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Panipat News: शहर की मुख्य सीवर लाइन की फिर धंसी जमीन
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पानीपत। सेक्टर 25 के रिहायशी एरिया के बाद एक माह के भीतर दूसरी बार सीवर लाइन लीक होने से फिर से जमीन धंस गई है। यहां करीब 12 फुट गहरा गड्ढा हो चुका है जो करीब छह फुट चौड़ा भी है। गनीमत रही कि जमीन धंसने की वजह से किसी को जान माल की हानि नहीं हुई। अब इस गड्ढे पर लाल ककड़ा बांध का खतरे का निशान बनाया गया है। ताकि लोग इस गड्ढे से दूरी बनाकर चलें। खास बात ये है कि जर्जर होकर कंडम हो चुकी सीवर लाइन के लीक होेने की वजह से जमीन धंसने का ये छठा मामला है। इससे पहले चार बार सेक्टर 29 पार्ट-2 में सीईटीपी प्लांट रोड पर जमीन धंस चुकी है। जबकि पांचवीं बार इसी जगह पर जमीन धंस चुकी है जहां अब फिर से धंसकर गहरा गड्ढा बना है। निगम ने पिछले गड्ढे को तो तुंरत प्रभाव से मिट्टी डलवाकर बंद करवा दिया लेकिन गड्ढे में डाली गई मिट्टी भी जमीन और मुख्य सीवर लाइन निगल चुकी है। दूसरी ओर नगर निगम को अब भी सरकार की ओर से मिलने वाले 109 करोड़ के प्रोजेक्ट की मंजूरी का इंतजार है। इस प्रोजेक्ट में इस खस्ताहाल सीवर लाइन को बदला जाना है।
इससे पहले जमीन धंसने से 50 फुट चौड़ाई से लेकर 20 फुट की गहराई तक गड्ढे हो चुके हैं। जिनको निगम ने भरने के लिए बारिश से लेकर तकनीकी इंतजाम तक का कई कई दिनों तक सहारा लेना पड़ा था। अब फिर से निगम के सामने ये विकट परिस्थिति आन पड़ी है। सेक्टर 29 वाला एरिया औद्योगिक क्षेत्र में है लेकिन सेक्टर 25 के मलिक एन्क्लेव के पास रिहायशी एरिया में ये दूसरी बार जमीन धंसी है। जबकि औद्योगिक सेक्टर में 500 मीटर का एरिया तो ऐसा है जहां बार बार जमीन धंस रही है। जिसे निगम अधिकारी चालू लाइन में स्टील और कंक्रीट से रिपेयर कराने का काम करते हैं। करीब 30 साल पुरानी इस लाइन के डिजाइन से लेकर उसकी गुणवत्ता शक्ति भी अब समाप्त हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार बबैल नाके से लेकर सिवाह सीटीपी प्लांट तक इस लाइन को बदलने की काफी जरूरत है।
शहर की इस मुख्य सीवर लाइन पर वार्ड नंबर एक से लेकर 16 तक की निकासी निर्भर है। ये लाइन जीटी रोड से होते हुए सनौली रोड से गुजरते हुए बबैल नाका तक जाती है। फिर बाइपास के साथ सिवाह एसटीपी प्लांट को जाती है। बबैल रोड से लेकर सिवाह तक इसकी लंबाई करीब 11 किलोमीटर है। इसे बदलने का करीब 109 करोड़ का प्रोजेक्ट है। जिसके टेंडर की अनुमति सरकार से मिलनी बाकी है। निगम आयुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर का कहना है कि इसे जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट अधिकारियों से ली जाएगी।
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इससे पहले जमीन धंसने से 50 फुट चौड़ाई से लेकर 20 फुट की गहराई तक गड्ढे हो चुके हैं। जिनको निगम ने भरने के लिए बारिश से लेकर तकनीकी इंतजाम तक का कई कई दिनों तक सहारा लेना पड़ा था। अब फिर से निगम के सामने ये विकट परिस्थिति आन पड़ी है। सेक्टर 29 वाला एरिया औद्योगिक क्षेत्र में है लेकिन सेक्टर 25 के मलिक एन्क्लेव के पास रिहायशी एरिया में ये दूसरी बार जमीन धंसी है। जबकि औद्योगिक सेक्टर में 500 मीटर का एरिया तो ऐसा है जहां बार बार जमीन धंस रही है। जिसे निगम अधिकारी चालू लाइन में स्टील और कंक्रीट से रिपेयर कराने का काम करते हैं। करीब 30 साल पुरानी इस लाइन के डिजाइन से लेकर उसकी गुणवत्ता शक्ति भी अब समाप्त हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार बबैल नाके से लेकर सिवाह सीटीपी प्लांट तक इस लाइन को बदलने की काफी जरूरत है।
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शहर की इस मुख्य सीवर लाइन पर वार्ड नंबर एक से लेकर 16 तक की निकासी निर्भर है। ये लाइन जीटी रोड से होते हुए सनौली रोड से गुजरते हुए बबैल नाका तक जाती है। फिर बाइपास के साथ सिवाह एसटीपी प्लांट को जाती है। बबैल रोड से लेकर सिवाह तक इसकी लंबाई करीब 11 किलोमीटर है। इसे बदलने का करीब 109 करोड़ का प्रोजेक्ट है। जिसके टेंडर की अनुमति सरकार से मिलनी बाकी है। निगम आयुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर का कहना है कि इसे जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट अधिकारियों से ली जाएगी।
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