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बिल्डर का फरमान, कल तक निकालो फ्लैट से सामान
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विधायक प्रमोद विज की तरफ से मिला आश्वासन पत्र को दिखाते फ्लैट में रह रहे परिवार सदस्य।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। यूनाइटेड ओवरसीज फैक्टरी में आग लगने से मकान जर्जर हुए तो प्रशासन ने 15 परिवारों को इंपीरियम अपार्टमेंट के फ्लैटों में ठहराया था। अब इन परिवारों पर फिर से पहाड़ टूट पड़ा है। बिल्डर ने इन परिवारों को सोमवार तक फ्लैट खाली करने का फरमान सुना दिया है। ऐसे में इनके सामने समस्या उत्पन्न हो गई है कि अब वे कहां जाएंगे। उनके घर जर्जर हैं, जहां वे रह नहीं सकते और अब फ्लैटों से भी उन्हें बाहर निकल जाने को कह दिया गया है।
शुक्रवार की शाम बिल्डिंग मैनेजर सुरक्षाकर्मियों के साथ ही अपार्टमेंट में पहुंचा और लोगों से कहा कि सोमवार तक फ्लैट खाली कर दो। इस पर पीड़ित परिवारों ने कहा कि प्रशासन ने उनके मकानों की मरम्मत होने तक यहां रहने का अश्वासन दिया था। इस पर मैनेजर ने पीड़ित परिवारों को बताया कि प्रशासन के साथ उनकी एक महीने के लिए ठहराने की बात हुई थी। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि मैनेजर ने यह भी कहा कि आप लोगों को धोखे में रखा गया है।
इस पर लोगों ने उसे शहरी विधायक प्रमोद विज की ओर से मिले आश्वासन पत्र को दिखाया पर मैनेजर ने साफ कहा कि उनके पास कोई ऐसा पत्र नहीं आया। इसके बाद शनिवार की सुबह पीड़ित परिवार जेजेपी नेता देवेंद्र कादियान के कार्यालय पहुंचे और समस्या बताई। पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्होंने उपायुक्त फोन पर बात की और उनकी समस्या से अवगत कराया। अब सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात होगी। हालांकि तब तक परिवारों को फ्लैट्स में रहने मंजूरी मिल गई है।
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फ्लैट खरीदने वाले पुलिस फोर्स लेकर आएंगे और खाली कराएंगे
पीड़ित परिवारों ने बताया कि मैनेजर ने उनसे कहा कि फ्लैट खाली नहीं करेंगे तो इनके असल मालिक अपने साथ पुलिस फोर्स लेकर आएंगे और फ्लैट्स खाली कराएंगे। वे खुद ही फ्लैट खाली कर दें तो बेहतर है। लोगों ने बताया कि मैनेजर से उन्होंने गुहार लगाई, लेकिन वह शुक्रवार की रात आठ बजे तक का समय देकर चला गया।
लोगों ने पूछा- कहां गए जिम्मेदार
फ्लैट में रह रहीं वृद्धा कमलेश ने शहरी विधायक और प्रशासन के आला अधिकारियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कहां गए वे जिम्मेदार, जो उस समय कह रहे थे, तुम्हारे लिए रहने का इंतजाम कर दिया गया है। माता जी, आप यहां पर रहो, कोई दिक्कत होगी तो मैं हूं। फ्लैट में ठहराने के बाद कोई सुध लेने तक नहीं आया।
बोले पीड़ित परिवारों के सदस्य
हमें हमारा घर बनाकर दे दो
सैनीपुरा निवासी सुमन ने बताया कि वह खुद फ्लैट में नहीं आए थे, उनके मकान फैक्टरी मालिक की वजह टूटे हैं। मकान टूट जाने के बाद उन्हें फ्लैट में रहने के लिए बोला गया। हमें फ्लैट की जरूरत नहीं है, बस हमारे मकान बनाकर दे दो।
साजिश के तहत कराया शिफ्ट
सैनिपुरा निवासी देशराज सैनी ने बताया कि जिस समय मकानों में दरार आई थी, उस समय फैक्टरी मालिक के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। मुआवजा मांगा, लेकिन साजिश के तहत उन्हें फ्लैट में भेजा गया, ताकि मामला ठंडा हो जाए।
मैनेजर की बात सुनते निकले आंसू
सैनीपुरा निवासी कमलेश ने बताया कि जिस समय मैनेजमेंट के लोग आकर उन्हें फ्लैट से निकालने की बात कर रहे थे, बेघर होने का सुनते ही आंसू झलक पड़े। हाथ जोड़कर अपील है कि प्रशासन उनका जल्द समाधान करे।
विधायक को बात करनी चाहिए
सैनीपुरा निवासी कुसुम ने कहा कि शहरी विधायक प्रमोद विज ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई दिक्कत नहीं होगी। अब उन पर संकट मंडरा रहा है। विधायक को मैनेजमेंट से बात कर समस्या का समाधान कराना चाहिए।
