{"_id":"66729398a7df652029087437","slug":"bhodwal-majri-girl-shivani-becomes-sdm-2024-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी शिवानी बनी एसडीएम, गांव भोडवाल माजरी में खुशी का माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेटी शिवानी बनी एसडीएम, गांव भोडवाल माजरी में खुशी का माहौल
Wed, 19 Jun 2024 01:45 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 19 Jun 2024 01:45 PM IST
सार
शिवानी ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई समालखा के चंदन बाल विकास स्कूल से पूरी की तथा एनआईटी कुरुक्षेत्र से सिविल इंजीनियरिंग में बीटैक की। उसके बाद शिवानी ने रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की।
विज्ञापन
शिवानी
- फोटो : फाइल
विस्तार
समालखा के गांव भोडवाल माजरी की 22 वर्षीय शिवानी पांचाल ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) की परीक्षा पास कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। शिवानी को एसडीएम पद पर नियुक्ति मिली है।
बीसी ए कैटेगरी में एचसीएस बनी शिवानी पांचाल गांव भोड़वाल माजरी के एक साधारण व संयुक्त परिवार से ताल्लुक रखती है। शिवानी की मां सविता एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं जबकि पिता दिलबाग सिंह की 2005 में सड़क दुघर्टना में मौत हो चुकी है।
शिवानी के चाचा नरेश पांचाल पुलिस में हैं। उन्होंने बताया कि शिवानी ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई समालखा के चंदन बाल विकास स्कूल से पूरी की तथा एनआईटी कुरुक्षेत्र से सिविल इंजीनियरिंग में बीटैक की। उसके बाद शिवानी ने रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शिवानी ने नौकरी के साथ साथ सेल्फ स्टडी भी जारी रखी। वह रोजाना सुबह पांच बजे से देर रात 10-11 बजे तक पढ़ती थी। उसकी मेहनत का नतीजा है कि आज वह एचसीएस परीक्षा पास करके एसडीएम बन गई है जिससे पूरे परिवार ही नहीं पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
बीसी ए कैटेगरी में एचसीएस बनी शिवानी पांचाल गांव भोड़वाल माजरी के एक साधारण व संयुक्त परिवार से ताल्लुक रखती है। शिवानी की मां सविता एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं जबकि पिता दिलबाग सिंह की 2005 में सड़क दुघर्टना में मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
शिवानी के चाचा नरेश पांचाल पुलिस में हैं। उन्होंने बताया कि शिवानी ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई समालखा के चंदन बाल विकास स्कूल से पूरी की तथा एनआईटी कुरुक्षेत्र से सिविल इंजीनियरिंग में बीटैक की। उसके बाद शिवानी ने रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शिवानी ने नौकरी के साथ साथ सेल्फ स्टडी भी जारी रखी। वह रोजाना सुबह पांच बजे से देर रात 10-11 बजे तक पढ़ती थी। उसकी मेहनत का नतीजा है कि आज वह एचसीएस परीक्षा पास करके एसडीएम बन गई है जिससे पूरे परिवार ही नहीं पूरे गांव में खुशी का माहौल है।