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घाटे में लगे टेंडरों के कार्यों पर रोक, नोटिस जारी, रद्द करने की तैयारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:54 PM IST
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Ban on works of tenders engaged in loss, issue of notice, preparation for cancellation
नगर निगम ने 40 प्रतिशत तक घाटे में लिए गए सभी विकास कार्यों के टेंडरों के वर्क ऑर्डरों पर रोक लगा दी है। ग्रामीण और शहर विधानसभा में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत के 70 विकास कार्यों के वर्क आर्डर होल्ड किए जा चुके हैं। अब इनकी एजेंसियों को नोटिस दिया जा रहा है। जिसमें एजेंसी मालिकों और ठेकेदारों से जवाब मांगा गया है। इसके बाद टेंडरों की सिक्योरिटी निगम खत्म करेगा, साथ ही टेंडर भी रद्द होंगे।
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बता दें कि इतने ज्यादा घाटे में काम करने के बाद भी ठेकेदार का मुनाफा और खर्चों के बाद काम की गुणवत्ता पर सवालिया निशान बन गए हैं। जिसे अमर उजाला ने अपने कई अंकों में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इसके बाद निगम ने ऐसे ठेकेदारों और एजेंसियों को चिह्नित किया, जिनके काम 10 से 40 प्रतिशत तक के घाटे में थे। इनको नोटिस जारी किया गया। अब देखना ये है कि इनके जवाब में अधिकारी संतुष्ट होते हैं या नहीं।
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इन विधानसभाओं में इतने के हैं टेंडर
नगर निगम की शहरी विधानसभा में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत के 30 विकास कार्य ऐसे पाए गए हैं, जिनमें लागत से 40 प्रतिशत तक काम घाटे में लिया गया है। खास बात ये है कि इन कामों को करने वाली एजेंसी महज 10 के करीब हैं। इस हिसाब से तकरीबन एक एजेंसी के पास तीन तीन काम हैं।
दूसरी तरफ ग्रामीण विधानसभा में करीब 20 करोड़ रुपये के 40 विकास कार्य ऐसे मिले हैं, जिनमें 10 से 40 प्रतिशत तक काम घाटे में है। इनमें करीब 15 एजेंसी ऐसी हैं, जिन्होंने ये काम लिए हैं।
10 प्रतिशत से ज्यादा माना जाता है संदिग्ध
निगम अधिकारियों के अनुसार किसी भी विकास कार्य के बजट का अगर एजेंसी या ठेकेदार दस प्रतिशत तक काम घाटे में लेता है तो वह काम को करने की क्षमता रखता है। अगर घाटा दस प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच जाता है तो अपने आप में संदिग्धता के घेेरे में आ जाता है।

गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, करेंगे रद्द : कल्याण
किसी भी काम में गुणवत्ता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। ज्यादा घाटे वाले काम की एजेंसियों को नोटिस दिया गया है। अब उनके टेंडर रद्द किए जा सकते हैं।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, ग्रामीण विस, नगर निगम।
नोटिस देकर मांगा जवाब, ईएमडी होगी खत्म : सहरावत
ज्यादा घाटे वाले विकास कार्यों के ठेकेदारों व एजेंसियों को नोटिस बांटे जा रहे हैं। इन टेंडरों की ईएमडी खत्म की जा सकती है। वहीं, टेंडर तक रद्द किए जा सकते हैं। गुणवत्ता से समझौता नहीं होने देंगे।
नवीन सहरावत, एक्सईएन, शहरी विस, नगर निगम।
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