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आयुष्मान : 30 हजार लोगों के लिए संजीवनी
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पानीपत। आयुष्मान भारत योजना को लॉन्च हुए पौने पांच साल हो चुके हैं। यह योजना 30 हजार लोगों के लिए संजीवनी साबित हुई है। जिले के 21 अस्पतालों ने 35 करोड़ रुपये मरीजों के इलाज पर खर्च किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत योजना को चिरायु योजना में समाहित कर दिया है। आयुष्मान योजना के पोर्टल को बंद किया जा चुका है। जिले में अब तक 4.55 लाख लोगों का चिरायु योजना के तहत गोल्डन कार्ड बना है।
स्वास्थ्य याेजना का लाभ लेने में हमारे जिले के लाभार्थी प्रदेश के 10 जिलाें से पीछे चल रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग आशा वर्कराें, जागरूकता कैंप और आईटीआई छात्राें के माध्यम से कार्ड बनवाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
23 सितंबर 2018 काे केंद्र सरकार ने 2011 के जनसंख्या सर्वें में मिले गरीबाें के लिए आयुष्मान याेजना लाॅन्च की थी, लेकिन इसमें तमाम गरीबाें काे लाभ नहीं मिला। प्रदेश सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए आर्थिक आधार (सालाना आय 1.80 लाख से कम) वाले लाेगाें के लिए 21 फरवरी 2022 काे चिरायु याेजना लाॅन्च की थी। याेजना के लाभार्थियाें काे आयुष्मान याेजना में शामिल किया गया था, ताकि लाेगाें काे सालाना पांच लाख रुपये का इलाज मिले, लेकिन लाेग कार्ड बनवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अब तक जिले में 1.20 लाख लोगों को ट्रेस नहीं किया जा सका है। इसके लिए अब भी सर्वे चल रहा है।
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यह है जिले का आंकड़ा-
टारगेट आयुष्मान और चिरायु : 5,75,356
आयुष्मान कार्ड बने : 1,34,896
चिरायु कार्ड बने : 3,20,116
कुल कार्ड बने : 4,55,116
चिरायु कार्ड बनाने का लक्ष्य : 4,40,460
लंबित कार्ड : 1,20,344
चिरायु कार्ड फीसदी : 70 फीसदी
चिरायु याेजना लाभकारी है। अब भी 30 प्रतिशत लोगों के कार्ड बनने बाकी हैं। इसके लिए विशेष तौर पर सर्वे भी किया जा रहा है। लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। लोगों से अपील है कि जो भी इस योजना के पात्र हैं, वे इसका लाभ लें। याेजना के लाभार्थी कार्ड बनते ही सिविल अस्पताल में निराेगी हरियाणा याेजना के तहत अपने शरीर की जांच भी कराएं। इसके बाद अगर काेर्ई बीमारी मिले ताे उसका कार्ड के माध्यम से मुफ्त इलाज लें।
- डाॅ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।
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स्वास्थ्य याेजना का लाभ लेने में हमारे जिले के लाभार्थी प्रदेश के 10 जिलाें से पीछे चल रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग आशा वर्कराें, जागरूकता कैंप और आईटीआई छात्राें के माध्यम से कार्ड बनवाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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23 सितंबर 2018 काे केंद्र सरकार ने 2011 के जनसंख्या सर्वें में मिले गरीबाें के लिए आयुष्मान याेजना लाॅन्च की थी, लेकिन इसमें तमाम गरीबाें काे लाभ नहीं मिला। प्रदेश सरकार ने इसे आगे बढ़ाते हुए आर्थिक आधार (सालाना आय 1.80 लाख से कम) वाले लाेगाें के लिए 21 फरवरी 2022 काे चिरायु याेजना लाॅन्च की थी। याेजना के लाभार्थियाें काे आयुष्मान याेजना में शामिल किया गया था, ताकि लाेगाें काे सालाना पांच लाख रुपये का इलाज मिले, लेकिन लाेग कार्ड बनवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अब तक जिले में 1.20 लाख लोगों को ट्रेस नहीं किया जा सका है। इसके लिए अब भी सर्वे चल रहा है।
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यह है जिले का आंकड़ा-
टारगेट आयुष्मान और चिरायु : 5,75,356
आयुष्मान कार्ड बने : 1,34,896
चिरायु कार्ड बने : 3,20,116
कुल कार्ड बने : 4,55,116
चिरायु कार्ड बनाने का लक्ष्य : 4,40,460
लंबित कार्ड : 1,20,344
चिरायु कार्ड फीसदी : 70 फीसदी
चिरायु याेजना लाभकारी है। अब भी 30 प्रतिशत लोगों के कार्ड बनने बाकी हैं। इसके लिए विशेष तौर पर सर्वे भी किया जा रहा है। लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। लोगों से अपील है कि जो भी इस योजना के पात्र हैं, वे इसका लाभ लें। याेजना के लाभार्थी कार्ड बनते ही सिविल अस्पताल में निराेगी हरियाणा याेजना के तहत अपने शरीर की जांच भी कराएं। इसके बाद अगर काेर्ई बीमारी मिले ताे उसका कार्ड के माध्यम से मुफ्त इलाज लें।
- डाॅ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।