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Panipat News: आर्य कॉलेज की छात्रा अनु मलिक भारतीय हैंडबाल टीम में शामिल
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पानीपत। आर्य पीजी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा अनु मलिक का चयन हैंडबाल की भारतीय टीम में चयन हुआ है। वह स्पेन देश में होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी हैंडबॉल चैंपियनशिप में भाग लेंगी। अनु के चयन पर उनके गांव उग्रा खेड़ी में भी खुशी का माहौल है। किसान की बेटी से पूरे गांव को पदक की उम्मीद है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने अनु मलिक व उनके परिजनों को बधाई दी हैं। उन्होंने बताया कि अनु मलिक होनहार खिलाड़ी हैं। वह स्पेन में 30 जून तक चलने वाली चैंपियनशिप में भाग लेंगी। जिसमें ब्राजील, चिली, फ्रांस, पोलैंड, भारत, स्पेन व नीदरलैंड जैसी टीमें भाग ले रही हैं। अनु मलिक ने बताया कि उसके पिता जगबीर मलिक खेती बाड़ी करते हैं और मां सुमित्रा देवी गृहिणी हैं। वह तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर की है। उससे छोटा उसका भाई है। उसने अपने चचेरे भाई अमन मलिक को देखकर हैंडबाल खेलना शुरू किया। अमन ने उसका पूरा सहयोग किया और वह आज मुकाम पर पहुंची हैं। अमन मलिक खुद हैंडबाल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और वह 25 पदक जीत चुका है।
अनु मलिक ने बताया कि उसने शुरुआत में गांव के स्टेडियम में हैंडबाल का अभ्यास किया। इसके बाद नरवाना में खेलने लगी। उसने कई साल कोच शिवानी संधु की देखरेख में दिल्ली में अभ्यास किया। कोच शिवानी संधु का पिछले दिनों गुजरात के गांधीनगर में तबादला हो गया। उसने साई सेंटर गांधीनगर में अभ्यास शुरू किया।
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22 वर्षीय अनु मलिक पदकों की झड़ी लगा चुकी हैं। अनु मलिक ने बताया कि वह छह बार सीनियर नेशनल खेल चुकी हूं। इनमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। सब जूनियर में दो स्वर्ण और जूनियर नेशनल में एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अंडर-14 नेशनल में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। अंडर-19 नेशनल में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक लाकर देश का नाम रोशन करना चाहती है।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने अनु मलिक व उनके परिजनों को बधाई दी हैं। उन्होंने बताया कि अनु मलिक होनहार खिलाड़ी हैं। वह स्पेन में 30 जून तक चलने वाली चैंपियनशिप में भाग लेंगी। जिसमें ब्राजील, चिली, फ्रांस, पोलैंड, भारत, स्पेन व नीदरलैंड जैसी टीमें भाग ले रही हैं। अनु मलिक ने बताया कि उसके पिता जगबीर मलिक खेती बाड़ी करते हैं और मां सुमित्रा देवी गृहिणी हैं। वह तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर की है। उससे छोटा उसका भाई है। उसने अपने चचेरे भाई अमन मलिक को देखकर हैंडबाल खेलना शुरू किया। अमन ने उसका पूरा सहयोग किया और वह आज मुकाम पर पहुंची हैं। अमन मलिक खुद हैंडबाल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और वह 25 पदक जीत चुका है।
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अनु मलिक ने बताया कि उसने शुरुआत में गांव के स्टेडियम में हैंडबाल का अभ्यास किया। इसके बाद नरवाना में खेलने लगी। उसने कई साल कोच शिवानी संधु की देखरेख में दिल्ली में अभ्यास किया। कोच शिवानी संधु का पिछले दिनों गुजरात के गांधीनगर में तबादला हो गया। उसने साई सेंटर गांधीनगर में अभ्यास शुरू किया।
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22 वर्षीय अनु मलिक पदकों की झड़ी लगा चुकी हैं। अनु मलिक ने बताया कि वह छह बार सीनियर नेशनल खेल चुकी हूं। इनमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। सब जूनियर में दो स्वर्ण और जूनियर नेशनल में एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अंडर-14 नेशनल में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। अंडर-19 नेशनल में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक लाकर देश का नाम रोशन करना चाहती है।