फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   black ,day, rohtak, poat, closeed, two jat, widhayak, bahiskar

काला दिवस पर रोहतक रूट रहा बंद, दोनों जाट विधायकों का बहिष्कार

Sun, 26 Feb 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत। Updated Sun, 26 Feb 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
black ,day, rohtak, poat, closeed, two jat, widhayak, bahiskar
पानीपत - फोटो : पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

पानीपत। जाट समाज ने आरक्षण के लिए रविवार को भी हुंकार भरी। काला दिवस मनाकर सरकार को चेतावनी भी दी। बलिदान दिवस से अधिक लोगों के पहुंचने पर से प्रशासनिक अमला असहज हो गया। प्रदर्शन के दौरान समाज ने पानीपत के दोनों जाट विधायकों का समाज से बहिष्कार कर दिया। मंच से की गई इस घोषणा का सभी ने समर्थन किया। वहीं यूपी के पूर्व मंत्री चौधरी साहब सिंह और छपरौली विधायक बीरपाल ने धरने को रालोद की तरफ से समर्थन दिया। काला दिवस के चलते रोहतक जाने वाली बस सेवा पूरी तरह से बंद रही। देर शाम को मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई।  
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर उग्रा खेड़ी के स्टेडियम में चल रहे धरने के दौरान काला दिवस मनाया गया। जाट समाज के लोग सुबह से ही धरना स्थल पर पहुंचने लगे। दोपहर तक उग्रा खेड़ी का स्टेडियम समाज के लोगों से भर गया। धरने में महिला काली चुनरी, बुजुर्ग काला खंडका और युवा काला कपड़ा बांधकर शामिल हुए। उग्रा खेड़ी के करीब 70 युवा पुलिस के साथ ट्रैफिक व्यवस्था को संभाले रहे। सुरक्षा के लिए सनौली-हरिद्वार रोड पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया। धरने स्थल से 20 कदम दूर एसपी, डीसी और प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ तैनात रहे। डीएसपी दूहन ने शनिवार रात से धरनास्थल के आसपास गश्त बढ़ा दी थी। बलजीत नाके से धरनास्थल तक रातभर पुलिस पहरा देती रही। रविवार सुबह छह बजे के करीब स्टेडियम के आसपास दीवारों को भी चेक किया गया। क्योंकि, इससे पहले बलिदान दिवस पर कुछ शरारती तत्वों ने जाट समाज के प्रति गलत शब्द लिख दिए थे।
विज्ञापन

शांतिपूर्ण रहा धरना
रविवार को 29वें दिन धरना शांतिपूर्ण रहा। उत्तर प्रदेश के छपरौली से विधायक बीरपाल राठी, बड़ौत से पूर्व मंत्री साहब सिंह, उत्तर प्रदेश संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह वर्मा, वृंदावन कृपालु आश्रम से साध्वी पूर्वी साक्षी ने काला दिवस पर स्टेडियम पहुंच धरने को समर्थन दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि हरियाणा के जाटों के साथ यूपी का जाट खड़ा है। दो मार्च को जंतर-मंतर पर हरियाणा के साथ यूपी के जाट भी पहुंचेंगे। संघर्ष समिति के यूपी अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा ने कहा कि समय आ गया है कि हकों की लड़ाई तेज की जाए। आरक्षण सहित सभी सात मांगों को मनवाकर ही चैन की सांस लेंगे। बोले कि जाट समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। भाजपा झूठ बोलकर सत्ता में आई, लेकिन अब जाट समाज जाग चुका है। उन्होंने कहा कि यूपी में अपनी सरकार आने का दावा करने वाले नेताओं की उम्मीदों पर जाट समाज ने पानी फेर दिया है। रविवार को काला दिवस पर 29 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। अब तक 131 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इस अवसर पर प्रकाश वीर एडवोकेट मेरठ, प्रेमपाल, संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया, जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीपक खटखड़, पूर्व सरपंच बिंटू मलिक, एडवोकेट जगदीप घणघस, सुरेंद्र दहिया, सुरेश आर्य रिसालु, चतुर्भुज बुड़शाम, मास्टर मामन, रणधीर भालसी, सुरेश करहंस, रणबीर गुलिया बुड़शाम, रोहताश मास्टर, पूर्व सरपंच धर्मपाल, पूर्व सरपंच रघबीर सिंह, धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिमोट से चलती है सरकार
यूपी के गांव खरड़ के पूर्व सरपंच एवं समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार का रिमोट कंट्रोल दिल्ली में है। हरियाणा में सारा काम रिमोट से होता है। सरकार को रिमोट पर चलने की बजाय खुद सोचना चाहिए। भाजपा को जाट समाज की सातों मांगों को मान लेना चाहिए।
सपनों में दिखते है जाट
संघर्ष समिति यूपी के प्रदेश अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा ने कहा कि भाजपा के नेताओं को सपने में भी जाटों के धरने दिखते हैं। केंद्र और हरियाणा की सरकार उलझी हुई है। यदि सरकार सातों मांगों को मान लेती तो आज जाट समाज को धरना-प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
पानी को तरसे जवान
सुरक्षा के मद्देनजर तैनात किए गए सीआरपीएफ के जवान पीने के पानी के लिए भटकते रहे। सीआरपीएफ के करीब 15 जवानों ने सबमर्सिबल चलवाकर पानी की बोतलें भरीं और प्यास बुझाई। कुछ जवानों ने तो प्रशासन से मांग की है कि उनके आसपास पीने के पानी का उचित प्रबंध किया जाए।
सरकारी स्कूल में डाला डेरा
स्टेडियम में चल रहे धरने के ठीक सामने बने सरकारी स्कूल में उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे और पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने डेरा डाला। रविवार सुबह 11 बजे से ही स्कूल के पार्क में बैठकर धरने की पल-पल की जानकारी लेते रहे। डीसी और एसपी के अलावा एसडीएम विवेक चौधरी, तहसीलदार जिवेंद्र मलिक, डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन भी मौजूद रहे।
गाम राम का रहेगा अहसान
चंदा कमेटी के रामचंद्र डाहर ने कहा कि उग्रा खेड़ी का उन पर बड़ा अहसान है। गाम राम ने उन्हें बैठने के लिए जमीन दी है। उग्रा खेड़ी की तरफ से खानपान की जो सेवाएं दी जा रही है। इसका अहसान कभी नहीं उतर सकता। इसी को देखते हुए गांव डाहर की तरफ से 51 हजार रुपये का सहयोग उग्रा खेड़ी को दिया। हालांकि उग्रा खेड़ी के हरपाल मलिक ने राशि लेने से मना कर दिया। राशि को चंदे के तौर पर वापस रामचंद्र को दे दिया। हरपाल मलिक ने कहा कि उनका गांव उग्रा खेड़ी वैसे ही खानपान को जारी रखेगा। चाहे धरना एक साल ही क्यों न चले।
नोटबंदी से गुल्लक भी टूटीं
यूपी से आए पूर्व मंत्री साहब सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी करके बच्चों की गुल्लक तक तुड़वा दीं। उन्होंने कहा कि 15 लाख रुपये तो दूर एक अठन्नी भी नहीं मिली। केंद्र और हरियाणा में भाजपा झूठे वादे करके अपनी सरकार तो बना गई।
वाहनों की गिनती में उलझा खुफिया तंत्र
स्टेडियम में पहुंचने वाली भीड़ के वाहनों की गिनती करने में खुफिया तंत्र उलझा रहा। एक अधिकारी ट्रैक्टर-ट्रालियों की संख्या 132 बता रहा था तो दूसरा यह आंकड़ा 170 पार बता रहे थे। बाइक की गिनती भी कई बार की गई। एक अधिकारी ने बाइक की संख्या 450 बताई तो दूसरे ने 650 बताई। अधिकारी बार-बार वाहनों की गिनती करते रहे। एक अन्य अधिकारी ने रास्ता निकाला। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का आंकड़ा 182 और बाइक 600 बताईं। कार और जीप की संख्या 85 के करीब बताई गई। संघर्ष समिति ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या 322, बाइक 1600, कार और जीप की संख्या 150 होने का दावा किया है। समिति ने काला दिवस पर करीब 15 हजार लोगों के पहुंचने का दावा किया है, जबकि प्रशासन नौ हजार बात रहा है।
बच्चों ने भी मांगा आरक्षण
उग्रा खेड़ी के स्टेडियम में धरने में महिलाएं बच्चों के साथ पहुंची। इस दौरान बच्चे सरकार से आरक्षण देने की मांग के नारे लगाते रहे। बच्चों द्वारा हाथ उठाकर मांगें मान लेने के बार-बार नारे लगाए।

रोहतक की बसें बंद, नेट देर शाम चला
प्रशासन ने ऐतिहातन रोहतक जाने वाली बसों को बंद कर दिया था। इसके चलते करीब पांच बसों के 20 चक्कर नहीं लग सके। ऐसे में पानीपत से रोहतक आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हुई। दूसरे डिपो की बसें भी पानीपत-रोहतक के बीच नहीं चलीं। पानीपत से शामली-हरिद्वार जाने वाली बसों को भी करनाल से डायवर्ट किया गया। मोबाइल कंपनियों ने रविवार देर शाम को मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दीं। पानीपत-रोहतक रूट पर चलने वालीं बसों को विभाग ने दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed