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सावधान ! प्रकिया शुरू भी नहीं हुई कि फर्जी वेबसाइट पर भरवाए जाने लगे 134 ए के फर्जी फार्म
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सावधान! अगर आप अपने बच्चे को अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने के लिए 134-ए के फार्म भरवा रहे हैं तो सचेत हो जाएं। ये फार्म फर्जी हैं, जिस वेबसाइट पर इनको अपलोड किया जा रहा है या जिससे डाउनलोड कर इनको मैनुअल तरीके से भरा जा रहा है, सब फर्जी हैं। शिक्षा विभाग ने भी इनको गलत करार देते हुए इन फार्मों की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। अब जिला प्रशासन ऐसे कंप्यूटर कैफे संचालकों और फार्म भरवाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
प्राइवेट स्कूलों में जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए शिक्षा पाने का जरिया यानी 134 ए के इन फर्जी फार्मों को असल प्रक्रिया से पहले ही शुरू किया जा चुका है, जो न केवल विद्यार्थी और उसके अभिभावकों को गुमराह कर रहा है, बल्कि शिक्षा तंत्र को भी ठेंगा दिखा रहा है। खास बात ये है कि इन फार्मों पर आवेदन तिथि 6 मार्च से लेकर 31 मार्च तक की दी गई है, जिससे अभिभावक भी इनकी बिना जांच पड़ताल किए अंतिम आवेदन तिथि से पहले इनको भरवाने पर जुटे हैं। माना जा रहा है कि किसी भी फर्जी वेबसाइट पर अपना व्यक्तिगत डाटा अपलोड करना खतरे से खाली नहीं है। अब तक इसके लिए शिक्षा विभाग ने भी कोई मंजूरी नहीं दी हैं।
सभी को दी शिकायत, लेकिन नहीं मिला जवाब-
इसकी एक शिकायत दो जमा पांच मुद्दे संस्था के मीडिया प्रभारी सोकेंद्र बालियान ने जिला शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त समेत शिक्षा विभाग को भी ई-मेल भेजकर की थी। उनका कहना है कि उनकी शिकायत का अब तक कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में उनकी नियम134-ए के इंचार्ज बिजेंद्र से बात हुई और पता चला कि अब तक विभाग ने ऐसा कोई फार्म जारी ही नहीं किया है।
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फर्जी हैं फार्म, विभाग का कोई लेना देना नहीं- डीईओ
ये फार्म बिल्कुल फर्जी हैं। इनको गलत तरीके से भरवाया जा रहा है। इसका शिक्षा विभाग से कोई लेना देना तक नहीं है। विभाग की इन फार्मों के प्रति कोई जवाबदेही तक नहीं है। जिला प्रशासन ऐसे फर्जी काम करने और करवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेगा।
रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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प्राइवेट स्कूलों में जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए शिक्षा पाने का जरिया यानी 134 ए के इन फर्जी फार्मों को असल प्रक्रिया से पहले ही शुरू किया जा चुका है, जो न केवल विद्यार्थी और उसके अभिभावकों को गुमराह कर रहा है, बल्कि शिक्षा तंत्र को भी ठेंगा दिखा रहा है। खास बात ये है कि इन फार्मों पर आवेदन तिथि 6 मार्च से लेकर 31 मार्च तक की दी गई है, जिससे अभिभावक भी इनकी बिना जांच पड़ताल किए अंतिम आवेदन तिथि से पहले इनको भरवाने पर जुटे हैं। माना जा रहा है कि किसी भी फर्जी वेबसाइट पर अपना व्यक्तिगत डाटा अपलोड करना खतरे से खाली नहीं है। अब तक इसके लिए शिक्षा विभाग ने भी कोई मंजूरी नहीं दी हैं।
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सभी को दी शिकायत, लेकिन नहीं मिला जवाब-
इसकी एक शिकायत दो जमा पांच मुद्दे संस्था के मीडिया प्रभारी सोकेंद्र बालियान ने जिला शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त समेत शिक्षा विभाग को भी ई-मेल भेजकर की थी। उनका कहना है कि उनकी शिकायत का अब तक कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में उनकी नियम134-ए के इंचार्ज बिजेंद्र से बात हुई और पता चला कि अब तक विभाग ने ऐसा कोई फार्म जारी ही नहीं किया है।
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फर्जी हैं फार्म, विभाग का कोई लेना देना नहीं- डीईओ
ये फार्म बिल्कुल फर्जी हैं। इनको गलत तरीके से भरवाया जा रहा है। इसका शिक्षा विभाग से कोई लेना देना तक नहीं है। विभाग की इन फार्मों के प्रति कोई जवाबदेही तक नहीं है। जिला प्रशासन ऐसे फर्जी काम करने और करवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करेगा।
रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।