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Panipat News: फर्जी दस्तावेज पर जमानत कराने के प्रयास में जमानती और महिला वकील के खिलाफ केस
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फर्जी दस्तावेज पर जमानत कराने के प्रयास में जमानती और महिला वकील के खिलाफ केस
अदालत में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर सीजेएम के रीडर की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत
आरोपी जमानती को हिरासत में लिया गया, अधिवक्ता की भी बढ़ सकती है मुश्किलें
जेल में कैद बंदी कृष्ण की जमानत के लिए करनाल के व्यक्ति को बनाया गया था जमानती
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। महिला वकील ने जिला जेल में बंद एक बंदी की जमानत कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर फर्जी जमानती तैयार कर दिया। जब कोर्ट में ये दस्तावेज पेश किए तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। यहां जमानती से पूछताछ की गई तो वो डर गया और उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। सीजेएम संदीप के रीडर राजेंद्र सैनी ने इसकी शिकायत सिटी थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जमानती को हिरासत में ले लिया। साथ ही महिला वकील के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सीजेएम संदीप के रीडर राजेंद्र सैनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जिला जेल में बंद बंदी कृष्ण को हाईकोर्ट के आदेशों पर जमानत दी जानी थी। इसके लिए उसे एक लाख रुपये का बॉन्ड भरना था। शनिवार को बॉन्ड भरने के लिए आवेदन किया गया था। इसमें नरेंद्र नामक व्यक्ति जमानती के रूप में कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान बंदी की महिला वकील ने यह दावा करते हुए पहचानकर्ता के रूप में जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे कि वह जमानती को जानती है, लेकिन जब जमानती की जांच की गई तो वकील कोर्ट में मौजूद नहीं थी। इस दौरान शक के आधार पर जांच की गई तो मालूम चला कि नरेंद्र पहले भी कई मामलों में बातौर जमानती हाजिर हुआ है, जिसमें उसके आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी अलग पाए गए। इसके बाद जब कोर्ट में उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसका असल नाम गौरव निवासी शालीमार कॉलोनी, करनाल है। उसने पूछताछ में बताया कि उसने पहले भी फर्जी कागजों पर जमानत कराई है। अब जो उसने कृष्ण की जमानत के लिए आधार कार्ड दिया है वो फर्जी है। कबूलनामे के बाद कोर्ट ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। इस संबंध में सिटी थाना प्रभारी राजबीर सिंह ने बताया कि मामले में रीडर के बयानों पर वकील व करनाल निवासी जमानती पर केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच चल रही है। ये फर्जी दस्तावेज पर जमानत लेने के प्रयास का मामला है।
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अदालत में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर सीजेएम के रीडर की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत
आरोपी जमानती को हिरासत में लिया गया, अधिवक्ता की भी बढ़ सकती है मुश्किलें
जेल में कैद बंदी कृष्ण की जमानत के लिए करनाल के व्यक्ति को बनाया गया था जमानती
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। महिला वकील ने जिला जेल में बंद एक बंदी की जमानत कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर फर्जी जमानती तैयार कर दिया। जब कोर्ट में ये दस्तावेज पेश किए तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। यहां जमानती से पूछताछ की गई तो वो डर गया और उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। सीजेएम संदीप के रीडर राजेंद्र सैनी ने इसकी शिकायत सिटी थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जमानती को हिरासत में ले लिया। साथ ही महिला वकील के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। अब पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सीजेएम संदीप के रीडर राजेंद्र सैनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जिला जेल में बंद बंदी कृष्ण को हाईकोर्ट के आदेशों पर जमानत दी जानी थी। इसके लिए उसे एक लाख रुपये का बॉन्ड भरना था। शनिवार को बॉन्ड भरने के लिए आवेदन किया गया था। इसमें नरेंद्र नामक व्यक्ति जमानती के रूप में कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान बंदी की महिला वकील ने यह दावा करते हुए पहचानकर्ता के रूप में जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए थे कि वह जमानती को जानती है, लेकिन जब जमानती की जांच की गई तो वकील कोर्ट में मौजूद नहीं थी। इस दौरान शक के आधार पर जांच की गई तो मालूम चला कि नरेंद्र पहले भी कई मामलों में बातौर जमानती हाजिर हुआ है, जिसमें उसके आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी अलग पाए गए। इसके बाद जब कोर्ट में उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसका असल नाम गौरव निवासी शालीमार कॉलोनी, करनाल है। उसने पूछताछ में बताया कि उसने पहले भी फर्जी कागजों पर जमानत कराई है। अब जो उसने कृष्ण की जमानत के लिए आधार कार्ड दिया है वो फर्जी है। कबूलनामे के बाद कोर्ट ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। इस संबंध में सिटी थाना प्रभारी राजबीर सिंह ने बताया कि मामले में रीडर के बयानों पर वकील व करनाल निवासी जमानती पर केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच चल रही है। ये फर्जी दस्तावेज पर जमानत लेने के प्रयास का मामला है।
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