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पार्षदों को अभी तक नहीं पता कितने जोन का टेंडर, कितनी लागत और कितनी सफाई होगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 02:17 AM IST
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सफाई के टेंडर के विरोध में निगम आयुक्त कार्यालय में हुई जनप्रतिनिधियों की बैठक के बाद एक बार फिर से सफाई के टेंडर की अटकलें बढ़ गई हैं। हालांकि इस टेंडर को काफी पहले ही खुल जाना चाहिए था, लेकिन विरोध के चलते इसे नहीं खोला जा सका है। हैरानी की बात ये है कि कई पार्षदों को तो इसकी भी जानकारी नहीं है कि ये टेंडर दो जोन का है या चार जोन का। वहीं, टेंडर मेें लागत, सफाई कर्मचारी और मशीनरी तक की बात नहीं हो पाई है। जिस पर पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उन्हें कुछ जानकारी ही नहीं है तो ये टेंडर सीधे पांच साल के लिए क्यों लगाया जा रहा है। उन्हें इसमें झोल दिखाई देता है। पार्षदों ने यहां तक कहा कि इस प्रकरण में तीनों मेयरों की स्थिति की अनुभूति उन्हें मिल चुकी है। अगर कोई गड़बड़ी की गई तो वे तीनों मेयरों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तक पेश कर सकते हैं।
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- 5 साल भुगतगे जनता- भाटिया
टेंडर में कोई जानकारी नहीं है। ये पांच साल के लिए भी है। ऐसे में टेंडर लगाया और सफाई न हुई तो शहर की जनता को उसे पांच साल भुगतने को मजबूर होना पड़ेगा।
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रविंद्र भाटिया, पार्षद, वार्ड नंबर 10
सफाई की टेंडर में जानकारी नहीं है- मकौल
इस टेंडर में सफाई कर्मचारियों, मशीनरी और लागत तक का कुछ भी अता पता नहीं है। इससे जनप्रतिनिधि भी भ्रम में हैं और शहरवासी भी।
- बलराम मकौल, पार्षद, वार्ड नंबर 18
शहर को नहीं लुटने देंगे- सहगल
शहर को इस प्रकार से लुटने नहीं देंगे। इससे पहले भी सफाई के टेंडरों में शहर को खूब लूटा गया है लेकिन इस बार ये धोखा नहीं होने दिया जाएगा।
- चचंल सहगल, पार्षद, वार्ड नंबर 8
चहेतों के लगाए जा रहे टेंडर- छाबड़ा
कुछ प्रतिनिधि और अधिकारी अपने चेहतों के टेंडर लगवाना चाहते हैं। इसलिए बार बार इस टेंडर को लगाने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरे पार्षदों की राय तक नहीं ली जाती।
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- सुमन छाबड़ा, पार्षद, वार्ड नंबर 15
हाउस की मीटिंग में करवाएं पास- सैनी
अगर ये टेंडर इतना ही सही है तो इसे अधिकारी और समर्थन देने वाले प्रतिनिधि निगम की सदन बैठक में क्यों नहीं पास करवाते। क्यों बैठक से पहले ही टेंडर खोलने की जल्दी है।
- कोमल सैनी, पार्षद, वार्ड नंबर 11
शहर को सफाई की जरूरत- कटारिया
शहर को सफाई की जरूरत है चाहे टेंडर किसी का भी। शहर में सफाई न होने से हालात बदत्तर होते जा रहे हैं। अव्यवस्थाओं के आलम से जनता परेशान है। सात साल से पार्षद एक सफाई का टेंडर नहीं लगवा पाए, अब लगने जा रहा है तो कुछ इसमें अटकलें लगा रहे हैं।

- अशोक कटारिया, पार्षद वार्ड नंबर 07
जनहित में टेंडर जरूरी- लोकेश
शहर की स्थिति दयनीय हो गई है। जनहित को देखते हुए सफाई के टेंडर को खोल देना चाहिए। इसके पक्ष में ज्यादातर पार्षद हैं। कुछ पार्षद साथियों को कोई बरगला रहा है। अगर कुछ बदलाव चाहते हैं तो निगम सदन में प्रस्ताव पास कर करवा सकते हैं।
- लोकेश नांगरू, पार्षद वार्ड नंबर 21
वर्जन-
विवाद नहीं ठीक- भट्ट
इस प्रकार से आपस में ही विवाद करना ठीक नहीं है। सभी पार्षद एक ही पार्टी से हैं। सभी को एकमत से इस पर राय करनी चाहिए।
दुष्यंत भट्ट, वरिष्ठ उप महापौर।
वर्जन-
नियमानुुसार खोलेंगे टेंडर- आयुक्त
इस टेंडर को नियम और कानून के अनुसार ही खोला जाएगा। नियम कानून सर्वोपरि हैँ। जो भी नियमों के तहत होगा उसी के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम।
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