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Panipat News: पराली जलाने के मामले घटते ही 40 अंक गिरा एक्यूआई, अब ग्रीन जोन में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Oct 2023 02:04 AM IST
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AQI dropped by 40 points as cases of stubble burning decreased, now in green zone
पानीपत। जिले में पराली जलाने के मामलों में कमी आते ही एयर क्वालिटी इंडेक्स 40 अंक गिर गया है। अब जिले का एक्यूआई ग्रीन जोन में 91 अंक पर आ गया है। यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। तीन दिन से एक्यूआई 100 से नीचे है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई 97 दर्ज किया गया था। एक्यूआई के कम होने का बड़ा कारण पिछले दिनों हुई बरसात भी है। बरसात में स्मॉग की परत टूट गई है। हवा के कण जमीन से ऊपर उठ गए हैं। एक अक्तूबर से जिले में 19 केवीए से अधिक क्षमता के जेनरेटर भी बंद हैं। इसका भी पर्यावरण पर अनुकूल प्रभाव पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह में पराली जलाने का एक मामला भी सामने नहीं आया है। जिले में इस साल 12 किसानों पर पराली जलाने पर केस दर्ज किया गया है। लगभग 25 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया है।
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अक्तूबर 2022 में महज चार दिन एक्यूआई ग्रीन जोन यानी 100 से नीचे रहा था। तीन दिन ऑरेंज जोन में व एक दिन रेड जोन में रहा था। 23 दिन एक्यूआई येलो जोन में रहा था, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। पिछले साल अक्तूबर का एक्यूआई औसतन 200 था। इस साल अब तक चार दिन एक्यूआई येलो जोन में रहा है। 16 दिन ग्रीन जोन में रहा है। इस साल अक्तूबर का एक्यूआई औसतन 90 रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। इससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी राहत की सांस ली है।
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प्रदूषण स्तर में कमी आने के कारण-

- उद्योगों में कोयले का इस्तेमाल बंद।
- पराली जलाने की घटनाओं पर रोक।
- 19 केवीए से अधिक क्षमता के जेनरेटर पर रोक।
- उद्योगों में अब बायोमास व पीएनजी का इस्तेमाल।
- उद्यमियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता।
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले तीन वर्षों में 50 उद्योगों पर पर्यावरण को खराब करने पर कार्रवाई की।

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट स्पष्ट कर चुका है कि अगर एक्यूआई 200 अंक पहुंचा तो उद्योगों का निरीक्षण किया जाएगा। जहां पर जेनरेटर चलते मिले, उन पर कार्रवाई की जाएगी। अब तक एक्यआई अधिकतम 127 दर्ज किया गया है। ग्रैप का दूसरा चरण एक नवंबर से लागू हो सकता है, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक लग सकती है। सभी विभागों की पर्यावरण को स्वच्छ करने की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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पर्यावरण को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त है। इस साल पिछले साल के मुकाबले स्थिति बेहतर है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर्यावरण के खिलाफ काम करने वालों से सख्ती से निपटेगा।

- प्रदीप कुमार, एसडीओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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