{"_id":"68571cccece33b3fcc02f32b","slug":"bid-for-sand-mining-lease-was-done-fraudulently-in-the-name-of-another-company-case-filed-panipat-news-c-244-1-pnp1012-139063-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: दूसरे की कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर छुड़वाई रेत खनन पट्टे की बोली, केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: दूसरे की कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर छुड़वाई रेत खनन पट्टे की बोली, केस
विज्ञापन
समालखा। यूपी के बागपत में किसी अन्य व्यक्ति की फर्म को अपनी फर्म बताकर रेत खनन का ठेका लेने और 20 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। आरोप बागपत के चार लोगों पर लगाए हैं। समालखा के एक व्यक्ति ने एसपी पानीपत को इसकी शिकायत दी है। समालखा थाना की पुलिस ने चार लोगों को नामजद खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
समालखा के रितेश शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी एमएल एंड कपंनी के नाम से फर्म है। उनकी समालखा के ही लच्छीराम वर्मा से जान पहचान थी। अगस्त 2022 में लच्छीराम ने बताया कि आनंदपाल निवासी बदरखा तहसील बडौत जिला बागपत, विजय राठी निवासी टिकरी बागपत, नरेंद्र चौधरी निवासी छपरौली बागपत सरकार से लाइसेंस लेकर यमुना नदी में रेप का खनन करते हैं। 2018 में उन्होंने लाइसेंस लेकर रेप का खनन किया था। लच्छीराम ने कहा कि आगे भी खनन पट्टों की नीलामी होनी है। रितेश शर्मा ने अपने साथी कुलदीप सिंह और रविंद्र सिंह से इस संबंध में बात की ओर खनन पट्टे में हिस्सेदारी की बात की। लच्छीराम ने उनकी मुलाकात आनंदपाल, विजय और नरेंद्र से करा दी। कई बार की मीटिंग होने पर भी उनकी हिस्सेदारी तय नहीं हुई।
इसी बीच छपरौली में रेप खनन की बोली लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। जिस पर उन्होंने भी आवेदन कर दिया। दिसंबर 2022 में बोली से दो घंटे पहले आनंदपाल ने कहा कि मनोज कुमार की रायल कंस्ट्रेक्शन कंपनी है ओर 2018 में बंद हुई उसकी एक अन्य कंपननी भी अभी तक मान्य है। मनोज कुमार विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है उसे खनन का अनुभव है। जिस कारण सभी ग्रुप बनाकर उसकी कंपनी के नाम बोली छुड़वा ले। इसके बाद 15-15 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय हो गई। साझेदारी के तहत उसने 16.52 लाख रुपये छपरौली और 25.10 लाख रुपये कोतना खान के लिए दिए। उन्होंने एग्रीमेंट करने को कहा तो उन्होंने नोएडा के आवास पर बुलाया। लेकिन, आरोपियों ने एग्रीमेंट नहीं किया। इसके बाद मनोज ने 30 लाख रुपये मांगे। 2023 में उसे 20 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जीएसटी विभाग से पता चला कि जिस फर्म के नाम पर बोली छुड़वाई थी वह मनोज की नहीं है। वहीं किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है। इसके बाद उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से भी इंकार कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
वर्जन :
पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दीपक, प्रभारी, थाना पुलिस सामलखा।
विज्ञापन
समालखा के रितेश शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी एमएल एंड कपंनी के नाम से फर्म है। उनकी समालखा के ही लच्छीराम वर्मा से जान पहचान थी। अगस्त 2022 में लच्छीराम ने बताया कि आनंदपाल निवासी बदरखा तहसील बडौत जिला बागपत, विजय राठी निवासी टिकरी बागपत, नरेंद्र चौधरी निवासी छपरौली बागपत सरकार से लाइसेंस लेकर यमुना नदी में रेप का खनन करते हैं। 2018 में उन्होंने लाइसेंस लेकर रेप का खनन किया था। लच्छीराम ने कहा कि आगे भी खनन पट्टों की नीलामी होनी है। रितेश शर्मा ने अपने साथी कुलदीप सिंह और रविंद्र सिंह से इस संबंध में बात की ओर खनन पट्टे में हिस्सेदारी की बात की। लच्छीराम ने उनकी मुलाकात आनंदपाल, विजय और नरेंद्र से करा दी। कई बार की मीटिंग होने पर भी उनकी हिस्सेदारी तय नहीं हुई।
विज्ञापन
इसी बीच छपरौली में रेप खनन की बोली लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। जिस पर उन्होंने भी आवेदन कर दिया। दिसंबर 2022 में बोली से दो घंटे पहले आनंदपाल ने कहा कि मनोज कुमार की रायल कंस्ट्रेक्शन कंपनी है ओर 2018 में बंद हुई उसकी एक अन्य कंपननी भी अभी तक मान्य है। मनोज कुमार विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है उसे खनन का अनुभव है। जिस कारण सभी ग्रुप बनाकर उसकी कंपनी के नाम बोली छुड़वा ले। इसके बाद 15-15 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय हो गई। साझेदारी के तहत उसने 16.52 लाख रुपये छपरौली और 25.10 लाख रुपये कोतना खान के लिए दिए। उन्होंने एग्रीमेंट करने को कहा तो उन्होंने नोएडा के आवास पर बुलाया। लेकिन, आरोपियों ने एग्रीमेंट नहीं किया। इसके बाद मनोज ने 30 लाख रुपये मांगे। 2023 में उसे 20 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जीएसटी विभाग से पता चला कि जिस फर्म के नाम पर बोली छुड़वाई थी वह मनोज की नहीं है। वहीं किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर है। इसके बाद उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से भी इंकार कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
वर्जन :
पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दीपक, प्रभारी, थाना पुलिस सामलखा।