके बढ़ते बजट को लेकर निगम जनप्रतिनिधियों ने कुछ दिन पहले बैठक में रोड स्वीपिंग मशीन के करीब 90 लाख रुपये प्रतिमाह के टेंडर को रद्द करने का फैसला लिया था। साथ ही बाकी के सफाई टेंडरों को भी रद्द करवाने की मांग की थी। जिनमें नाला गैंग का टेंडर भी शामिल था। हालांकि नाला गैंग के टेंडर को इसलिए बढ़ाया गया ताकि बरसाती सीजन में शहर में जलभराव न हो सके। इसके अलावा शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम जेबीएम के पास ही रहेगा। क्योंकि जेबीएम ने निगम के साथ 22 साल का अनुबंध किया है।
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नए टेंडरों में ये रहेगा काम, पुुरानों को भी जिम्मेदारी
निगम के अनुसार बनाए गए टेंडर आकलन में सभी वार्डों की जनसंख्या के आधार पर सफाई का मासिक शुल्क व वार्षिक शुल्क बनाया गया है। जो एक से डेढ़ करोड़ रुपये प्रति वर्ष का बना है। सभी 26 वार्डों की सफाई का कुल वार्षिक खर्च करीब 30 करोड़ रुपये बनता है। इसमें सफाई के टेंडर में गलियों, सड़कों, फुटपाथों की सफाई के साथ नालियों से निकाली गई सिल्ट का उठान कर सेकेंडरी डंपिंग स्टेशन तक ले जाने की रहेगी। जिसमें ठेकेदार को सफाई कर्मचारी, ट्रैक्टर ट्राली, टाटा मैजिक, मिनी ट्रक व तिपहिया वाहन भी देने होंगे। इसके अलावा निगम क्षेत्र में निगम के पक्के 565 कर्मचारी नालों की सफाई का काम करेंगे।
सदन में होगी समीक्षा, फिर होगा फैसला : मेयर
सभी टेंडरों की समीक्षा निगम सदन में पार्षदों के मौजूदगी में की जाएगी। संभव है कि सदन की बैठक में ही फैसला हो जाए। जनहित को देखते हुए सदन की मंजूरी के साथ जो भी निर्णय होगा उसे लागू किया जाएगा।
-अवनीत कौर, मेयर।