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Panipat News: सनौली यमुना घाट पर श्रद्धालुओं के लिए किए इंतजाम
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सनौली। हरियाणा व यूपी बॉर्डर स्थित यमुना नदी में वीरवार को होने वाले जेठ दशहरा व गंगा दशहरा को लेकर दोनों प्रदेशों के प्रशासन ने संयुक्त रूप से तैयारी पूरी कर ली है। हरियाणा व यूपी प्रशासन द्वारा पहली बार इस तरह से संयुक्त रूप से बैठक कर तैयारियां की गई हैं। गंगा दशहरा पर यमुना नदी में हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए आते है। यूपी के कैराना के तहसीलदार अर्जुन सिंह ने जेसीबी मशीन से पानीपत के सनौली की तरफ यमुना घाट की सारी सफाई कराई। महिला श्रद्धालुओं के लिए यमुना घाट पर कपड़े बदलने के लिए आठ बूथ बनाए गए। यूपी के 26 व पानीपत के सात गोताखोर यमुना घाट पर मोटर बोट के साथ तैनात रहेंगे। प्रशासन की ओर से यमुना घाट पर लाइटें भी लगाई गई है। जिससे श्रद्धालुओंं को कोई परेशानी न हो।
सनौली खुर्द के थाना प्रभारी एसआई विनोद कुमार ने बताया कि गंगा दशहरा को लेकर दोनों प्रदेशों के पुलिस प्रशासन ने सारी तैयारियां कर ली गई है। गंगा दशहरा को लेकर पुलिस कर्मियों की अलग-अलग डयूटी लगाई है। महिला श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए महिला पुलिस कर्मियों को भी विशेष तौर पर बुलाया गया है।
बॉक्स
यह है है मान्यता
यमुना मंदिर के पुजारी सुभाष गिरी महाराज ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस साल जेठ दशहरा, गंगा दशहरा का पर्व 5 जून 2025 बुधवार को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर उतरी थी लेकिन पृथ्वी उनकी तेज धारा को संभाल नहीं सकती थी। इसलिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित कर धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया। यही कारण है कि गंगा दशहरा के दिन भगवान शिव की भी पूजा की जाती है।
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सनौली खुर्द के थाना प्रभारी एसआई विनोद कुमार ने बताया कि गंगा दशहरा को लेकर दोनों प्रदेशों के पुलिस प्रशासन ने सारी तैयारियां कर ली गई है। गंगा दशहरा को लेकर पुलिस कर्मियों की अलग-अलग डयूटी लगाई है। महिला श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए महिला पुलिस कर्मियों को भी विशेष तौर पर बुलाया गया है।
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यह है है मान्यता
यमुना मंदिर के पुजारी सुभाष गिरी महाराज ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस साल जेठ दशहरा, गंगा दशहरा का पर्व 5 जून 2025 बुधवार को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता है कि राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर उतरी थी लेकिन पृथ्वी उनकी तेज धारा को संभाल नहीं सकती थी। इसलिए भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित कर धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया। यही कारण है कि गंगा दशहरा के दिन भगवान शिव की भी पूजा की जाती है।
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