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Panipat News: पहले दिन धरातल पर सफाई व्यवस्था जांची
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पानीपत। शहर की स्वच्छता की जांच करने के लिए केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मंत्रालय की स्वच्छ सर्वेक्षण टीम शुक्रवार को शहर में पहुंच चुकी है। तीन लोगों की टीम ने निगम से शहर में कूड़ा भंडारण, पृथक्करण और निष्पादन का पूरा ब्योरा लिया। इसके बाद धरातल पर शहर की सफाई व्यवस्था की जांच की।
टीम ने शहर के सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की सफाई देखी। कूड़ा उठान से लेकर भंडारण, गीले सूखे कूड़े का अलग अलग करने की विधि जानी। कूड़ा निष्पादन के लिए सोनीपत के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का दौरा भी किया। इसके अलावा शहर में गंदे पानी की निकासी से लेकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की जानकारी और क्षमता का भी रिकॉर्ड लिया। इस दौरान मौके पर जाकर गंदे पानी की निकासी और शोधित पानी का जायजा लिया। इसके अलावा केंद्र की टीम ने शहर के लोगों से भी स्वच्छता के बारे में सवाल पूछे। शहर के लोगों से शौचालयों, कूड़ा उठान, पोर्टल पर फीडबैक देना, ऑनलाइन शौचालयों को खोजने की विधि के बारे में भी पूछा। अधिकारियों का कहना है कि अभी टीम करीब एक सप्ताह तक शहर में ही रहेगी, जो शहर की सफाई से जुड़े हर पहलू पर जांच करेगी। जिसका खुलासा सर्वेक्षण के परिणाम करेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण टीम एक अप्रैल 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 के निगम डाटा की जांच पड़ताल करने शहर में पहुंची है। हर वित्तीय सत्र के चार फेज हर तीमाही पर आयोजित होते हैं। इसका पहला फेज अप्रैल से मई तक चला। दूसरा फेज जून और जुलाई तक चला। ये दोनों फेज कॉल वेलिडेशन यानी सिर्फ फोन कॉल पर आधारित होते हैं। इसका तीसरा फेज अगस्त से सितंबर तक चलेगा। जिसमें टीम धरातल पर सर्वे कर दोनों फेज के बारीकियों को जानेगी। अब ये तीसरा फेज चल रहा है। चौथा फेज अक्तूबर से मार्च तक चलेगा। इसमें भी टीम धरातल पर सर्वे करेगी।
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9500 अंकों का है सर्वेक्षण है इस बार
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 कुल 7500 अंकों का था लेकिन स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 को 9500 अंकों का बनाया गया है। इसके तीन भाग हैं। पहले नंबर पर सर्विस लेवल प्रोग्रेस है, जो पूरे सर्वे का 51 प्रतिशत का अकेला भाग है। इसमें अधिकतम 4830 अंक होते हैं। इस भाग में टीम शहर के कूड़ा उठान, पृथक्करण और निस्तारण का काम निगम रिकॉर्ड कागजों में और धरातल पर वास्तविक स्थिति की जांच करती है। दूसरा भाग सर्टिफिकेशन का है जो पूरे सर्वे का 26 प्रतिशत है। ये भाग सर्वे का 2500 अंकों का होता है। इसमें निगम की ओर से दिए गए दस्तावेजों की जांच पड़ताल करनी होती है कि निगम की ओर से लोगों को दी जाने वाली सेवाएं कागजों में कितनी हैं और धरातल पर कितनी। इसमें खास तौर पर जीएफसी या गारबेज फ्री सिटी यानी कूड़ा मुक्त शहर और खुले में शौच मुक्त शहर होता है। सर्वे का तीसरा भाग सिटीजन वायस का होता है। ये भाग कुल सर्वे का 23 प्रतिशत यानी 2170 अंकों का है। इसमें टीम शहर के लोगों से पोर्टल, एप, मोबाइल पर फोन कर और धरातल पर जाकर लोगों से स्वच्छता पर सवाल पूछती है। लोगों की प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड किया जाता है। जिसके आधार पर अंक दिए जाते हैं।
वर्जन:
अलग अलग पहलू पर जांच कर रही टीम
