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भीम कर्मा ने अग्नि समुद्र में फेंक दी थी : राम प्रकाश
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- सेक्टर-12 स्थित श्री सनातन धर्म शिव मंदिर में शिव कथा पुराण का पाठ
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सेक्टर-12 स्थित श्री सनातन धर्म शिव मंदिर में सावन के सांतवें दिन शाम को पांच बजे शिव कथा पुराण पाठ व भजन-कीर्तन किया गया। मंदिर में सुबह से जलाभिषेक के लिए शिव भक्तों की संख्या बढ़ने लगी है। शाम को पांच बजे शिव पुराण की कथा पंडित राम प्रकाश पाठक ने सुनाई और भजन-कीर्तन कार्यक्रम मंदिर की महिला मंडली ने किया।
पंडित राम प्रकाश पाठक ने बताया कि इंद्र भगवान सभी देवताओं के साथ भगवान शिव से मिलने के लिए जाते हैं। तब रास्ते में भीम कर्मा उन्हें रोक लेते हैं और भगवान शिव से मिलने नहीं देते हैं। इंद्र भगवान क्रोध में भीम कर्मा पर वज्र से प्रहार कर देते हैं। भीम कर्मा ने अपने तीसरे नेत्र से अग्नि निकाली तो सभी भगवान डर गए और भीम कर्मा से माफी मांगी और उन्हें छोड़ने के लिए प्रार्थना की।
भीम कर्मा ने तब अग्नि को समुद्र में फेंक दी। समुद्र से जलंधर का जन्म हुआ। जलंधर बच्चा बड़ा होकर बलशाली व प्रभावशाली राजा बना। जिसने तीनों लोक पर शासन किया और अंत में भगवान शिव के हाथों मुक्ति मिली। पंडित पाठक ने बताया कि मंदिर में अब पूरे सावन माह में सुबह जलाभिषेक व शाम को शिव पुराण कथा व भजन-कीर्तन कार्यक्रम किया जाएगा। वे प्रतिदिन शाम को पांच बजे कथा सुनाएंगे और मंदिर की महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन कार्यक्रम किया जाएगा। कथा पुराण के बाद महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन किया गया। अब मंदिर में सावन माह तक प्रतिदिन ये कार्यक्रम किया जाएगा।
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पानीपत। सेक्टर-12 स्थित श्री सनातन धर्म शिव मंदिर में सावन के सांतवें दिन शाम को पांच बजे शिव कथा पुराण पाठ व भजन-कीर्तन किया गया। मंदिर में सुबह से जलाभिषेक के लिए शिव भक्तों की संख्या बढ़ने लगी है। शाम को पांच बजे शिव पुराण की कथा पंडित राम प्रकाश पाठक ने सुनाई और भजन-कीर्तन कार्यक्रम मंदिर की महिला मंडली ने किया।
पंडित राम प्रकाश पाठक ने बताया कि इंद्र भगवान सभी देवताओं के साथ भगवान शिव से मिलने के लिए जाते हैं। तब रास्ते में भीम कर्मा उन्हें रोक लेते हैं और भगवान शिव से मिलने नहीं देते हैं। इंद्र भगवान क्रोध में भीम कर्मा पर वज्र से प्रहार कर देते हैं। भीम कर्मा ने अपने तीसरे नेत्र से अग्नि निकाली तो सभी भगवान डर गए और भीम कर्मा से माफी मांगी और उन्हें छोड़ने के लिए प्रार्थना की।
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भीम कर्मा ने तब अग्नि को समुद्र में फेंक दी। समुद्र से जलंधर का जन्म हुआ। जलंधर बच्चा बड़ा होकर बलशाली व प्रभावशाली राजा बना। जिसने तीनों लोक पर शासन किया और अंत में भगवान शिव के हाथों मुक्ति मिली। पंडित पाठक ने बताया कि मंदिर में अब पूरे सावन माह में सुबह जलाभिषेक व शाम को शिव पुराण कथा व भजन-कीर्तन कार्यक्रम किया जाएगा। वे प्रतिदिन शाम को पांच बजे कथा सुनाएंगे और मंदिर की महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन कार्यक्रम किया जाएगा। कथा पुराण के बाद महिला मंडली द्वारा भजन-कीर्तन किया गया। अब मंदिर में सावन माह तक प्रतिदिन ये कार्यक्रम किया जाएगा।
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