फ्लैट में रह रहे सात परिवार-
1. देशराज सैनी
2. कमलेश पत्नी रामनिवास
3. सुमन पत्नी विजय
4. कुसुम पत्नी इश्वर
5. प्रेमलता पत्नी दीपक गुप्ता
6. प्रीति पत्नी मनीष
7. पूनम पत्नी पवन
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शुक्रवार की शाम बिल्डिंग मैनेजर सुरक्षाकर्मियों के साथ ही अपार्टमेंट में पहुंचा और लोगों से कहा कि सोमवार तक फ्लैट खाली कर दो। इस पर पीड़ित परिवारों ने कहा कि प्रशासन ने उनके मकानों की मरम्मत होने तक यहां रहने का अश्वासन दिया था। इस पर मैनेजर ने पीड़ित परिवारों को बताया कि प्रशासन के साथ उनकी एक महीने के लिए ठहराने की बात हुई थी। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि मैनेजर ने यह भी कहा कि आप लोगों को धोखे में रखा गया है।
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इस पर लोगों ने उसे शहरी विधायक प्रमोद विज की ओर से मिले आश्वासन पत्र को दिखाया पर मैनेजर ने साफ कहा कि उनके पास कोई ऐसा पत्र नहीं आया। इसके बाद शनिवार की सुबह पीड़ित परिवार जेजेपी नेता देवेंद्र कादियान के कार्यालय पहुंचे और समस्या बताई। पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्होंने उपायुक्त फोन पर बात की और उनकी समस्या से अवगत कराया। अब सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात होगी। हालांकि तब तक परिवारों को फ्लैट्स में रहने मंजूरी मिल गई है।
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फ्लैट खरीदने वाले पुलिस फोर्स लेकर आएंगे और खाली कराएंगे
पीड़ित परिवारों ने बताया कि मैनेजर ने उनसे कहा कि फ्लैट खाली नहीं करेंगे तो इनके असल मालिक अपने साथ पुलिस फोर्स लेकर आएंगे और फ्लैट्स खाली कराएंगे। वे खुद ही फ्लैट खाली कर दें तो बेहतर है। लोगों ने बताया कि मैनेजर से उन्होंने गुहार लगाई, लेकिन वह शुक्रवार की रात आठ बजे तक का समय देकर चला गया।
लोगों ने पूछा- कहां गए जिम्मेदार
फ्लैट में रह रहीं वृद्धा कमलेश ने शहरी विधायक और प्रशासन के आला अधिकारियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कहां गए वे जिम्मेदार, जो उस समय कह रहे थे, तुम्हारे लिए रहने का इंतजाम कर दिया गया है। माता जी, आप यहां पर रहो, कोई दिक्कत होगी तो मैं हूं। फ्लैट में ठहराने के बाद कोई सुध लेने तक नहीं आया।
बोले पीड़ित परिवारों के सदस्य
हमें हमारा घर बनाकर दे दो
सैनीपुरा निवासी सुमन ने बताया कि वह खुद फ्लैट में नहीं आए थे, उनके मकान फैक्टरी मालिक की वजह टूटे हैं। मकान टूट जाने के बाद उन्हें फ्लैट में रहने के लिए बोला गया। हमें फ्लैट की जरूरत नहीं है, बस हमारे मकान बनाकर दे दो।
साजिश के तहत कराया शिफ्ट
सैनिपुरा निवासी देशराज सैनी ने बताया कि जिस समय मकानों में दरार आई थी, उस समय फैक्टरी मालिक के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। मुआवजा मांगा, लेकिन साजिश के तहत उन्हें फ्लैट में भेजा गया, ताकि मामला ठंडा हो जाए।
मैनेजर की बात सुनते निकले आंसू
सैनीपुरा निवासी कमलेश ने बताया कि जिस समय मैनेजमेंट के लोग आकर उन्हें फ्लैट से निकालने की बात कर रहे थे, बेघर होने का सुनते ही आंसू झलक पड़े। हाथ जोड़कर अपील है कि प्रशासन उनका जल्द समाधान करे।
विधायक को बात करनी चाहिए
सैनीपुरा निवासी कुसुम ने कहा कि शहरी विधायक प्रमोद विज ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई दिक्कत नहीं होगी। अब उन पर संकट मंडरा रहा है। विधायक को मैनेजमेंट से बात कर समस्या का समाधान कराना चाहिए।
फ्लैट में रह रहे सात परिवार-
1. देशराज सैनी
2. कमलेश पत्नी रामनिवास
3. सुमन पत्नी विजय
4. कुसुम पत्नी इश्वर
5. प्रेमलता पत्नी दीपक गुप्ता
6. प्रीति पत्नी मनीष
7. पूनम पत्नी पवन

जेजेपी नेता देवेंद्र कादियान से मिलने पहुंचे पीड़ित परिवार के सदस्य।- फोटो : Panipat