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Panipat News: आएंगे श्रीराम मनेगी दिवाली, रोम-रोम में समाएं हैं प्रभु श्रीराम
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पानीपत। अयोध्या श्रीराम मंदिर में रामलला प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर ऐतिहासिक एवं औद्योगिक नगरी में वातावरण राममय बना हुआ है। शहर समेत जिले की धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को दिवाली की तरह भव्य रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को लेकर रामलीला में राम के किरदारों व धर्माचार्यों में भी उत्साह बना हुआ है।
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रामलीला में श्रीराम का किरदार निभाकर उन्हें सुखद अनुभूति होती है। ऐसा लगता है कि श्रीराम उनके पास आ गए हैं। अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उत्साह है। अब तो देश में राम का राज होगा और रावण कहां बच पाएंगे। पूरे विश्व में भारत मां का विजयी तिरंगा लहराएंगे।
- प्रमोद चोपड़ा, राम किरदार, न्यू रामा-कृष्णा ड्रामेटिक क्लब।
- राम कार्य के लिए कभी भी किसी निमंत्रण की आवश्यकता नहीं होती। यह प्रभु का और समाज का कार्य है। इसमें बिना निमंत्रण के भी अपना सहयोग करना चाहिए। हम सबको भी यह रामकाज बिना किसी स्वार्थ, सम्मान एवं पुरस्कार के बिना ही करना चाहिए।
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- दीवान सिंह, राम किरदार, श्री परशुराम रामलीला ड्रामेटिक क्लब।
- मंदिर का निर्माण अपने आप में गौरव की बात है। हम सबको गौरव महसूस करना चाहिए कि हम इस ऐतिहासिक क्षण को अपनी आंखों से देख पा रहे हैं। इतिहास इस बात का साक्षी रहेगा का कि हमने रामलला को विराजमान होते हुए देखा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी हम सबके साथ चलेगा कि श्रीराम का भव्य मंदिर अपने कालखंड के अंदर बना।
- पवन गंगवानी, राम किरदार, आदर्श रामलीला ड्रामेटिक क्लब।
- गत 23 वर्षों से जयभारत ड्रामेटिक क्लब अशोक नगर में राम जी का किरदार निभा रहा हूं। किरदार करते हुए श्रीराम की जो अनुभूति स्वयं काे होती है, श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा होने से वहीं अनुभूति अब हो रही है। अयोध्या से आए अक्षत करीब 2000 घरों में उसने खुद बांटे हैं। श्रीराम जी का नाम व प्रचार बहुत अच्छा लगा।
- जेपी धीमान, राम किरदार, जयभारत ड्रामेटिक क्लब।
- 500 वर्ष की त्याग एवं तपस्या के बाद हम सभी का संकल्प सिद्धि की ओर जा रहा है। रामलाल अयोध्या में मूर्तरूप में विराजमान हो रहे हैं। इस अवसर पर हम सबको घर-घर जाकर रामलला के आगमन की बधाई देनी चाहिए। टोलिया बनाकर घर-घर जाना चाहिए। समर्पित भाव से रामकाज करना चाहिए। व्यवसाय संस्थान एवं घर, मंदिर, संपूर्ण नगरी को भव्य रूप से सजाना चाहिए। भजन कीर्तन करना चाहिए, धर्म ध्वजा लहरानी चाहिए। मातृशक्ति से लेकर बच्चों तक इस कार्य में सम्मिलित होकर दीप उत्सव मनाना चाहिए।
- पंडित वेद पराशर, श्री अवध धाम मंदिर।
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- श्री प्रेम मंदिर से संबंधित शहर में सभी 151 शाखाओं मैं श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में उत्साहपूर्वक सामूहिक श्री रामचरितमानस के पाठ किया जा रहे हैं। इन सभी का भोग 22 जनवरी को लगाया जाएगा जब हमारे श्रीराम अपने स्थान पर विराजमान होंगे। सुबह श्री सुंदरकांड की सभी चौपाइयों के सामूहिक उच्चारण के साथ हवन किया जाएगा। मंदिर में एलईडी लगवाकर श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को सामूहिक रूप से मनाया जाएगा। भजन संकीर्तन का आयोजन भी रखा गया है।
- बाल ब्रह्मचारी सतगुरुदेव कांता देवी जी महाराज।
- प्रभु श्रीराम हम सबके राम हैं। कण-कण व रोम-रोम में श्रीराम बसे हैं। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है। भक्तों को चाहिए कि प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद लोग शंख बजाएं और प्रसाद वितरण करें। अधिक से अधिक लोगों तक प्रसाद पहुंचना चाहिए। सांयकाल में सूर्यास्त के बाद घर के बाहरी दरवाजे पर पांच दीपक प्रभु की प्रसन्नता के लिए अवश्य जलाएं।
- ब्रह्मऋषि श्रीनाथ जी महाराज।
