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Panipat News: सिविल अस्पताल में छह महीने से हड्डी के नहीं हुए हड्डी के ऑपरेशन
Fri, 10 Mar 2023 03:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 10 Mar 2023 03:01 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सिविल अस्पताल में छह माह से हड्डी के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। अस्पताल से इससे संबंधित मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इसका बड़ा कारण सिविल अस्पताल की सी-आर्म मशीन का खराब होना है। मशीन करीब छह महीने से खराब पड़ी है।
जानकारों की माने तो यह मशीन कंडम हो चुकी है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने मशीन का दो बार केस बनाकर मुख्यालय भी भेजा, लेकिन एचएमएससीएल(हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड) से नई मशीन नहीं मिली। डॉक्टरों ने सोशल मीडिया के माध्यम लोगों से मशीन को खरीदने में सहयोग मांगा। अब सिविल सर्जन ने सांसद संजय भाटिया को मशीन के लिए पत्र लिखा है। स्वास्थ्य विभाग सांसद निधि से मशीन चाहते हैं। मशीन की कीमत 15 लाख रुपये है।
नवंबर में डॉक्टरों ने 100 दानवीरों से मांगे थे 15-15 हजार
नवंबर में डॉक्टरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मशीन को खरीदने में मदद मांगी थी। ढाई माह बाद भी डॉक्टरों को दानवीर नहीं मिला। इसलिए सिविल अस्पताल से हर रोज हड्डी संबंधी ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है ।
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हर रोज चार मरीज रेफर
सी आर्म मशीन हड्डी का बारीकी से एक्सरे करती है। हड्डी के जुड़ने और फ्रैक्चर को भी स्पष्ट करती है। अस्पताल में हड्डी रोग की ओपीडी करीब सौ हो गई हैं। हर रोज तीन से चार ऑपरेशन संबंधी मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
फेको मशीन भी खराब
सिविल अस्पताल में 2009 अत्याधुनिक तकनीक से आंखों की सर्जरी के लिए 15 लाख रुपये में फेको मशीन खरीदी थी। इससे महज तीन सर्जरी हुई। यह मशीन 2017 में कंडम हो गई। इसको अलमारी में रख दिया गया है। अब डॉक्टर पुरानी मशीन से ही सर्जरी कर रहे हैं। मुख्यालय से इंजीनियर नहीं मिल पाया है।
कोट
सी-आर्म मशीन अस्पताल के लिए जरूरी है। इससे हड्डी की वास्तविक स्थिति का पता चलता है। सांसद से मशीन की मांग की है।
डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, पानीपत।
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पानीपत। सिविल अस्पताल में छह माह से हड्डी के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। अस्पताल से इससे संबंधित मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इसका बड़ा कारण सिविल अस्पताल की सी-आर्म मशीन का खराब होना है। मशीन करीब छह महीने से खराब पड़ी है।
जानकारों की माने तो यह मशीन कंडम हो चुकी है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने मशीन का दो बार केस बनाकर मुख्यालय भी भेजा, लेकिन एचएमएससीएल(हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड) से नई मशीन नहीं मिली। डॉक्टरों ने सोशल मीडिया के माध्यम लोगों से मशीन को खरीदने में सहयोग मांगा। अब सिविल सर्जन ने सांसद संजय भाटिया को मशीन के लिए पत्र लिखा है। स्वास्थ्य विभाग सांसद निधि से मशीन चाहते हैं। मशीन की कीमत 15 लाख रुपये है।
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नवंबर में डॉक्टरों ने 100 दानवीरों से मांगे थे 15-15 हजार
नवंबर में डॉक्टरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मशीन को खरीदने में मदद मांगी थी। ढाई माह बाद भी डॉक्टरों को दानवीर नहीं मिला। इसलिए सिविल अस्पताल से हर रोज हड्डी संबंधी ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है ।
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हर रोज चार मरीज रेफर
सी आर्म मशीन हड्डी का बारीकी से एक्सरे करती है। हड्डी के जुड़ने और फ्रैक्चर को भी स्पष्ट करती है। अस्पताल में हड्डी रोग की ओपीडी करीब सौ हो गई हैं। हर रोज तीन से चार ऑपरेशन संबंधी मरीजों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
फेको मशीन भी खराब
सिविल अस्पताल में 2009 अत्याधुनिक तकनीक से आंखों की सर्जरी के लिए 15 लाख रुपये में फेको मशीन खरीदी थी। इससे महज तीन सर्जरी हुई। यह मशीन 2017 में कंडम हो गई। इसको अलमारी में रख दिया गया है। अब डॉक्टर पुरानी मशीन से ही सर्जरी कर रहे हैं। मुख्यालय से इंजीनियर नहीं मिल पाया है।
कोट
सी-आर्म मशीन अस्पताल के लिए जरूरी है। इससे हड्डी की वास्तविक स्थिति का पता चलता है। सांसद से मशीन की मांग की है।
डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, पानीपत।