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कारपेट फैक्टरी में भीषण आग
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 27 Oct 2013 12:00 AM IST
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समालखा में जीटी रोड पर गांव मच्छरौली के पास एक फैक्टरी में शार्ट-सर्किट के कारण आग लगने से मशीनरी, कच्चा और तैयार माल जलकर खाक हो गया।
आग से फैक्टरी की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा। समालखा के अलावा पानीपत, गन्नौर और सोनीपत से आई करीब 35 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्राप्त विवरण के अनुसार जीटी रोड के पास बनी एंटीक्यू आर्ट एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में शुक्रवार रात करीब पौने ग्यारह बजे आग लग गई। इससे फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई। वहां पर काम कर रहे श्रमिक पानी लेकर आग को बुझाने में जुट गए। मगर आग काबू आने के बजाय बढ़ती चली गई।
इस पर फैक्टरी बिल्डिंग मैनेजर जेसी भारद्वाज ने जीएम हरीश को फोन कर आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलने पर समालखा फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग बुझाने का प्रयास किया, मगर काबू नहीं आई। आग को तेजी से बढ़ता देखकर पानीपत, सोनीपत, गन्नौर से फायर ब्रिगेड की 35 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।
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आग पर करीब 10 घंटे बाद काबू पाया जा सका। बकौल जीएम हरीश आग से फैक्टरी में तैयार कॉरपेट, मशीनरी जलकर राख हो गई, जबकि बिल्ंिडग को भी नुकसान हुआ।
एक्सपोर्ट होना था माल
महाप्रबंधक हरीश ने बताया कि फैक्टरी में आर्डर पर कॉरपेट तैयार किए जा रहे थे और अधिकतर माल तैयार हो चुका था। यह माल 28 अक्तूबर को जर्मनी, जापान, यूएसए भेजना था। लेकिन आग के चलते उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है।
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आग से फैक्टरी की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा। समालखा के अलावा पानीपत, गन्नौर और सोनीपत से आई करीब 35 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्राप्त विवरण के अनुसार जीटी रोड के पास बनी एंटीक्यू आर्ट एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में शुक्रवार रात करीब पौने ग्यारह बजे आग लग गई। इससे फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई। वहां पर काम कर रहे श्रमिक पानी लेकर आग को बुझाने में जुट गए। मगर आग काबू आने के बजाय बढ़ती चली गई।
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इस पर फैक्टरी बिल्डिंग मैनेजर जेसी भारद्वाज ने जीएम हरीश को फोन कर आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलने पर समालखा फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग बुझाने का प्रयास किया, मगर काबू नहीं आई। आग को तेजी से बढ़ता देखकर पानीपत, सोनीपत, गन्नौर से फायर ब्रिगेड की 35 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।
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आग पर करीब 10 घंटे बाद काबू पाया जा सका। बकौल जीएम हरीश आग से फैक्टरी में तैयार कॉरपेट, मशीनरी जलकर राख हो गई, जबकि बिल्ंिडग को भी नुकसान हुआ।
एक्सपोर्ट होना था माल
महाप्रबंधक हरीश ने बताया कि फैक्टरी में आर्डर पर कॉरपेट तैयार किए जा रहे थे और अधिकतर माल तैयार हो चुका था। यह माल 28 अक्तूबर को जर्मनी, जापान, यूएसए भेजना था। लेकिन आग के चलते उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है।