केंद्र की स्वच्छ सर्वेक्षण टीम शहर में पहुंची है, जो अलग अलग पहलू पर जांच कर रही है। इनके सर्वेक्षण के अलग मापदंड होते हैं, जो अंकों पर आधारित होते हैं।
जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक।
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टीम ने शहर के सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की सफाई देखी। कूड़ा उठान से लेकर भंडारण, गीले सूखे कूड़े का अलग अलग करने की विधि जानी। कूड़ा निष्पादन के लिए सोनीपत के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का दौरा भी किया। इसके अलावा शहर में गंदे पानी की निकासी से लेकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की जानकारी और क्षमता का भी रिकॉर्ड लिया। इस दौरान मौके पर जाकर गंदे पानी की निकासी और शोधित पानी का जायजा लिया। इसके अलावा केंद्र की टीम ने शहर के लोगों से भी स्वच्छता के बारे में सवाल पूछे। शहर के लोगों से शौचालयों, कूड़ा उठान, पोर्टल पर फीडबैक देना, ऑनलाइन शौचालयों को खोजने की विधि के बारे में भी पूछा। अधिकारियों का कहना है कि अभी टीम करीब एक सप्ताह तक शहर में ही रहेगी, जो शहर की सफाई से जुड़े हर पहलू पर जांच करेगी। जिसका खुलासा सर्वेक्षण के परिणाम करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण टीम एक अप्रैल 2022 से लेकर 31 मार्च 2023 के निगम डाटा की जांच पड़ताल करने शहर में पहुंची है। हर वित्तीय सत्र के चार फेज हर तीमाही पर आयोजित होते हैं। इसका पहला फेज अप्रैल से मई तक चला। दूसरा फेज जून और जुलाई तक चला। ये दोनों फेज कॉल वेलिडेशन यानी सिर्फ फोन कॉल पर आधारित होते हैं। इसका तीसरा फेज अगस्त से सितंबर तक चलेगा। जिसमें टीम धरातल पर सर्वे कर दोनों फेज के बारीकियों को जानेगी। अब ये तीसरा फेज चल रहा है। चौथा फेज अक्तूबर से मार्च तक चलेगा। इसमें भी टीम धरातल पर सर्वे करेगी।
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9500 अंकों का है सर्वेक्षण है इस बार
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 कुल 7500 अंकों का था लेकिन स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 को 9500 अंकों का बनाया गया है। इसके तीन भाग हैं। पहले नंबर पर सर्विस लेवल प्रोग्रेस है, जो पूरे सर्वे का 51 प्रतिशत का अकेला भाग है। इसमें अधिकतम 4830 अंक होते हैं। इस भाग में टीम शहर के कूड़ा उठान, पृथक्करण और निस्तारण का काम निगम रिकॉर्ड कागजों में और धरातल पर वास्तविक स्थिति की जांच करती है। दूसरा भाग सर्टिफिकेशन का है जो पूरे सर्वे का 26 प्रतिशत है। ये भाग सर्वे का 2500 अंकों का होता है। इसमें निगम की ओर से दिए गए दस्तावेजों की जांच पड़ताल करनी होती है कि निगम की ओर से लोगों को दी जाने वाली सेवाएं कागजों में कितनी हैं और धरातल पर कितनी। इसमें खास तौर पर जीएफसी या गारबेज फ्री सिटी यानी कूड़ा मुक्त शहर और खुले में शौच मुक्त शहर होता है। सर्वे का तीसरा भाग सिटीजन वायस का होता है। ये भाग कुल सर्वे का 23 प्रतिशत यानी 2170 अंकों का है। इसमें टीम शहर के लोगों से पोर्टल, एप, मोबाइल पर फोन कर और धरातल पर जाकर लोगों से स्वच्छता पर सवाल पूछती है। लोगों की प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड किया जाता है। जिसके आधार पर अंक दिए जाते हैं।
वर्जन:
अलग अलग पहलू पर जांच कर रही टीम
केंद्र की स्वच्छ सर्वेक्षण टीम शहर में पहुंची है, जो अलग अलग पहलू पर जांच कर रही है। इनके सर्वेक्षण के अलग मापदंड होते हैं, जो अंकों पर आधारित होते हैं।
जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक।