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Panipat News: गणपति बप्पा मोरया अगले वर्ष तू जल्दी आ... जयघोष के साथ विदाई
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दिल्ली पैरलल नहर में गणेश विसर्जित करते श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। कुटानी रोड स्थित श्री अवध धाम मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय श्री अवध धाम गणपति महोत्सव का शुक्रवार को भगवान गणेश की प्रतिमा के जल विसर्जन के साथ श्रद्धा और उल्लास से समापन गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष तू जल्दी आ.. जयघोष के साथ गजानन को नम आंखों से विदाई दी गई।
दाऊजी महाराज की अध्यक्षता और प्रसिद्ध कथावाचक राधे-राधे महाराज के सानिध्य में आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राधे-राधे महाराज ने कहा कि गणपति अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। उन्हें अतिथि के रूप में घर लाकर पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से विदाई दी जाती है।
ज्योतिषाचार्य दाऊजी महाराज ने कहा कि वेदों में गणपति पूजन का विशेष विधान है। किसी भी कार्य को निर्विघ्न पूरा करने के लिए भगवान गणेश की उपासना की जाती है। उन्होंने कहा कि गणेश जी दुर्वा, पान और मोदक के भोग से भी प्रसन्न होकर भक्तों के बिगड़े काम बनाने वाले देवता हैं।
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ढोल-नगाड़ों के साथ निकली नगर परिक्रमा : कार्यक्रम की शुरुआत प्रात:काल मंगल आरती से हुई। महिला संकीर्तन मंडल ने भावपूर्ण विदाई गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की प्रतिमा की नगर परिक्रमा की गई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर और छबील लगाकर बप्पा का स्वागत किया। इसके बाद प्राचीन नहर पर प्रतिमा का जल विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर तिलकराज मिगलानी, महेश थरेजा, रमेश खन्ना, सुनील सिंगला, अशोक कंसल, पार्षद रॉकी गहलोत, पार्षद रजनी सुरेंद्र गर्ग, डॉ. रमेश चुघ, सतीश तागरा और प्रीतम गुर्जर मौजूद रहे।
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पानीपत। कुटानी रोड स्थित श्री अवध धाम मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय श्री अवध धाम गणपति महोत्सव का शुक्रवार को भगवान गणेश की प्रतिमा के जल विसर्जन के साथ श्रद्धा और उल्लास से समापन गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष तू जल्दी आ.. जयघोष के साथ गजानन को नम आंखों से विदाई दी गई।
दाऊजी महाराज की अध्यक्षता और प्रसिद्ध कथावाचक राधे-राधे महाराज के सानिध्य में आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राधे-राधे महाराज ने कहा कि गणपति अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। उन्हें अतिथि के रूप में घर लाकर पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से विदाई दी जाती है।
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ज्योतिषाचार्य दाऊजी महाराज ने कहा कि वेदों में गणपति पूजन का विशेष विधान है। किसी भी कार्य को निर्विघ्न पूरा करने के लिए भगवान गणेश की उपासना की जाती है। उन्होंने कहा कि गणेश जी दुर्वा, पान और मोदक के भोग से भी प्रसन्न होकर भक्तों के बिगड़े काम बनाने वाले देवता हैं।
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ढोल-नगाड़ों के साथ निकली नगर परिक्रमा : कार्यक्रम की शुरुआत प्रात:काल मंगल आरती से हुई। महिला संकीर्तन मंडल ने भावपूर्ण विदाई गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की प्रतिमा की नगर परिक्रमा की गई। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर और छबील लगाकर बप्पा का स्वागत किया। इसके बाद प्राचीन नहर पर प्रतिमा का जल विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर तिलकराज मिगलानी, महेश थरेजा, रमेश खन्ना, सुनील सिंगला, अशोक कंसल, पार्षद रॉकी गहलोत, पार्षद रजनी सुरेंद्र गर्ग, डॉ. रमेश चुघ, सतीश तागरा और प्रीतम गुर्जर मौजूद रहे।

दिल्ली पैरलल नहर में गणेश विसर्जित करते श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर