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बैंकों, एटीएम पर कैश खत्म, ग्राहकों की टेंशन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Tue, 29 Nov 2016 11:55 PM IST
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पानीपत। नोटबंदी के 22वें दिन भी जिले के 41 बैंकों, उनकी 168 शाखाओं और 211 एटीएम में कैश की किल्लत खत्म नहीं हुई है। हालात इनते खराब होते जा रहे हैं कि बैंक अब दस-दस के सिक्के बांटने की तैयारी में हैं। बैंक अधिकारियों ने बैंक में रखे हुए दस-दस सिक्कों का हिसाब लेना शुरू कर दिया है। अधिकारियों को किसी बैंक में दस-दस रुपये के तीन लाख के सिक्के हैं, तो किसी में पांच से सात लाख रुपये तक के दस-दस के सिक्के रखे हुए हैं। उपभोक्ताओं के करेंसी के नाम पर ये सिक्के देने की तैयारी है।
नोटबंदी के चलते मंगलवार को लोग सुबह ही कैश जमा कराने के लिए बैंकों की लाइन में लग गए। दूसरी तरफ कैश निकालने के लिए एटीएम के बाहर लाइन लग गईं। मंगलवार को एसबीआई के एटीएम भी दोपहर तक ही लोगों का साथ दे सके। एसबीआई के कुल 36 में से 30 एटीएम ही चले। छह बंद रहे। इसके बाद एटीएम पर भी ताला लटक गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई।
एक हजार की एक थैली बनाने शुरू किया
दस-दस के सिक्कों की एक हजार की एक थैली बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जीटी रोड स्थित सभी बैंकों में खासकर जिले के मुख्य बैंक एसबीआई और उसकी 16 शाखाओं में यह काम शुरू हो चुका है। एसबीआई में तीन लाख से अधिक के दस के सिक्के हैं। यूको में करीब पांच लाख, पीएनबी में साढ़े पांच लाख, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में करीब ढाई लाख और एचडीएफसी बैंक में तीन लाख रुपये के करीब दस के सिक्के रखे हैं। आने वाले दो दिनों में बैंकों के काउंटरों पर नोटों की जगह दस के सिक्के की थैलियां मिलनी शुरू की जाएंगी। यह काम सिर्फ आरबीआई से नोट नहीं आने की स्थिति में ही होगा।
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बैंक अधिकारी टालने में लगे
शहर के अधिकतर बैंकों में कैश नहीं है। शहर की जिन बैंकों में चार से पांच लाख बचा हुआ है, वे बैंक अपने ही उपभोक्ताओं को पैसे नहीं होने का हवाला देकर टालने में लगे हैं। इस कारण अधिकतर उपभोक्ता परेशान हैं। कई उपभोक्ता तो कई दिनों से हर रोज बैंक की लाइन में बैंक के बाहर खड़े हो जाते हैं। जब उनका नंबर आता है तो पता लगता है कि बैंक में कैश ही नहीं है। जीटी रोड पर स्थित एक बैंक में जो भी उपभोक्ता चेक लेकर आ रहे है। उन सभी को चार या छह हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।
बाकी बैंकों के अधिकारियों के दावे हवा में उड़े
जिले के एसबीआई के बैंक और उनकी शाखा को छोड़कर सभी बैंकों के दावे हवा में उड़े। निजी बैंक हर रोज अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने का वादा करते थे। आज वही बैंक कैश के लिए तरसा रहे हैं।
यूको बैंक में जमा कराए चार लाख के नोट
यूको बैंक में करीब एक बजकर 36 मिनट पर शहर के एक उपभोक्ता ने अपने अकांउट में दो-दो हजार के चार लाख के नोट जमा कराए। इस बैंक के अधिकारियों ने नो कैश का बोर्ड बाहर लगा दिया था इस उपभोक्ता के कैश जमा करने के बाद बैंक में भीड़ बढ़ गई। बैंक मैनेजर महेश कुमार ने बताया कि उन्होंने एक बजे ही नो कैश का साइन बोर्ड बाहर लगा दिया था। लेकिन, एक बजकर 36 मिनट पर शहर के एक मेडिकल स्टोर वाले ने बैंक में अपने खाते में चार लाख के दो-दो हजार के नए नोट जमा करा दिए। इसके बाद कैश का काम हो सका।
जिले में कैश नहीं आ रहा। इससे जिले के बैंकों स्थिति दयनीय होती जा रही है। जिले में चार दिनों से कैश नहीं आ रहा। इस वजह से अधिकतर बैंक सिक्के बांटने की तैयारी मेें हैं। आरबीआई चंडीगढ़ में अधिकारियों से बात की है। वहां से कैश जल्द आने की संभावना है।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।
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नोटबंदी के चलते मंगलवार को लोग सुबह ही कैश जमा कराने के लिए बैंकों की लाइन में लग गए। दूसरी तरफ कैश निकालने के लिए एटीएम के बाहर लाइन लग गईं। मंगलवार को एसबीआई के एटीएम भी दोपहर तक ही लोगों का साथ दे सके। एसबीआई के कुल 36 में से 30 एटीएम ही चले। छह बंद रहे। इसके बाद एटीएम पर भी ताला लटक गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई।
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एक हजार की एक थैली बनाने शुरू किया
दस-दस के सिक्कों की एक हजार की एक थैली बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जीटी रोड स्थित सभी बैंकों में खासकर जिले के मुख्य बैंक एसबीआई और उसकी 16 शाखाओं में यह काम शुरू हो चुका है। एसबीआई में तीन लाख से अधिक के दस के सिक्के हैं। यूको में करीब पांच लाख, पीएनबी में साढ़े पांच लाख, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में करीब ढाई लाख और एचडीएफसी बैंक में तीन लाख रुपये के करीब दस के सिक्के रखे हैं। आने वाले दो दिनों में बैंकों के काउंटरों पर नोटों की जगह दस के सिक्के की थैलियां मिलनी शुरू की जाएंगी। यह काम सिर्फ आरबीआई से नोट नहीं आने की स्थिति में ही होगा।
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बैंक अधिकारी टालने में लगे
शहर के अधिकतर बैंकों में कैश नहीं है। शहर की जिन बैंकों में चार से पांच लाख बचा हुआ है, वे बैंक अपने ही उपभोक्ताओं को पैसे नहीं होने का हवाला देकर टालने में लगे हैं। इस कारण अधिकतर उपभोक्ता परेशान हैं। कई उपभोक्ता तो कई दिनों से हर रोज बैंक की लाइन में बैंक के बाहर खड़े हो जाते हैं। जब उनका नंबर आता है तो पता लगता है कि बैंक में कैश ही नहीं है। जीटी रोड पर स्थित एक बैंक में जो भी उपभोक्ता चेक लेकर आ रहे है। उन सभी को चार या छह हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।
बाकी बैंकों के अधिकारियों के दावे हवा में उड़े
जिले के एसबीआई के बैंक और उनकी शाखा को छोड़कर सभी बैंकों के दावे हवा में उड़े। निजी बैंक हर रोज अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने का वादा करते थे। आज वही बैंक कैश के लिए तरसा रहे हैं।
यूको बैंक में जमा कराए चार लाख के नोट
यूको बैंक में करीब एक बजकर 36 मिनट पर शहर के एक उपभोक्ता ने अपने अकांउट में दो-दो हजार के चार लाख के नोट जमा कराए। इस बैंक के अधिकारियों ने नो कैश का बोर्ड बाहर लगा दिया था इस उपभोक्ता के कैश जमा करने के बाद बैंक में भीड़ बढ़ गई। बैंक मैनेजर महेश कुमार ने बताया कि उन्होंने एक बजे ही नो कैश का साइन बोर्ड बाहर लगा दिया था। लेकिन, एक बजकर 36 मिनट पर शहर के एक मेडिकल स्टोर वाले ने बैंक में अपने खाते में चार लाख के दो-दो हजार के नए नोट जमा करा दिए। इसके बाद कैश का काम हो सका।
जिले में कैश नहीं आ रहा। इससे जिले के बैंकों स्थिति दयनीय होती जा रही है। जिले में चार दिनों से कैश नहीं आ रहा। इस वजह से अधिकतर बैंक सिक्के बांटने की तैयारी मेें हैं। आरबीआई चंडीगढ़ में अधिकारियों से बात की है। वहां से कैश जल्द आने की संभावना है।
राकेश वर्मा, एलडीएम, पानीपत।