- श्रीराम हम सभी के आराध्य हैं। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होना संपूर्ण भारत के लिए हर्ष का विषय है। शहर के धार्मिक व सामाजिक संस्थानों में भी यह दिन उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर रामभक्तों में उत्साह है।
- ज्योतिषाचार्य निरंजन पराशर।
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रामलीला में श्रीराम का किरदार निभाकर उन्हें सुखद अनुभूति होती है। ऐसा लगता है कि श्रीराम उनके पास आ गए हैं। अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उत्साह है। अब तो देश में राम का राज होगा और रावण कहां बच पाएंगे। पूरे विश्व में भारत मां का विजयी तिरंगा लहराएंगे।
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- प्रमोद चोपड़ा, राम किरदार, न्यू रामा-कृष्णा ड्रामेटिक क्लब।
- राम कार्य के लिए कभी भी किसी निमंत्रण की आवश्यकता नहीं होती। यह प्रभु का और समाज का कार्य है। इसमें बिना निमंत्रण के भी अपना सहयोग करना चाहिए। हम सबको भी यह रामकाज बिना किसी स्वार्थ, सम्मान एवं पुरस्कार के बिना ही करना चाहिए।
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- दीवान सिंह, राम किरदार, श्री परशुराम रामलीला ड्रामेटिक क्लब।
- मंदिर का निर्माण अपने आप में गौरव की बात है। हम सबको गौरव महसूस करना चाहिए कि हम इस ऐतिहासिक क्षण को अपनी आंखों से देख पा रहे हैं। इतिहास इस बात का साक्षी रहेगा का कि हमने रामलला को विराजमान होते हुए देखा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी हम सबके साथ चलेगा कि श्रीराम का भव्य मंदिर अपने कालखंड के अंदर बना।
- पवन गंगवानी, राम किरदार, आदर्श रामलीला ड्रामेटिक क्लब।
- गत 23 वर्षों से जयभारत ड्रामेटिक क्लब अशोक नगर में राम जी का किरदार निभा रहा हूं। किरदार करते हुए श्रीराम की जो अनुभूति स्वयं काे होती है, श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा होने से वहीं अनुभूति अब हो रही है। अयोध्या से आए अक्षत करीब 2000 घरों में उसने खुद बांटे हैं। श्रीराम जी का नाम व प्रचार बहुत अच्छा लगा।
- जेपी धीमान, राम किरदार, जयभारत ड्रामेटिक क्लब।
- 500 वर्ष की त्याग एवं तपस्या के बाद हम सभी का संकल्प सिद्धि की ओर जा रहा है। रामलाल अयोध्या में मूर्तरूप में विराजमान हो रहे हैं। इस अवसर पर हम सबको घर-घर जाकर रामलला के आगमन की बधाई देनी चाहिए। टोलिया बनाकर घर-घर जाना चाहिए। समर्पित भाव से रामकाज करना चाहिए। व्यवसाय संस्थान एवं घर, मंदिर, संपूर्ण नगरी को भव्य रूप से सजाना चाहिए। भजन कीर्तन करना चाहिए, धर्म ध्वजा लहरानी चाहिए। मातृशक्ति से लेकर बच्चों तक इस कार्य में सम्मिलित होकर दीप उत्सव मनाना चाहिए।
- पंडित वेद पराशर, श्री अवध धाम मंदिर।
- श्री प्रेम मंदिर से संबंधित शहर में सभी 151 शाखाओं मैं श्री रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में उत्साहपूर्वक सामूहिक श्री रामचरितमानस के पाठ किया जा रहे हैं। इन सभी का भोग 22 जनवरी को लगाया जाएगा जब हमारे श्रीराम अपने स्थान पर विराजमान होंगे। सुबह श्री सुंदरकांड की सभी चौपाइयों के सामूहिक उच्चारण के साथ हवन किया जाएगा। मंदिर में एलईडी लगवाकर श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा उत्सव को सामूहिक रूप से मनाया जाएगा। भजन संकीर्तन का आयोजन भी रखा गया है।
- बाल ब्रह्मचारी सतगुरुदेव कांता देवी जी महाराज।
- प्रभु श्रीराम हम सबके राम हैं। कण-कण व रोम-रोम में श्रीराम बसे हैं। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है। भक्तों को चाहिए कि प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद लोग शंख बजाएं और प्रसाद वितरण करें। अधिक से अधिक लोगों तक प्रसाद पहुंचना चाहिए। सांयकाल में सूर्यास्त के बाद घर के बाहरी दरवाजे पर पांच दीपक प्रभु की प्रसन्नता के लिए अवश्य जलाएं।
- ब्रह्मऋषि श्रीनाथ जी महाराज।
- श्रीराम हम सभी के आराध्य हैं। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होना संपूर्ण भारत के लिए हर्ष का विषय है। शहर के धार्मिक व सामाजिक संस्थानों में भी यह दिन उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर रामभक्तों में उत्साह है।
- ज्योतिषाचार्य निरंजन पराशर।