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Panipat News: जर्मनी में पानीपत के कारपेट की धूम, चीन व तुर्की को सीधी टक्कर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jan 2023 09:00 AM IST
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Carpet of industrial city is pleasing to foreigners in Germany
पानीपत। औद्योगिक नगरी का कारपेट उद्योग यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान, अमेरिका और अरब देशों को भी भा रहा है। तभी तो जर्मनी के हैनोवर में आयोजित हो रहे डोमोटेक्स फेयर में पानीपत के कारपेट उद्योग की मांग बढ़ी है। 12 से 15 जनवरी तक होने वाले फेयर में पानीपत का कारपेट चीन एवं तुर्की के लिए चुनौती साबित हुआ है। इसमें उद्यमियों को 300 करोड़ तक के आर्डर मिलने की उम्मीद है, जिसे लेकर उद्यमियों में खासा उत्साह है।
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पानीपत में इस समय कारपेट के 250 उद्योग लगे हुए हैं और तीन हजार करोड़ से अधिक का कारपेट निर्यात हो रहा है। फिलहाल यहां के 60 कारपेट उद्यमी फेयर में अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें कारपेट एवं नेचुरल फाइबर मुख्य हैं। इससे पहले 2020 में इस फेयर का आयोजन किया गया था। फिर कोरोना के कारण तीन साल तक फेयर नहीं लगा, इसलिए कारपेट इंडस्ट्री को इसका बड़ा नुकसान हुआ। दरअसल, पानीपत का अधिकतर कारपेट हैंडमेड है। इससे इसकी कीमत ज्यादा है, जबकि तुर्की और चीन में बना कारपेट मशीन से बनाया जाता है। मशीन से बना कारपेट सस्ता है, इसलिए उसकी मांग अधिक है। मशीनी कारपेट 30 से 40 रुपये प्रति फुट पड़ता है, जबकि हाथों से बना कारपेट 125 रुपये फीट पड़ता है। इसलिए भारत का कारपेट तुर्की व चीन से तीन गुना महंगा पड़ता है। इसके बावजूद डोमोटेक्स फेयर में पानीपत के कारपेट को पंसद किया जा रहा है। पानीपत के 70 प्रतिशत उद्योगों में हाथ से कारपेट बनते हैं। यहां एक दिन में 10 करोड़ का कारपेट तैयार हो रहा है।
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तुर्की का कारपेट मार्केट में आने से पहले भारतीय कारपेट कारोबार को मात्र चीन से ही चुनौती मिलती थी। अब तुर्की में मशीन से बन रहा सस्ता कारपेट चुनौती बन रहा है। यहां बेल्जियम और जर्मनी की बनी मशीनों से कारपेट तैयार किया जा रहा है। इससे कम समय में अधिक उत्पादन होता है। मशीन से कारपेट बनाने पर कम समय में कई प्रकार के डिजाइन प्रोसेस में होते हैं। वहीं भारत में हाथ से कारपेट बनाने में तीन से चार दिन लगते हैं। मशीन से एक दिन में कई हजार मीटर कारपेट तैयार होता है।
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पानीपत के कारपेट को बहुत अधिक पंसद किया जा रहा है। विदेशी बायर से पानीपत के कारपेट को बहुत प्रशंसा भी मिल रही है। यहां से अच्छे ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। चार दिन के फेयर में अपने कारपेट का प्रदर्शन कर रहे हैं।
- प्रीतम खेड़ा, कारपेट उद्यमी
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