फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Baazigar became after shedding compulsions in the sweat of hard work

Panipat News: परिश्रम के पसीने में मजबूरियां बहाकर बने ‘बाजीगर’

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Aug 2023 02:38 AM IST
विज्ञापन
Baazigar became after shedding compulsions in the sweat of hard work
पानीपत। बाधाओं से डरकर पीछे हटने के बजाय उन्हें पार करने वालों की यह दुनिया हमेशा कायल रही है। रेरकलां गांव के राजेश बाजीगर ने सात साल के कठिन परिश्रम के बाद राजोरा क्लासिक बॉडी बिल्डिंग फिटनेस चैंपियनशिप में पहला स्थान हासिल कर इसे साबित कर दिया। आज आसपास के राज्यों के युवा बॉडी बिल्डर भी उनसे डाइट और अभ्यास के टिप्स लेते हैं।
विज्ञापन

राजेश का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। पिता पेशे से मैकेनिक थे और चार बच्चों के लालन-पालन में ही ज्यादातर पैसे खर्च हो जाते थे। राजेश 18 साल के हुए थे कि पिता ने उनकी शादी कर दी। साल 2016 में जिम में बॉडी बनाने का सपना पूरा करने में जुट गए। नियमित कसरत करने लगे तो गठीले बदन पर मेहनत साफ दिखने लगी। वर्ष 2018 में बड़े भाई अमित को पिकअप ने टक्कर मारी तो दोनों टांगे टूट गईं। बड़े भाई के परिवार का खर्च भी उनके कंधों पर आया तो आर्थिक तंगी ने जिम छुड़वा दी। चार महीने जिम नहीं गए तो कोच रवि और विक्की तलाशते हुए घर पहुंच गए। दोबारा कसरत शुरू कराई तो बॉडी बिल्डिंग में छाप छोड़ दी। वे नंद नगरी दिल्ली में होने वाली वर्ल्ड मिस्टर एंड मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए अगली प्रतियोगिताओं की तैयारी शुरू करेंगे।
विज्ञापन

राजेश ने बताया कि वे अपनी डाइट में कभी मांसाहार का इस्तेमाल नहीं करते हैं। घर में बनी सब्जियां, फल और सलाद ही शामिल करते हैं। नशे को शरीर के लिए हानिकारक मानते हैं। उनका मानना है कि बॉडी बनाने के लिए किसी जीव की हत्या गलत है। वे युवाओं को भी मांसाहार से परहेज करने की प्रेरणा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉडी बिल्डर राजेेश ने बताया कि आज युवा फिल्मी स्टार की तरह बॉडी तो बनाना चाहता है, लेकिन लंबे समय तक अभ्यास करने के लिए तैयार नहीं है। युवा जल्द ही वजन बढ़ाने, बॉडी में शेप और कटिंग लाने के लिए स्टेरॉयड, प्रोटीन और सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं। इनके इस्तेमाल से एक बार तो बाॅडी बन जाती है, मगर बाद में दुष्परिणाम सामने आते हैं।

राजेश ने बताया कि वे फिलहाल रिफाइनरी की एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी कर रहे हैं। 16 हजार रुपये महीने के वेतनमान में दो बच्चों के पालन-पोषण के साथ-साथ अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चुनौतीपूर्ण रहता है, लेकिन जिंदगी के तजुर्बे ने उन्हें परिस्थितियों से तालमेल बैठाना सिखा दिया है। कई बार पूरी डाइट नहीं मिलती, तो कमी खलती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed